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ओवैसी की पार्टी ने जबलपुर में 2, खंडवा-बुरहानपुर में 1-1 वार्ड जीता; 10 निगमों में BJP मजबूत

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भोपाल

मध्यप्रदेश में 11 नगर निगमों महापौर के साथ ही पार्षदों के वोटों की भी गिनती चल रही है। 10 निगमों में भाजपा आगे चल रही है। जबलपुर, बुरहानपुर और खंडवा में औवेसी की पार्टी AIMIM ने खाता खोल लिया है। जबलपुर के वार्ड 49 और 51 से शमा परवीन और समरीन जीती हैं। बुरहानपुर के वार्ड 2 से रफीक अहमद जीते और खंडवा में छत्रपति शिवाजी वार्ड-14 से AIMIM की शकीरा बिलाल ने जीत दर्ज की है। 

मध्यप्रदेश निकाय चुनाव में पहली बार किस्मत आजमाने उतरी असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल-मुस्लिमीन (AIMIM) के चार कैंडिडेट चुनाव जीत गए। पार्टी ने प्रदेश में पांच शहरों में 53 प्रत्याशी उतारे थे। जबलपुर में दो तो खंडवा व बुरहानपुर में एक-एक पार्षद चुनाव जीतने में सफल रहे। बुरहानपुर में ओवैसी की पार्टी की वजह से बीजेपी मेयर सीट निकालने में सफल रही।

ओवैसी ने जबलपुर से पार्टी प्रत्याशियों के पक्ष में चुनाव प्रचार की शुरूआत की थी। यहां के 7 मुस्लिम बहुल और तनाव वाले क्षेत्रों से पार्टी ने प्रत्याशी उतारे थे। इन सात में से वार्ड नंबर 49 से समां परवीन और 51 से कुमारी समरीन कुरैशी ने जीत दर्ज की। जबकि दो प्रत्याशी करीबी मुकाबले में हार गए।

AIMIM की वजह से जीती भाजपा की मेयर

बुरहानपुर में ओवैसी ने मेयर के साथ 15 पार्षद उतारे थे। मेयर प्रत्याशी शाइस्ता सोहेल हाशिमी यहां तीसरे स्थान पर रहीं। उन्हें कुल 10 हजार 322 मत मिले। जबकि भाजपा प्रत्याशी ने कांग्रेस की प्रत्याशी को महज 388 मतों से मात दी। भाजपा की माधुरी अतुल पटेल 52 हजार 629 मत पाकर विजयी रहीं। यहां आप को 2908 तो बसपा को 3185 मत मिले। बुरहानपुर में वार्ड 2 से पार्षद प्रत्याशी रफीक अहमद ने जीत दर्ज की। वहीं 5 वार्डों में पार्टी के पार्षद प्रत्याशी दूसरे स्थान पर रहे।

ओवैसी की पार्टी किसके साथ और कहां है, ये पता चल गया- कमलनाथ

​​​​​​​पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बुरहानपुर की हार पर टिप्पणी करते हुए कहा कि ओवैसी की पार्टी की वजह से कांग्रेस को 388 वोटों से हार का सामना करना पड़ा। ये तो हम पहले से कहते आ रहे हैं कि ओवैसी की पार्टी बीजेपी का समर्थन करती है। विधानसभा चुनाव से पहले इस पार्टी के बारे में खुलासा हो गया। लोगों को पता चल गया कि ये पार्टी किसके साथ और कहां खड़ी है। हमारा मुकाबला सिर्फ बीजेपी से नहीं था, ओवैसी सहित दूसरी पार्टी और पुलिस-प्रशासन व पैसे से था।

खंडवा में ओवैसी की सभा से बीजेपी को मिला फायदा

ओवैसी की पार्टी ने खंडवा में भी मेयर और पार्षद पद पर 7 प्रत्याशी उतारे थे। मेयर प्रत्याशी कनीज बी को 9601 मत मिले। वह तीसरे स्थान पर रहीं। यहां से बीजेपी प्रत्याशी ने 19,756 मतों के अंतर से जीत दर्ज की है। बताते हैं कि ओवैसी की सभा के बाद हुए ध्रुवीकरण ने भाजपा को लाभ पहुंचाया। खंडवा में वार्ड 14 से शकीरा बी पार्षद बनने में सफल रहीं। जबकि 10 सीटों पर ओवैसी की पार्टी के पार्षद प्रत्याशी तीसरे स्थान पर रहे।

यहां नहीं मिली सफलता

ओवैसी ने राजधानी भोपाल में 6, इंदौर में 4 और रतलाम में 3 प्रत्याशी उतारे थे। इन जिलों में एक भी प्रत्याशी नहीं जीत पाए। खरगोन में 7 प्रत्याशी उतारे हैं। वहां दूसरे चरण में मतगणना होनी है।

ओवैसी की पार्टी ने यहां उतारे थे प्रत्याशी

सीट का नामपद व प्रत्याशियों की संख्या
बुरहानपुरमेयर और 15 पार्षद
खंडवामेयर और 11 पार्षद
खरगोन7 पार्षद प्रत्याशी
जबलपुर7 पार्षद प्रत्याशी
भोपाल6 पार्षद प्रत्याशी
इंदौर4 पार्षद प्रत्याशी
रतलाम3 पार्षद प्रत्याशी

प्रदेश के 653 वार्डों में से 331 बीजेपी पार्षद जीते या आगे चल रहे हैं। 195 पर कांग्रेस पार्षद जीते या आगे हैं। जबकि 65 सीटों पर अन्य पार्टी या निर्दलीय जीत रहे हैं। छिंदवाड़ा में कांग्रेस बढ़त बनाए हुए है। यहां कांग्रेस 26 और भाजपा 18 सीटों पर आगे हैं। इंदौर में बीजेपी आगे चल रही है।

नगर निगमभाजपाकांग्रेसअन्य दलनिर्दलीय
भोपाल48183
इंदौर59231
खंडवा28139
बुरहानपुर191514
ग्वालियर35256
जबलपुर44269
छिंदवाड़ा18264
उज्जैन35190
सागर4071
सिंगरौली231210
सतना20196

अपडेट्स

फोटोज में देखिए-

खंडवा के वार्ड-14 से औवेसी की पार्टी AIMIM की शकीरा बिलाल जीती हैं।

भोपाल के वार्ड 7 से कांग्रेस की प्रियंका मिश्रा जीतीं।

भोपाल के वार्ड 13 से बीजेपी के मनोज राठौर जीते।

भोपाल के वार्ड 4 से बीजेपी के पार्षद कैंडिडेट राजेश हिंगोरानी 26 वोट से जीते।

खंडवा के वार्ड 6 से निर्दलीय प्रत्याशी सुनील जायसवाल जीते।

खंडवा में वार्ड नंबर 4 नीलकंठेश्वर से कांग्रेस प्रत्याशी ज्योति वर्मा जीतीं।

सतना में वार्ड 15 से भाजपा की मनीषा अजय प्रताप सिंह जीतीं।

सतना के कांग्रेस वार्ड 40 से कांग्रेस के अशरफ अली बाबा जीते।

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