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पारस को LJP के बागी गुट की कमान:71 सदस्यों ने पशुपति को राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना

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पटना

लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) में दो फाड़ होने के बाद पारस गुट की कमान पशुपति कुमार पारस के हाथों में सौंप दी गई है। गुरुवार को राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पारस को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया। उन्हें बैठक में पहुंचे सभी 71 सदस्यों ने समर्थन दिया। पशुपति पारस पार्टी के पांचों सांसदों के साथ एलजेपी कार्यालय पहुंचे हैं। पार्टी कार्यालय के बाहर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक दोपहर 12:30 बजे सूरजभान के घर पर ही शुरू हुई थी। इस दौरान 10 प्रस्तावकों ने पारस का नाम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए रखा। इससे पहले ही सूरजभान के भाई और सांसद चंदन सिंह ने कहा था कि पशुपति को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जाएगा।

सूरजभान सिंह के साथ LJP के कई सांसद।

चिराग ने सब कुछ तहस नहस किया : चंदन
बैठक से पहले सांसद चंदन सिंह ने बताया कि सारे कार्यकर्ता हमारे और पार्टी के साथ हैं। पार्टी में चिराग पासवान भी आते हैं। हम लोग सांसद हैं, इसी हैसियत से पार्टी की बैठक कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी ने किसी के साथ कोई गद्दारी नहीं की। हमारा ध्यान बिहार के विकास पर है। इसके हित में ही सारे कदम उठाए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि नेतृत्व की कोई लड़ाई नहीं है। कांग्रेस हो या कोई भी हर पार्टी में साल-दो साल में नेतृत्व बदलता है। इसलिए हम लोग भी नेतृत्व बदल रहे हैं। चिराग से कोई परेशानी नहीं है। उनसे हमें पहले भी कोई परेशानी नहीं थी और आज भी नहीं है, लेकिन जो जनता वोट देती है और जो कार्यकर्ता हमारे लिए 24 घंटे मुस्तैद रहते हैं, उनके मान-सम्मान की बात है। इसलिए हम उनके साथ हैं। एक व्यक्ति जो सारे पदों पर है, उसने दल और परिवार सबको तहस-नहस कर दिया।

कार्यकारिणी की बैठक में शामिल होने के लिए पहुंचे नेता।

रविवार-सोमवार की रात LJP में हुआ था तख्तापलट
बीते रविवार की शाम से ही पार्टी में कलह शुरू हो गई थी। सोमवार को चिराग को छोड़ बाकी पांचों सांसदों ने संसदीय बोर्ड की बैठक बुलाई और हाजीपुर सांसद पशुपति पारस को संसदीय बोर्ड का नया अध्यक्ष चुन लिया। इसकी सूचना लोकसभा स्पीकर को भी दे दी गई। सोमवार शाम तक लोकसभा सचिवालय से उन्हें मान्यता भी मिल गई।

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