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*ऑपरेशन सिंदूर में LoC पर 100 से ज्यादा सैनिक और 12 फाइटर जेट गंवाए पाकिस्तान ने-लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई*

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नई दिल्ली. भारतीय सेना के सैन्य अभियान महानिदेशक (डीजीएम) लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने मंगलवार को कहा कि मई में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तानी सेना ने नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर 100 से ज़्यादा सैनिक और 12 विमान खो दिए. लेफ्टिनेंट जनरल घई ने पाकिस्तानी सेना द्वारा मरणोपरांत दिए गए पुरस्कारों की एक सूची का हवाला दिया, जो कुछ दिन पहले वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह द्वारा साझा किए गए विवरण से मेल खाती है. उन्होंने 7 से 10 मई के तनाव के बारे में कुछ जानकारी शेयर करते हुए कहा कि भारत द्वारा 7 मई को नौ आतंकी ठिकानों पर बमबारी के तुरंत बाद पाकिस्तान ने सीमा पार से गोलीबारी शुरू कर दी थी.

लेफ्टिनेंट जनरल घई ने संयुक्त राष्ट्र के सैन्य योगदानकर्ता देशों के सेना प्रमुखों के एक सम्मेलन में कहा, “पाकिस्तानियों ने संभवतः अनजाने में पिछले महीने 14 अगस्त को अपनी पुरस्कारों की सूची जारी कर दी थी, और उनके द्वारा मरणोपरांत दिए गए पुरस्कारों की संख्या से हमें अब यह पता चलता है कि नियंत्रण रेखा पर उनके हताहतों की संख्या भी 100 से अधिक थी. हमने आतंकवादियों पर हमला किया, और एक बार जब यह हो गया, तो हमारा इरादा इसे बढ़ाने का नहीं था, जब तक कि ऐसा करने के लिए मजबूर न किया जाए आतंकी ठिकानों पर हमला होते ही पाकिस्तान ने तुरंत सीमा पार से गोलीबारी भी की.”

डीजीएमओ ने कहा कि भारतीय नौसेना अपनी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है और अगर पाकिस्तान ने आगे भी शत्रुता जारी रखने का फैसला किया होता, तो यह “न केवल समुद्र से, बल्कि अन्य रास्तों से भी उसके लिए विनाशकारी” हो सकता था. उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय नौसेना ने अरब सागर में अपने पोत उतार दिए थे और पाकिस्तान ने अगर संघर्षविराम में थोड़ी भी देर की होती, तो उसे भरी कीमत चुकानी पड़ सकती थी.

‘पाक ड्रोन हमले पूरी तरह नाकाम’
ऑपरेशन सिंदूर का विस्तृत विवरण देते हुए, लेफ्टिनेंट जनरल घई ने कहा कि भारत के खिलाफ पाकिस्तान के ड्रोन हमले पूरी तरह विफल रहे क्योंकि उन्होंने दोनों डीजीएमओ के बीच बातचीत के बाद भी ड्रोन भेजे. उन्होंने कहा, “(हमारे) लोगों और सामग्री को नुकसान पहुंचाने और हताहत करने के प्रयास में विभिन्न प्रकार के ड्रोन का इस्तेमाल किया गया. लेकिन सब कुछ पूरी तरह विफल रहा.”

पाकिस्तान के 11 एयरबेस पर हमला
उन्होंने बताया कि इन हमलों के बाद भारतीय वायुसेना ने 9 और 10 मई की दरम्यानी रात को पाकिस्तानी ठिकानों पर सटीक हमले किए. उन्होंने कहा, “हमने उनके 11 हवाई ठिकानों पर हमला किया. अगर आप देखें, तो पाकिस्तान के आठ हवाई अड्डे, तीन हैंगर और चार रडार क्षतिग्रस्त हो गए. ज़मीन पर भी पाकिस्तानी हवाई संपत्तियां नष्ट हो गईं.”

डीजीएमओ ने कहा कि ज़मीन पर पाकिस्तान को हुए नुकसान में एक सी-130 कैटेगरी का विमान और एक एईडब्ल्यू एंड सी (एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल), चार से पांच लड़ाकू विमान शामिल हैं. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को हवा में भी नुकसान हुआ है. उन्होंने कहा, “अब हम जानते हैं कि दुनिया का अब तक का सबसे लंबा ज़मीन से हवा में मार गिराया गया हमला 300 किलोमीटर से ज़्यादा की दूरी से हुआ था और पांच उच्च तकनीक वाले लड़ाकू विमान (नष्ट) हुए थे. मुझे लगता है कि जिस बेबाकी से ये हमले किए गए, वह महत्वपूर्ण है.”

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