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आचार्य विद्यासागर जी के गुरु थे पन्नालाल साहित्याचार्य

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सागर । डॉ पंडित पन्नालाल जैन साहित्याचार्य ने अनेकों विद्वान तैया किये और आप विश्रु आचार्य श्री विद्यासागर जी मुनिमहाराज के गुरु थे। साहित्याचार्यजी ने आचार्यश्री सहित अनेकों मुनिराजों को पढ़ाया है। मढ़िया जी जबलपुर में महिनों प्रवास कर मुनिराज और  आर्यिका माताजी, ब्रह्मचारी भैया दीदी जी पढ़ करते थे। ये उद्गार 5 मार्च को सागर के  कटरा नमक मंडी स्थित कीर्ति स्तंभ के समक्ष डॉ पंडित पन्नालाल जैन साहित्याचार्य की 110 वीं जन्म जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में प्रमुख वक्ताओं ने अपने उदगार में व्यक्त किये। इस जन्म जयंती के अवसर पर शहर के गणमान्य नागरिकों ने पंडित जी की प्रतिमा पर माल्र्यापण कर श्रृद्धासुमन अर्पित किए।

साहित्याचार्यजी के कनिष्ठ पुत्र राकेज जैन ने विद्वत्परिषद् के महामंत्री डाॅ. महेन्द्रकुमार जैन ‘मनुज’ को बताया कि जैन भ्रातृ संघ सागर के तत्वाधान में आयोजित कार्यक्रम में ब्र. डी राकेश भैया ने पंडित जी के व्यक्तिव एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला. कार्यक्रम में विवि के सेवानिवृत प्रो. डॉ सुरेश आचार्य ने भारत का सांस्कृतिक वैभव पर व्याख्यान दिया.  सेवानिवृत न्यायाधीश डॉ सुभाष जैन ने नागरिको के मूल कर्तव्य पर प्रकाश डाला। पं.राजकुमार शास्त्री ने कहा कि मैंने पंडित जी के साथ जिया और परखा तथा उनका मुझ पर वरदहस्त रहा है. पंडित जी मानव नहीं महामानव थे। साधारण परिवार में आसाधारण व्यक्ति का होना महान होता है। वे दिव्य पुरूष थे। राष्ट्रपति से पुरूस्कृत पंडित जी तो मेरे अनुसार राष्ट्रपति बनने योग्य थे।

इस अवसर पर  कार्यक्रम को दिगंबर जैन पंचायत सभा के अध्यक्ष महेश बिलहरा, जैन भ्रात संघ ट्रस्ट के अध्यक्ष अजीत मलैया, गोला पूर्व महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष जैन घड़ी, पूर्व पार्षद राजेश केशरवानी ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन अशोक पिडरूआ ने किया। मंचासीन अतिथियों का परिचय डॉ राजेश जैन ने दिया। मंचासीन अतिथियों का स्वागत महेश जैन, अशोक जैन, राकेश जैन ने किया. कार्यक्रम में अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ जीवनलाल जैन, डॉ अरूण सराफ, डॉ प्रमोद गोदरे, डॉ सुबोध जैन, डॉ महेंद्र जैन, डॉ जेएल जैन, राजीव जैन मानक चैक, कपिल मलैया, डॉ सुखदेव वाजपेई पूर्व पार्षद नरेश यादव,  दिलीप राधेलिया, गुलजारी जैन, पदमचंद जैन, पंडित उदयचंद शास्त्री, अशोक शाह, अशोक फुसकेले, संतोष बैटरी, डॉ अमर जैन अजीत सराफ, प्रभात जैन, सुरेंद्र खुरदेलिया, अनिल नैनधरा, हेमचंद्र जैन, बसंत जैन, दिलीप जैन, डॉ आनंद जैन, इंजी सत्येंद्र जैन, संजीव जैन, संदीप जैन, आदि उपस्थित रहे. जयंती के उपलक्ष्य में सायंकाल गौरबाई दिगंबर जैन मंदिर में ब्र. विनोद भैया आधारताल जबलपुर की भजन संध्या हुई. कार्यक्रम के पश्चात बाबूलाल ताराबाई धर्माथ ट्रस्ट सागर द्वारा प्रदत्त मुक्ति रथ का लोकार्पण आमंत्रित अतिथियों द्वारा किया गया।
डाॅ. महेन्द्रकुमार जैन ‘मनुज’,

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