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स्कूल बचाओ यात्रा के तीसरे दिन यात्रा पहुंची गोपालपुरा , मातापुरा , पटेलनगर ….गली गली में जाएंगे , स्कूल हम बचाएंगे ।

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हम स्कूल बचाने निकले है, आओ हमारे साथ चलो ।

स्कूल बचाओ यात्रा आज अपने तीसरे दिन कैंट के भिविन्न क्षेत्र गोपालपुरा , पेंशनर मोहल्ला , मातापुरा , पटेलनगर , गुलाबगंज से जनगीत गाते हुए व नारे लगाते हुए आम जन को शामिल करने की अपील के साथ आगे बढ़ते हुए कैंट चौराहा पर तीसरे दिन का समापन किया गया । क्षेत्र के भिविन्न चौक चौराहा , स्कूल के बाहर यात्रा को समितियों के साथियों द्वारा सम्बोदित किया गया । स्कूल बचाओ संघर्ष समिति के साथियों ने यात्रा को सम्बोदित करते हुए कहा कि आज सरकारी स्कूलों की हालत बहुत दयनीय है मातापुरा के सरकारी स्कूल में भवन जर्जर स्थिति में है यहाँ एक भी कक्ष बैठने लायक स्थिति में नहीं है अतिरिक्त कक्ष में स्कूल संचालित है । अधिकांश स्कूलो के अंदर छात्रों के बैठने के लिए फर्नीचर की व्यवस्था नहीं है , पीने के लिए साफ पानी की व्यवस्था नहीं , पढ़ाने के लिए पर्याप्त संख्या में क्लास रूम नहीं है, शिक्षक नहीं है, स्कूल के अंदर साफ सफाई नहीं गन्दगी में बैठकर छात्र पढ़ने को मजबूर है । ये स्थिति शहर भर के सरकारी स्कूलों की है और आम गरीब मजदूर वर्ग इन स्कूलों में अपने बच्चों को पढ़ाने मजबूर है । क्या इन बच्चों को बेहतर पढ़ाई का अधिकार नहीं है? क्या इन बच्चों को स्कूल के अंदर बेहतर माहौल की जरूरत नहीं ? आज जरूरत है इन स्कूलों की स्थिति को बेहतर करने की वहाँ सरकार इन स्कूलों को बंद कर रही है । गुना के अंदर जगनपुर चक में एक सांदीपनी विद्यालय बनाया गया इसी सत्र से गुना शहर के कई स्कूलों को उसमें मर्ज कर दिया जायेगा । वस्तियों में संघर्ष समिति के साथी पहुँचे तो जनता ने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि हम मजदूर है दिन रात मजदूरी करके जैसे तैसे अपने बच्चों का पालन पोषण कर पाते है । बच्चों के लिए दो जून की रोटी जुगाड़ कर पाना बहुत मुश्किल होता है अभी हमारे मोहल्ले में सरकारी स्कूल है वहाँ हमारे बच्चे व्यवस्थाओं के अभाव में सही पर शिक्षा ग्रहण कर पाते है । ये स्कूल बंद हो गये तो हमारे बच्चों से शिक्षा छिन जाएगी अगर बच्चे शिक्षित नहीं होंगे तो समाज में फैलाई जा रही गन्दगी के शिकार हो जाएंगे ।

शहर भर से शिक्षक ,छात्र , अभिभावक इस आंदोलन के लिए सहयोग कर रहें है व जुड़ने सहमति दे रहें है । शहर भर की जनता अगर आंदोलन में शामिल होगी तो गुना के अंदर एक भी स्कूल को हम बंद नहीं होने देंगे। जरूर हम इन स्कूलों को बचा पाएंगे यही उम्मीद के साथ सुबह से शाम तक संघर्ष समिति के साथी भरी धूप में दिन भर गली गली में नारे लगते हुए अपनी बात आम जन तक पहुचाने का प्रयास कर रहें है ।

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