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*पाकिस्तान ने बदला जासूसी का तरीका!*

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नई दिल्ली: भारत और पाकिस्तान के बीच जैसे-जैसे तनाव बढ़ता जा रहा है। उसी रफ्तार से बॉर्डर से सटे भारतीय इलाकों में जासूसी के लिए आने वाले पाकिस्तानी कॉल की संख्या बढ़ गई हैं। इन कॉल्स के जरिए पाकिस्तान खुफिया जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहा है।भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ने के साथ, सीमावर्ती इलाकों में पाकिस्तानी जासूसी कॉल बढ़ गई हैं। कॉल करने वाले खुद को भारतीय सेना के अधिकारी बताकर खुफिया जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहे हैं, खासकर सेना के मूवमेंट के बारे में। पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने और संदिग्ध कॉल की सूचना तुरंत देने को कहा है।

बताया जा रहा है कि कॉल करने वाले खुद को भारतीय सेना का अधिकारी या सरकारी अफसर बताते हैं। कॉल करने वाले जासूस लोगों से सेना के मूवमेंट के बारे में भी जानकारी मांगते हैं। इन मामलों को लेकर जैसलमेर के SP सुधीर चौधरी ने न्यूज एजेंसी से बात करते हुए बताया कि उन्होंने मीटिंग की है और सभी अफसरों को सतर्क रहने के लिए कहा है।

कॉल आए तो तुरंत पुलिस को बताएं

एसपी चौधरी ने आगे बताया कि जासूसी कॉल करने वाले अफसर बनकर जरूरी जानकारी और सेना के मूवमेंट के बारे में जानना चाहते हैं। SP ने लोगों से कहा है कि वे किसी अनजान को कोई जानकारी न दें। खासकर वे लोग जो डिफेंस के ठिकानों के पास रहते हैं। अगर कोई ऐसी कॉल आती है, तो तुरंत पुलिस को बताएं।

बदल गया है जासूसी का तरीका

जैसलमेर के एसपी ने आगे बताया कि अब जासूसी करने का तरीका बदल गया है। अब हनी ट्रैप से एजेंट भर्ती करने के बजाय सीधे जानकारी मांगी जा रही है। एक एजेंट को पकड़ा भी गया है। जैसलमेर में कई लोग लंबे समय के वीजा पर रह रहे हैं। उनके रिश्तेदार पाकिस्तान में हैं। हो सकता है कि उनसे जबरदस्ती या पैसे का लालच देकर खुफिया जानकारी ली जा रही हो।

BSF और पुलिस मिलकर कर रहे गश्त

पुलिस अधिकारी ने आगे कहा कि भारत की एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि क्या यह कॉल पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियां करवा रही हैं? इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। BSF और पुलिस मिलकर बॉर्डर पर गश्त कर रहे हैं। डिफेंस जोन के पास रहने वाले लोगों को जागरूक किया जा रहा है।

एक्टिव हुआ पुलिस का खुफिया विभाग

एसपी ने पठान खान के एक जासूसी मामले का जिक्र करते हुए कहा कि छोटी सी गलती भी भारी पड़ सकती है। चाहे लोगों को लालच दिया जाए या डराया जाए, उन्हें तुरंत अधिकारियों को बताना चाहिए। हम हर संदिग्ध पर नजर रख रहे हैं। पुलिस का खुफिया विभाग एक्टिव है। अगर किसी के पास ऐसी कोई जानकारी है और वह पुलिस को इस बारे में नहीं बताता है, तो उस पर कार्रवाई की जाएगी

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