इंदौर में कोरोना की वर्तमान परिस्थितियों और अस्पतालों में ऑक्सीजन,बेड व दवाइयों की उपलब्धता के विषय में आज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भाजपा नेताओं की चर्चा हुई।इस चर्चा में मुख्यमंत्री ने सभी को यह आश्वस्त किया,कि कोरोना के उपचार में आवश्यक,सुविधाओं की आपूर्ति में किसी भी प्रकार की कमी नही होने दी जायगी। इस आश्वासन का कहां तक पालन होता है और जनता को कब दवाई मिलती है यह तो राम जाने लेकिन बैठक में शामिल हुए मंत्री उषा ठाकुर पूर्व विधायक गोपीकृष्ण नेमा सहित कई जनप्रतिनिधि mask नियमों का पालन नहीं कर रहे थे
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जिस मास को लेकर गरीब रिक्शा चालक की पिटाई करने वाली पुलिस और शायद क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने वाले राजनेताओं पर दृष्टि नहीं पड़ीमुख्यमंत्री से इंदौर की स्थिति पर चर्चा करने के लिए एकत्रित हुए भाजपा के पदाधिकारी और प्रदेश की केबिनेट मंत्री मास्क नाक से नीचे लगाकर प्रदेश वासियों को साफ़ स्पष्ट संदेश दे रही हैं मास्क ऐसे ही लगाओ और कोरोना फैलाओ।दूसरा संदेश भाजपा के पूर्व विधायक का मास्क लगाने की ज़रूरत ही नहीं हैं माननीय मीटिंग में अपनी बुद्धिमत्ता का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए बता रहे हैं गोपी कृष्ण नेमा की मास्क ऐसा लगाये जैसा मैंने लगाया हैं।शायद यह सब ना तो मुख्यमंत्री को दिखाई दिया और ना ही इंदौर में नियमों का पालन कराने के लिए प्रतिबद्ध है कलेक्टर मनीष सिंह को जो स्वयं भी इस बैठक में मौजूद थेजनता समझ सकती हैं कैसे ग़ैरज़िम्मेदार भाजपा नेताओं और मंत्री कोरोना संक्रमण रोकने की क्राइसेस मैनेजमेंट की मीटिंग में शहर हित के निर्णय लेने वाले ही कोरोना प्रोटोकॉल समझते ही नहीं हैं।इन्दौर पुलिस क्या सिर्फ़ ग़रीबों पर ही डंडे का ज़ोर दिखायेगी या कभी इन माननीयों को सबक़ सिखा कर पुलिस वर्दी की इज़्ज़त क़ायम रखेगी। क्या इन जनप्रतिनिधियों पर कोविड -19 नियमों के उल्लंघन का प्रकरण दर्ज करने की हिम्मत इंदौर की बहादुर पुलिस दिखा पाएगी!

