इंदौर. देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में कोरोना वैक्सीनेशनके प्रति दिनभर बड़ा उत्साह दिखाई दिया. लोकल नेता सुबह से बाहर निकले और लोगों को वैक्सीन लगवाने के लिए प्रोत्साहित किया. विधायक, मंत्री, सांसद ने शहर का दौरा कर लोगों को उत्साह बढ़ाया.
कोरोना से बचाव के लिए इंदौर सहित पूरे प्रदेश में भी आज से वैक्सीन महाअभियान की शुरुआत हुई. इस महा अभियान के दौरान वैक्सीनेशन कराने वाले और वैक्सीन लगाने वाले स्टॉफ का हौसला बढ़ाने बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय राऊ के इमराल्ड हाइट्स स्कूल पहुंचे. वहां ड्राइव इन वैक्सीन सेंटर बनाया गया है. जिसमें लोग टू व्हीलर, थ्री व्हीलर और फोर व्हीलर पर बैठकर की वैक्सीन लगवाने आए.
फिर रिकॉर्ड की ओर
विजयवर्गीय ने वैक्सीन लगवाने आए लोगों से मुलाकात की और वैक्सीन लगा रहे स्टॉफ का उत्साह बढ़ाया. उन्होने कहा इंदौर ने जनभागीदारी से काम करके बड़े बड़े कीर्तिमान रचे हैं. इंदौर की जनता जनभागीदारी से काम करने में सक्षम है. ये वैक्सीनेशन अभियान भी जनभागीदारी से किया जा रहा है. जनभागीदारी से जो काम होता है वो सफल रहता है. जिस तरह सफाई में इंदौर ने इतिहास रचा है उसी तरह वैक्सीनेशन में भी इंदौर देश के लिए एक आदर्श उदाहऱण पेश करेगा. उन्होंने अपील की कि कोविड से निपटने के लिए वैक्सीनेशन, खानपान, व्यायाम और प्राणायाम इसकी चिंता करें.
साइकिल पर सवार मंत्री और सांसद
इस महाअभियान के लिए इंदौर जिले को पहली ही खेप में वैक्सीन के तीन लाख डोज मिले हैं. इसमें 2 लाख 77 हजार डोज कोविशील्ड के और 23 हजार कोवैक्सीन के हैं. इस अभियान में 18 प्लस वाले व्यक्ति जिले में बने 1052 केंद्रों पर वैक्सीन लगवा रहे हैं. वैक्सीनेशन महाअभियान का शुभारंभ जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने खजराना गणेश परिसर में बने सेंटर से किया. उसके बाद वो सांसद शंकर लालवानी के साथ साइकल पर सवार होकर लोगों से वैक्सीन लगवाने की अपील करने निकले. सिलावट ने कहा जिस तरह इंदौर ने सफाई में नंबर वन बनकर इतिहास रचा है. उसी तरह इंदौर वैक्सीनेशन में इतिहास रचेगा. उन्होंने लोगों से कहा कि कोरोना की संभावित तीसरी लहर से बचाव के लिए वैक्सीनेशन जरूर करवाएं.
वैक्सीनेशन सेंटर पर खिचड़ी और गुब्बारे
खजराना गणेश मंदिर में वैक्सीनेशन सेंटर खास अंदाज में बनाया गया था. इसमें गुब्बारों से गेट बनाए गए थे. आकर्षक ढ़ंग से पूरे सेंटर को सजाया गया था. इसके अलावा सेंटर पर खिचड़ी के प्रसाद के अलावा लोगों के चाय नाश्ते की व्यवस्था भी की गई थी. लोगों के आराम करने के लिए बेड भी लगाए गए थे

