छतरपुर
छतरपुर जिले के बिजावर में वन ग्राम स्वराज की वैचारिक समझ हेतु जन विकास संगठन ने बिजावर विकासखण्ड के पनागर ग्राम में स्वराज की पाठशाला कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर ने बताया कि कार्यक्रम में स्वलम्बन, स्वदेशी, सर्वधर्म समभाव, अस्पृश्यता निवारण और राजनीति का विकल्प लोकनीति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं और युवाओं ने सहभगिता निभाई।
संत विनोबा भावे के भूदान आंदोलन और जयप्रकाश नारायण की संपूर्ण क्रांति में सहभागी रहे बनारस के अमरनाथ भाई ने मुख्य वक्ता के तौर पर शामिल हुए। उन्होंने कहा कि वर्तमान का विकासवादी मॉडल लोभ और भोग में फंसा हुआ है। विज्ञान की उन्नति ने गति को तो बढ़ाया है पर दिशा देने विज्ञान के बस की बात नहीं है। अब हमारे सामने दो ही विकल्प है वर्तमान भोगवादी संस्कृति को अपना कर सर्वनाश या गांधी के दिखाए रास्ते पर चलकर सर्वोदय।
अमरनाथ भाई ने कहा कि सर्वोदय दर्शन है, जिस पर ग्राम स्वराज का मॉडल खड़ा कर के ही अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति से लेकर सबका विकास और न्याय सम्भव है। उन्होंने वर्तमान लोकतांत्रिक प्रक्रिया में जनता की जागृति और उनके संगठन पर बल देते हुए कहा कि जनता मालिक है, और देश का मालिक सो रहा है इसलिए नौकरों की मनमानी और तानाशाही चल रही है, जिस दिन मालिक जागेगा, नेताओं और अधिकारियों से अपना हिसाब मांगेगा, तभी देश मे असली लोकतंत्र आएगा।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में लोगों को बांटने की नीति चल रही है, कोई हिन्दू है तो कोई मुस्लिम, कोई इस जाति का है तो कोई उस जाति का महिला, पुरुष इन सब के चक्कर मे हमारी मूल पहचान मनुष्यता खोती जा रही है। अमरनाथ भाई के द्वारा विस्तार से रखे सर्वोदय दर्शन व ग्रामस्वराज्य के मॉडल को उपस्थित लोगों ने समझा व उसका अनुसरण करते हुए उपस्थित लोगों द्वारा आगामी रणनीति भी बनाई गयी।
अमित भटनागर ने बताया कि ग्राम स्वराज्य के मॉडल को अमली जामा पहनाने हेतु जल्द ही जन विकास संगठन द्वारा ग्राम स्वराज्य की संभावना को तलासने हेतु जिले में ग्राम संवाद यात्रा का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में वरिष्ट अधिवक्ता एम.एस. खरे, नम्रता चौरसिया, बहादुर आदिवासी, लक्ष्मी चौरसिया, बब्लू कुशवाहा, बब्ली चौरसिया, भगतराम तिवारी, अनूप चौरसिया, रवि अहिरवार, अनुराग चौरसिया, हिसाबी राजपूत, उमाशंकर चौरसिया, संध्या कुशवाहा, मुलायम आदिवासी, फूला कुशवाहा, विनोद चौरसिया, पम्मू अहिरवार, शीला राजपूत रजनी कुशवाहा ने भी अपनी बात रखी।

