क्या असदुद्दीन ओवैसी ने तेजस्वी यादव को सपोर्ट दे दिया है? बिहार के राज्यसभा चुनाव से पहले यही सवाल सियासी गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा में है. कांग्रेस नेता अखिलेश प्रसाद सिंह के दावे के बाद यह बहस और तेज हो गई है कि क्या असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी सचमुच महागठबंधन के साथ खड़ी हो गई है. ऐसे में अखिलेश सिंह के दावे और अंदरखाने चल रही बैठकों एवं राजनीतिक बातचीत ने पांचवीं सीट के मुकाबले को और भी रोमांचक बना दिया है.
बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए होने वाले चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है. खासकर पांचवीं सीट को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं. इसी बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह के एक बयान ने नई बहस छेड़ दी है. अखिलेश सिंह ने दावा किया है कि महागठबंधन के पास जीत के लिए जरूरी 41 विधायकों का समर्थन मौजूद है और किसी तरह की क्रॉस वोटिंग नहीं होगी. उन्होंने यह भी दावा किया है कि असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी महागठबंधन के प्रत्याशी को सपोर्ट करेगी. उनके इस बयान के बाद यह सवाल उठने लगा है कि क्या असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ने महागठबंधन को समर्थन देने का फैसला कर लिया है?
पांचवीं सीट पर दिलचस्प मुकाबला
बता दें कि बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए 16 मार्च को मतदान होना है. इनमें से चार सीटों पर तस्वीर लगभग साफ मानी जा रही है, लेकिन पांचवीं सीट को लेकर मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है. इस सीट पर एनडीए की ओर से राष्ट्रीय लोक मोर्चा के उपेंद्र कुशवाहा उम्मीदवार हैं, जबकि महागठबंधन की तरफ से राष्ट्रीय जनता दल ने अमरेंद्र धारी सिंह को मैदान में उतारा है. राज्यसभा सीट पर जीत के लिए 41 वोट की जरूरत है और इस पांचवीं सीट पर पेंच फंसा हुआ है. जबकि, मौजूदा राजनीतिक समीकरण में एनडीए और महागठबंधन दोनों ही इस आंकड़े से पीछे बताए जा रहे हैं.
छोटे दलों के विधायक बने निर्णायक
विधानसभा की मौजूदा स्थिति में छोटे दलों और निर्दलीय विधायकों की भूमिका अहम मानी जा रही है. खास तौर पर एआईएमआईएम के पांच विधायक और मायावती की बहुजन समाज पार्टी के एक विधायक इस चुनाव में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं. राजनीति के जानकारों का मानना है कि अगर इन विधायकों का समर्थन किसी एक खेमे को मिल जाता है तो पांचवीं सीट का परिणाम उसी दिशा में झुक सकता है. यही कारण है कि दोनों पक्ष इन विधायकों के संपर्क में बताए जा रहे हैं.
तेजस्वी और AIMIM नेताओं की मुलाकात
सूत्रों के मुताबिक हाल ही में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने AIMIM के बिहार प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल इमान और अन्य नेताओं से मुलाकात की है. बताया जा रहा है कि इस मुलाकात में राज्यसभा चुनाव को लेकर समर्थन का मुद्दा भी उठा. राजनीति के गलियारों में चर्चा है कि बातचीत सकारात्मक रही है. हालांकि AIMIM की ओर से यह कहा गया है कि अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व स्तर पर होगा. अख्तरुल इमान ने भी संकेत दिया है कि पूरी जानकारी पार्टी प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी को दी जाएगी और आगे का फैसला वही करेंगे.
अखिलेश सिंह का बड़ा दावा. ओवैसी के समर्थन से महागठबंधन की जीत तय?
संभावित राजनीतिक समझौते की चर्चा
राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि दोनों पक्षों के बीच संभावित राजनीतिक समझौते पर बातचीत हुई है. माना जा रहा है कि अगर AIMIM के विधायक राज्यसभा चुनाव में महागठबंधन उम्मीदवार का समर्थन करते हैं तो भविष्य में होने वाले विधान परिषद चुनाव में उन्हें राजनीतिक लाभ मिल सकता है. हालांकि इन चर्चाओं की आधिकारिक पुष्टि अभी तक किसी भी पक्ष ने नहीं की है. लेकिन यह जरूर कहा जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी है.
एनडीए भी साध रहा संपर्क
दूसरी तरफ एनडीए भी पांचवीं सीट को लेकर पूरी तरह सक्रिय है. सूत्रों के मुताबिक एनडीए उम्मीदवार उपेंद्र कुशवाहा ने भी AIMIM नेताओं से संपर्क साधा है. इसका मतलब साफ है कि दोनों पक्ष इन विधायकों के समर्थन के लिए कोशिश कर रहे हैं. राजनीतिक जानकारों का कहना है कि ऐसे हालात में छोटे दलों के विधायक इस चुनाव में किंगमेकर की भूमिका निभा सकते हैं. खास बात यह है कि अभी तक एआईएमआईएम की ओर से खुले तौर पर किसी को समर्थन की घोषणा नहीं की गई है.
वोटिंग के दिन साफ होगी तस्वीर
फिलहाल राज्यसभा चुनाव से पहले कई तरह की राजनीतिक अटकलें लगाई जा रही हैं. लेकिन अंतिम फैसला 16 मार्च को मतदान के दिन ही सामने आएगा. सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि AIMIM और अन्य छोटे दलों के विधायक आखिर किसे समर्थन देते हैं. अगर उनका रुख किसी एक खेमे की ओर जाता है तो पांचवीं सीट का परिणाम उसी दिशा में तय हो सकता है. यही वजह है कि बिहार की इस चुनावी लड़ाई में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी सचमुच महागठबंधन के साथ खड़ी होगी या फिर अंतिम समय में सियासी समीकरण बदल जाएंगे.

