देश में डिजिटल फाइनेंशियल सर्विस सेक्टर की नामी कंपनी पेटीएम की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। कंपनी पर पेटीएम पेमेंट बैंक का लाइसेंस रद्द होने और मनी लॉन्ड्रिंग के शक में केंद्रीय आर्थिक अपराध जांच एजेंसी (ED) की जांच शुरू होने की तलवार लटक रही है। कंपनी ने रविवार को रेगुलेटरी फाइलिंग में बताया कि वन97 कम्युनिकेशन लिमिटेडया उसके सीईओ विजय शेयर शर्मा के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) की कोई जांच नहीं चल रही है।
मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों पर पेटीएम की सफाई?
पेटीएम की फाइलिंग के मुताबिक, सितंबर 2022 में ईडी टीम पेटीएम समेत अन्य फिनटेक फर्म जैसे रेजोरपे के परिसर में भी गई थी। तब प्रवर्तन निदेशालय पेटीएम का प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करने वाले कुछ मर्चेंट्स//यूजर्स से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस की जांच कर रही थी। इस दौरान मर्चेंट्स से आरोपों को लेकर पूछताछ की गई थी। ऐसे सभी अवसरों पर पेटीएम ने जांच एजेंसी को पूरा सपोर्ट किया है। पेटीएम मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में शामिल होने से पूरी तरह इनकार करती है। हम भारतीय कानून के अनुसार कार्य करते हैं और रेगुलेटरी ऑर्डर को पूरी गंभीरता से मानते हैं।
Patym मामले पर क्या बोले राजस्व सचिव?
न्यूज एजेंसी Reuters के मुताबिक, राजस्व सचिव संजय मल्होत्रा ने शनिवार को कहा था कि अगर आरबीआई की ओर से जांच में पेटीएम के खिलाफ कोई भी नए मनी लॉन्ड्रिंग या फंड हेराफेरी के आरोप मिलते हैं तो कानून के अनुसार पेटीएम पेमेंट्स बैंक की जांच कराएंगे। इसमें आर्थिक अपराध नियंत्रण एजेंसी (ED) यानी प्रवर्तन निदेशालय की भी मदद ली जा सकती है। आरबीआई को पेटीएम पेमेंट्स बैंक के निरीक्षण में कई ऐसे मामले मिले हैं। जहां एक पैन नंबर पर 1000 हजार से अधिक अकाउंट्स खोले गए। ऐसे में सरकार और जांच एजेंसियों को मनी लॉन्ड्रिंग का भी शक है।
आरबीआई ने क्यों लिया है Paytm पर एक्शन?
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने 31 जनवरी को पेटीएम पेमेंट बैंक (Paytm Payments Bank) को नया डिपॉजिट स्वीकार करने या क्रेडिट ट्रांजैक्शन करने या किसी भी कस्टमर अकाउंट में टॉपअप करने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया है। पेटीएम के प्रीपेड इंस्ट्रूमेंट्स, वॉलेट, FasTags भी 29 फरवरी के बाद काम नहीं करेंगे। आरबीआई के यह सभी प्रतिबंध 1 मार्च 2024 से लागू हो जाएंगे। आरबीआई ने खातों की केवायसी प्रक्रिया के नियमों के लगातार उल्लंघन और लेनदेन की सही जानकारी नहीं देने पर सख्त कदम उठाया है।
पेमेंट बैंक के 51% शेयर होल्डर हैं विजय शेखर
पेटीएम ऐसा डिजिटल फाइनेंस सर्विस प्लेटफॉर्म बनकर उभरा है, जिससे देश के हर शहर में छोटे से लेकर बड़े व्यापारी तक जुड़े हुए हैं। लेकिन आरबीआई की कार्रवाई के बाद अब पेटीएम पेमेंट बैंक लिमिटेड ऐसा प्रतिबंधित बैंक बन गया है, जो सिर्फ पैसा जमा कर सकता है। लेकिन कर्ज नहीं बांट सकता है। बता दें कि वन 97 कम्युनिकेशन लिमिटेड पेटीएम पेमेंट बैंक की पेरेंट कंपनी है। इसमें विजय शेखर शर्मा की 51 फीसदी हिस्सेदारी है।

