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पेगासस केस: ममता ने जांच के लिए न्यायिक आयोग बनाया, बंगाल ऐसा करने वाला पहला राज्य

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नई दिल्ली

देश में इजराइली सॉफ्टवेयर पेगासस के जरिए जासूसी के खुलासे के बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने इसकी जांच कराने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को इसके लिए एक कमीशन बनाया है। कोलकाता हाईकोर्ट के जस्टिस मदन भीमराव और पूर्व चीफ जस्टिस ज्योतिर्मय भट्‌टाचार्य को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। भारत सरकार मामले की जांच कराने से इनकार कर चुकी है। दुनिया में फ्रांस इकलौता देश है, जो जासूसी कांड की जांच करा रहा है।

ममता ने कहा कि बंगाल पहला राज्य बन गया है, जो जासूसी कांड की जांच करेगा। हमें उम्मीद थी कि केंद्र इस मामले में कोई सख्त कार्रवाई करेगा या सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच होगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इजराइली सॉफ्टवेयर के जरिए नागरिकों से लेकर न्यायपालिका तक को सर्विलांस पर रखा गया। ममता बनर्जी 5 दिनों के दौरे पर सोमवार शाम करीब 5.30 बजे दिल्ली पहुंची। वे यहां विपक्ष के नेताओं से मुलाकात करेंगी।

दिल्ली पहुंची पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भतीजे अभिषेक बनर्जी के घर विपक्ष के नेताओं की टी पार्टी बुला सकती हैं।

भाजपा के खिलाफ बना रहीं शक्तिशाली मोर्चा
बंगाल CM की इस कवायद को भाजपा के खिलाफ शक्तिशाली मोर्चा बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। ममता ने अपने दिल्ली दौरे की जानकारी खुद 22 जुलाई को दी थी। ममता ने कहा था, ‘अगर राष्ट्रपति से वक्त मिला तो उनसे मुलाकात करूंगी। प्रधानमंत्री से 28 जुलाई को मिलने का समय मिला है।’

ऐसा रहेगा ममता का दिल्ली दौरा

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पेगासस जासूसी केस:दिल्ली दौरे से पहले ममता ने जांच के लिए न्यायिक आयोग बनाया, बंगाल ऐसा करने वाला पहला राज्य; फ्रांस में दर्ज हो चुकी है FIR

नई दिल्लीएक घंटा पहले

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देश में इजराइली सॉफ्टवेयर पेगासस के जरिए जासूसी के खुलासे के बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने इसकी जांच कराने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को इसके लिए एक कमीशन बनाया है। कोलकाता हाईकोर्ट के जस्टिस मदन भीमराव और पूर्व चीफ जस्टिस ज्योतिर्मय भट्‌टाचार्य को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। भारत सरकार मामले की जांच कराने से इनकार कर चुकी है। दुनिया में फ्रांस इकलौता देश है, जो जासूसी कांड की जांच करा रहा है।

ममता ने कहा कि बंगाल पहला राज्य बन गया है, जो जासूसी कांड की जांच करेगा। हमें उम्मीद थी कि केंद्र इस मामले में कोई सख्त कार्रवाई करेगा या सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच होगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इजराइली सॉफ्टवेयर के जरिए नागरिकों से लेकर न्यायपालिका तक को सर्विलांस पर रखा गया। ममता बनर्जी 5 दिनों के दौरे पर सोमवार शाम करीब 5.30 बजे दिल्ली पहुंची। वे यहां विपक्ष के नेताओं से मुलाकात करेंगी।

दिल्ली पहुंची पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भतीजे अभिषेक बनर्जी के घर विपक्ष के नेताओं की टी पार्टी बुला सकती हैं।

भाजपा के खिलाफ बना रहीं शक्तिशाली मोर्चा
बंगाल CM की इस कवायद को भाजपा के खिलाफ शक्तिशाली मोर्चा बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। ममता ने अपने दिल्ली दौरे की जानकारी खुद 22 जुलाई को दी थी। ममता ने कहा था, ‘अगर राष्ट्रपति से वक्त मिला तो उनसे मुलाकात करूंगी। प्रधानमंत्री से 28 जुलाई को मिलने का समय मिला है।’

ऐसा रहेगा ममता का दिल्ली दौरा

गाल चुनाव के बाद पहली बार मोदी-ममता का सामना
मार्च-अप्रैल में हुए बंगाल चुनाव के बाद ममता और मोदी का पहली बार आमना-सामना होगा। एक और खास बात यह है कि ममता की मोदी से मुलाकात ऐसे समय होने जा रही है जब ममता पेगासस जासूसी विवाद और मीडिया हाउसेज पर रेड जैसे मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर हमलावर हैं।

दिल्ली दौरे में विपक्ष को एकजुट करना चाहती हैं ममता
ममता के दिल्ली दौरे को राष्ट्रीय राजनीति में उनका कद बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। साथ ही माना जा रहा है कि ममता बंटे हुए विपक्ष को BJP के खिलाफ एकजुट करना चाहती हैं। हाल ही में हुए बंगाल चुनाव में BJP के खिलाफ तृणमूल की जीत को देखते हुए भी ममता के दिल्ली दौरे को लेकर चर्चाएं तेज हैं।

ममता ने कहा था- भाजपा को साफ करने का खेला होगा
ममता ने पिछले हफ्ते बुधवार को उत्तर प्रदेश, दिल्ली और गुजरात समेत कई राज्यों में मेगा वर्चुअल रैली की थी। इस रैली से ममता ने जाहिर कर दिया है कि बंगाल विधानसभा चुनाव जीतने के बाद उनकी नजर अब दिल्ली पर है। ममता ने कहा था कि जब तक भाजपा पूरे देश से साफ नहीं हो जाती है, तब तक सभी राज्यों में खेला होगा। उन्होंने कहा था कि हम 16 अगस्त से खेला दिवस की शुरुआत करेंगे और गरीब बच्चों को फुटबॉल बांटेंगे।

10 देशों में पेगासस के जरिए जासूसी हुई
पेगासस मामला पूरी दुनिया में चर्चा में है। 16 मीडिया समूहों की साझा पड़ताल के बाद जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया के 10 देशों में नेताओं, अफसरों और पत्रकारों के फोन की जासूसी की जा रही थी। इस जासूसी कांड में अब तक भारत के भी 38 पत्रकार, 3 प्रमुख विपक्षी नेता, 2 मंत्री और एक जज का नाम सामने आया है। चूंकि, जासूसी करने वाले सॉफ्टवेयर की निर्माता कंपनी इस प्रोडक्ट को सिर्फ सरकारों को ही उपलब्ध कराती है, इसलिए इसे लेकर खुद सरकार सवालों के घेरे में है। भारत सरकार ने इस मामले में जांच से इंकार कर दिया है।

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