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*एक बार फिर डोनाल्ड ट्रंप की प्रवासियों को देश से बाहर धकलेने की प्लानिंग,’बिन बुलाए मेहमानों’ का ठिकाना बनेगा पलाऊ?*

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डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से प्रवासियों को देश से बाहर धकलेने की नई प्लानिंग कर डाली है. उन्होंने फैसला किया है कि एक छोटे से आइलैंड को ‘काला पानी’ बनाया जाएगा, जहां पर इन्हें रखने के बदले पैसे की डील हुई है. ट्रंप ने क्रिसमस के मौके पर प्रवासियों को बुरी खबर सुनाई है, हैरानी की बात ये भी है कि इस आइलैंड पर वो प्रवासी भेजे जाएंगे, जिन पर कोई आपराधिक मुकदमे दर्ज नहीं हैं. सिर्फ यही नहीं अमेरिका में भी करीब 7 गोदाम खरीदकर वहां पर भी प्रवासियों को भरने का काम किया जाएगा.

अमेरिका की सत्ता संभालने के बाद से डोनाल्ड ट्रंप प्रवासियों को पीछे हाथ धो कर पड़ गए हैं. उन्होंने ये साबित करने का कोई मौका नहीं छोड़ा है कि यही प्रवासी अमेरिका के लोगों से ‘अमेरिकन ड्रीम’ चुरा रहे हैं. अब उन्होंने इन प्रवासियों को एक और नर्क में धकेलने का ऐलान कर दिया है. अमेरिका अब अपने प्रवासियों को हजारों मील दूर समुद्र के बीचों-बीच एक ऐसे छोटे से द्वीप पर भेजने जा रहा है, जिसका नाम भी शायद ही किसी ने सुना हो. इस छोटी सी जगह पर इन प्रवासियों को कैसे दबाकर रखा जाएगा, इसकी सारी डीटेल्स भी सामने आई है.
क्या है ट्रंप का प्लान?
ट्रंप ने फैसला सुनाया है कि इन प्रवासियों को ‘पलाऊ’ शिफ्ट किया जाएगा. बता दें कि ‘पलाऊ’, प्रशांत महासागर में बसा एक छोटा सा द्वीप समूह है, जो अमेरिका के एक छोटे से राज्य रोड आइलैंड से भी 6 गुना छोटा है. यहां पर अब अमेरिकी प्रवासियों को पनाह दी जाएगी. इस देश की कुल आबादी महज 18,000 है जिसमें अमेरिका के भेजे गए ‘तीसरे देश के नागरिकों’ को जोड़ा जाएगा. बताया जा रहा है कि 75 प्रवासियों को भेजकर शुरुआत की जाएगी. जिन्हें इस 180 स्क्वायर मील तक बसने और काम करने की इजाजत मिलेगी.

ट्रंप लुटाएंगे कितने डॉलर्स?

ट्रम्प प्रशासन ने पलाऊ के साथ प्रवासियों को लेकर एक डील की है, जिसमें प्रवासियों को रखने के बदले इस देश को $75 मिलियन (करीब 625 करोड़ रुपये) की विदेशी सहायता मिलेगी. इस डील पर क्रिसमस ईव पर मुहल लगा दी गई है और अमेरिका ने तुरंत $7.5 मिलियन की पहली किश्त भी जारी कर दी है.

सिर्फ ये प्रवासी ही भेजे जाएंगे पलाऊ

बताया जा रहा है कि अमेरिका की तरफ से जो प्रवासी, पलाऊ भेजे जा रहे हैं. ये वो लोग हैं जिन पर कोई आपराधिक मामला नहीं है लेकिन ये लोग अमेरिका में नहीं रह सकते. ट्रम्प प्रशासन अपनी ‘इमिग्रेशन क्रैकडाउन’ नीति के तहत प्रवासियों को उन देशों में भेजने पर अड़ा है जहां से वे आए भी नहीं हैं.

सिर्फ प्लाऊ नहीं ट्रंप सरकार ने आगे की भी प्लानिंग कर ली है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रंप सरकार अमेरिका में 7 बड़े-बड़े वेयरहाउस खरीदने की तैयारी कर रही है, जहां पर 80,000 प्रवासियों को एक साथ रखे जाने की तैयारी की जा रही है.

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