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*बिहार SIR: ड्राफ्ट वोटर लिस्ट पर सिर्फ RJD और सीपीआई-एमएल ने दर्ज कराए दावे और आपत्तियां*

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बिहार में मसौदा मतदाता सूची पर अब तक दावे और आपत्ति दर्ज कराने वालों में सिर्फ दो दल शामिल हैं। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और सीपीआई-एमएल (CPI-ML) लिबरेशन ने ही वोटर लिस्ट पर दावे और आपत्तियां दर्ज कराई हैं। बाकी पार्टियों ने इस मामले में कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखाई है। 

बिहार में मसौदा मतदाता सूची पर अब तक दावे और आपत्ति दर्ज कराने वालों में सिर्फ दो दल शामिल हैं। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और सीपीआई-एमएल (CPI-ML) लिबरेशन ने ही वोटर लिस्ट पर दावे और आपत्तियां दर्ज कराई हैं। बाकी पार्टियों ने इस मामले में कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखाई है। आरजेडी के कार्यकर्ताओं ने तीन और CPI(ML) लिबरेशन ने 79 शिकायतें दर्ज कराई हैं। चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची में सुधार की प्रक्रिया चलाई जा रही है। इसमें नए मतदाताओं के नाम जोड़ने और गलतियों को ठीक करने का काम किया जा रहा है।

चुनाव आयोग के अनुसार, गुरुवार को दोपहर 3 बजे तक लोगों ने 1.9 लाख से ज्यादा दावे और आपत्तियां दर्ज कराई हैं। इनमें से लगभग 24,991 का निपटारा कर दिया गया है। 8.5 लाख से ज्यादा नए मतदाताओं ने नाम जुड़वाने के लिए आवेदन किए हैं। इनमें से 37,050 मामलों का निपटारा कर लिया गया है।

कांग्रेस सहित बाकी 10 पार्टियों ने इस मामले में ज्यादा सक्रियता नहीं दिखाई है। कांग्रेस ने तो चुनाव आयोग पर “वोट चोरी” का आरोप भी लगाया है। लेकिन उसने भी मतदाता सूची में सुधार के लिए कोई खास कदम नहीं उठाया है।

बिहार में विशेष पुनरीक्षण अभियान (SIR) चल रहा है। इसमें BJP के सबसे ज्यादा कार्यकर्ता लगे हुए हैं। BJP ने 53,338 कार्यकर्ताओं को तैनात किया है। RJD ने 47,506 और JDU ने 37,550 कार्यकर्ताओं को इस काम में लगाया है। आरजेडी, बीजेपी के बाद सबसे ज्यादा कार्यकर्ताओं को तैनात करने वाली पार्टी है।

चुनाव आयोग चाहता है कि मतदाता सूची में कोई गलती न रहे। इसलिए, उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे मतदाता सूची को ध्यान से देखें और अगर कोई गलती हो तो उसे ठीक करवाएं। मतदाता सूची में नाम जुड़वाने और गलतियों को ठीक करवाने की अंतिम तारीख एक सितंबर है।

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