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PM मोदी से मिलेगी महिला क्रिकेट चैंपियन टीम; कैमरून में 48 की मौत

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कार्तिक पूर्णिमा स्नान के मौके पर रामनगरी का हर घाट और हर गली आस्था की रोशनी में नहाई हुई है। सरयू तट पर श्रद्धालुओं का पहुंचना कल से ही शुरू हो गया। आज तड़के लगाई जाने वाली पवित्र डुबकी के लिए साधु-संतों से लेकर श्रद्धालु परिवारों तक में उत्साह चरम पर है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के लिए भारतीय महिला टीम मंगलवार को दिल्ली पहुंच गई। हरमनप्रीत कौर के नेतृत्व में भारतीय महिला टीम ने महिला विश्वकप 2025 के फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को 52 रनों से हराकर पहली बार आईसीसी ट्रॉफी अपने नाम की। एक तरफ मध्य अफ्रीकी देश कैमरून में राष्ट्रपति पॉल बिया के दोबारा चुने जाने के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। बात इतनी बढ़ गई कि विरोध प्रदर्शनों पर सुरक्षा बलों की कार्रवाई में 48 नागरिकों की मौत हो गई है। यह जानकारी संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के दो सूत्रों ने एक न्यूज एजेंसी को दी। सूत्रों के मुताबिक, अधिकतर लोगों की मौत गोलियों से हुई, जबकि कुछ की मौत लाठियों और डंडों से पिटाई के कारण हुई चोटों से हुई। हालांकि अभी तक 92 वर्षीय पॉल बिया की सरकार ने मृतकों की संख्या नहीं बताई है और इस पर कोई आधिकारिक बयान भी नहीं दिया गया है। दूसरी तरफ जेएनयू छात्रसंघ चुनाव समिति के अध्यक्ष रवि कांत के अनुसार लगभग 67 फीसदी मतदान हुआ। चुनाव के लिए 9043 मतदाता पंजीकृत थे। पिछले चुनाव अप्रैल 2025 की तुलना में इस बार मतदान में तीन फीसदी की गिरावट देखने को मिली। मतदान के लिए अलग-अलग स्कूलों में 17 पोलिंग बूथ बनाए गए थे। इसमें स्कूल ऑफ लैंग्वेज-1, स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज-1 और स्कूल ऑफ सोशल साइंस-1 और 2 शामिल थे।

कार्तिक पूर्णिमा का स्नान आज, पवित्र डुबकी के लिए रामनगरी में उमड़े लाखों भक्त

अयोध्या की सरयू नदी में स्नान। – फोटो : अमर उजाला।

कार्तिक पूर्णिमा स्नान के मौके पर रामनगरी का हर घाट और हर गली आस्था की रोशनी में नहाई हुई है। सरयू तट पर श्रद्धालुओं का पहुंचना कल से ही शुरू हो गया। आज तड़के लगाई जाने वाली पवित्र डुबकी के लिए साधु-संतों से लेकर श्रद्धालु परिवारों तक में उत्साह चरम पर है।Ayodhya: कार्तिक पूर्णिमा का स्नान आज, पवित्र डुबकी के लिए रामनगरी में उमड़े लाखों भक्त; ड्रोन से निगरानी

अमर उजाला संवाद, अयोध्या Published by: रोहित मिश्र Updated Wed, 05 Nov 2025 01:15 AM IST

सार

149482 Followersलखनऊ

Kartik Purnima bath: आज तड़के लगाई जाने वाली पवित्र डुबकी के लिए साधु-संतों से लेकर श्रद्धालु परिवारों तक में उत्साह चरम पर है।

अयोध्या की सरयू नदी में स्नान। – फोटो : अमर उजाला।

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कार्तिक पूर्णिमा स्नान के मौके पर रामनगरी का हर घाट और हर गली आस्था की रोशनी में नहाई हुई है। सरयू तट पर श्रद्धालुओं का पहुंचना कल से ही शुरू हो गया। आज तड़के लगाई जाने वाली पवित्र डुबकी के लिए साधु-संतों से लेकर श्रद्धालु परिवारों तक में उत्साह चरम पर है।

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नयाघाट, रामघाट, लक्ष्मणघाट से लेकर गुप्तारघाट तक प्रशासन ने सुरक्षा और सफाई के पुख्ता इंतजाम किए हैं। घाटों पर प्रकाश व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य शिविर भी स्थापित किए गए हैं। श्रद्धालुओं के आवागमन को सुचारू रखने के लिए यातायात प्रतिबंधित रहेगा, वहीं, भीड़ पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है। मठ-मंदिरों में पहले से ही विशेष आरती, कथा और दीपदान के कार्यक्रम शुरू हो चुके हैं। भक्ति रस में डूबी रामनगरी के वातावरण में हर तरफ राम नाम की ध्वनि गूंज रही है।

कार्तिक पूर्णिमा मेले का प्रमुख पर्व पूर्णिमा स्नान बुधवार को है। स्नान के लिए नगर के मठ-मंदिरों व धर्मशालाओं में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ गई है। मुख्य पर्व की पूर्व संध्या पर सरयू के स्नान घाट से प्रमुख मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए दर्शनार्थियों की कतारें लगी रहीं। कार्तिक पूर्णिमा स्नान के लिए 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के उमड़ने की संभावना है। सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। ड्रोन के साथ ही सादी वर्दी में पुलिसकर्मी नजर रखे हुए हैं।

कार्तिक पूर्णिमा मेला 14 कोसी परिक्रमा मेले के साथ चल रहा है। मेले के प्रमुख दो पर्व 14 कोसी व पंचकोसी परिक्रमा सकुशल संपन्न हो गई है। मेले का अंतिम पर्व पूर्णिमा स्नान बुधवार को है। मेले में भीड़ के मद्देनजर मंगलवार को दूसरी बेला से ही यातायात डायवर्जन लागू कर दिया गया है। श्रीराम अस्पताल से लता मंगेशकर चौक के बीच चार पहिया व बड़े वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है।

पूर्णिमा पर स्नान, व्रत व दान का महत्व

ज्योतिषाचार्य राकेश तिवारी बताते हैं कि कार्तिक पूर्णिमा तिथि को पुराणों में स्नान, व्रत व दान की दृष्टि से मोक्ष प्रदान करने वाला बताया गया है। भगवान विष्णु का पहला अवतार इसी दिन हुआ था। इसी दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर असुर का संहार किया था। इसी तरह सिख धर्म में कार्तिक पूर्णिमा को प्रकाशोत्सव के रूप में मनाया जाता है। इसी दिन गुरुनानक देव का जन्म हुआ था। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान व दीपदान का महत्व है। सरयू के घाटों पर दीपदान कर देव दीपावली भी मनाई जाएगी।

घाटों पर होगी 250 बायो टॉयॅलेट व 97 चेंजिंग रूम की व्यवस्था

 कार्तिक पूर्णिमा पर सरयू नदी में स्नान के लिए आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को पेयजल, शौचालय, सफाई और स्नान के बाद कपड़े बदलने जैसी सुविधाएं सुलभ कराने की तैयारी नगर निगम ने पूरी कर ली है। घाटों पर नौ स्थायी चेंजिंग रूम, 63 केबिन व 25 टेंट के अस्थायी चेंजिंग रूम तैयार किए गए हैं, ताकि महिला श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए घाटों पर ही 250 बायो टॉयलेट की व्यवस्था की गई है।

महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार के साथ मेला क्षेत्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों को निरंतर नजर बनाए रखने की हिदायत दी। मंगलवार को सुबह सात बजे महापौर व नगर आयुक्त ने कार्तिक पूर्णिमा मेला में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए तैयारियाें का जायजा लिया।

इस दौरान उनके साथ अपर नगर आयुक्त डाॅ. नागेंद्र नाथ, भारत भार्गव, महाप्रबंधक जलकल सौरभ श्रीवास्तव व नगर स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. राममणि शुक्ल भी थे। उन्होंने राम की पैड़ी, सरयू घाट, नागेश्वरनाथ मंदिर, झुनकी घाट, ऋणमोचन घाट, पापमोचन घाट, संत तुलसी दास घाट, चौधरी चरण सिंह घाट व आरती घाट की साफ-सफाई, प्रकाश, शौचालय, कपड़े बदलने के टेंट और अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि सफाई व्यवस्था निरंतर बनी रहनी चाहिए।

250 सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई, 25 स्थानों पर शुद्ध पेयजल की आपूर्ति
नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश पांडेय ने बताया कि घाटों की सफाई के लिए तीन शिफ्ट में 250 सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। पेयजल सुविधा के लिए 25 स्थानों पर शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। इसके अलावा सभी स्टैंड पोस्ट, वाटर कियाक्स व हैंडपंप क्रियाशील हैं। घाटों पर प्रकाश की व्यवस्था मुकम्मल कर दी गई है। वाहन पार्किंग स्थलों पर भी प्रकाश की व्यवस्था की गई है।

नगर निगम ने मेला क्षेत्र को तीन जोन में बांटा
नगर निगम ने कार्तिक पूर्णिमा स्नान मेला क्षेत्र को तीन जोन में विभाजित कर सुपर नोडल अधिकारी व नोडल अधिकारी नामित कर व्यवस्था के पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी सौंपी है। नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने सरयू के पक्का घाट, कच्चा घाट, आरती घाट, श्रीरामजन्मभूमि, हनुमानगढ़ी व कनक भवन के सामने और लता चौक से टेढ़ी बाजार तक के क्षेत्र का सुपर नोडल अधिकारी अपर नगर आयुक्त डॉ. नागेंद्र नाथ व नोडल अधिकारी सहायक नगर आयुक्त अशोक गुप्त को बनाया है। संत तुलसी दास घाट व ऋणमोचन घाट के सुपर नोडल अधिकारी अपर नगर आयुक्त भारत भार्गव व नोडल अधिकारी सहायक नगर आयुक्त गुरु प्रसाद पांडेय होंगे। गुप्तार घाट घाट क्षेत्र के सुपर नोडल अधिकारी अपर नगर आयुक्त सुमित कुमार व नोडल अधिकारी अवधपुरी के जोनल अधिकारी सुभाष चंद्र त्रिपाठी होंगे।

PM मोदी से मुलाकात को दिल्ली पहुंची भारतीय टीम, होटल में जोरदार स्वागत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के लिए भारतीय महिला टीम मंगलवार को दिल्ली पहुंच गई। हरमनप्रीत कौर के नेतृत्व में भारतीय महिला टीम ने महिला विश्वकप 2025 के फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को 52 रनों से हराकर पहली बार आईसीसी ट्रॉफी अपने नाम की। 

दिल्ली में विश्व चैंपियंस का जोरदार स्वागत
दिल्ली के होटल पहुंचते ही विश्व विजेता महिला टीम का ढोल नगाड़ों के साथ शानदार स्वागत हुआ। इस दौरान भारतीय खिलाड़ियों और मुख्य कोच अमोल मजूमदार ने केक काटा और जीत का जश्न मनाया। बता दें कि, महिला टीम 52 साल के वनडे विश्वकप इतिहास में पहली बार चैंपियन बनी है। इससे पहले उसने 2005 और 2017 में विश्वकप का फाइनल खेला था, लेकिन टीम जीत हासिल नहीं कर पाई थी।

धोनी, कपिल और रोहित के क्लब में शामिल हुईं हरमन
इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही हरमनप्रीत कौर अब भारत की चौथी कप्तान बन गई हैं जिन्होंने विश्व कप जीत का ताज पहना है। उनसे पहले कपिल देव, एमएस धोनी और रोहित शर्मा भारत को विश्व चैंपियन बना चुके हैं। यानी अब महिलाओं की कप्तान हरमनप्रीत ने भी इस गौरवशाली सूची में अपनी जगह बना ली है। यह भारत की महिलाओं का पहला विश्वकप खिताब है, जिसने 2005 और 2017 के फाइनल हार की टीस को भुलाने में मदद की।

कैमरून में राष्ट्रपति का विरोध हिंसक

मध्य अफ्रीकी देश कैमरून में राष्ट्रपति पॉल बिया के दोबारा चुने जाने के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। बात इतनी बढ़ गई कि विरोध प्रदर्शनों पर सुरक्षा बलों की कार्रवाई में 48 नागरिकों की मौत हो गई है। यह जानकारी संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के दो सूत्रों ने एक न्यूज एजेंसी को दी। सूत्रों के मुताबिक, अधिकतर लोगों की मौत गोलियों से हुई, जबकि कुछ की मौत लाठियों और डंडों से पिटाई के कारण हुई चोटों से हुई। हालांकि अभी तक 92 वर्षीय पॉल बिया की सरकार ने मृतकों की संख्या नहीं बताई है और इस पर कोई आधिकारिक बयान भी नहीं दिया गया है

मध्य अफ्रीकी देश कैमरून में राष्ट्रपति पॉल बिया के दोबारा चुने जाने के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। बात इतनी बढ़ गई कि विरोध प्रदर्शनों पर सुरक्षा बलों की कार्रवाई में 48 नागरिकों की मौत हो गई है। यह जानकारी संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के दो सूत्रों ने एक न्यूज एजेंसी को दी। सूत्रों के मुताबिक, अधिकतर लोगों की मौत गोलियों से हुई, जबकि कुछ की मौत लाठियों और डंडों से पिटाई के कारण हुई चोटों से हुई। हालांकि अभी तक 92 वर्षीय पॉल बिया की सरकार ने मृतकों की संख्या नहीं बताई है और इस पर कोई आधिकारिक बयान भी नहीं दिया गया है।

पिछले हफ्ते चुनाव आयोग ने पॉल बिया को 53.66% वोट के साथ विजेता घोषित किया, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी और पूर्व मंत्री इस्सा त्चिरोमा बकारी को 35.19% वोट मिले। हालांकि 12 अक्तूबर को हुए चुनावों के बाद त्चिरोमा ने खुद को विजेता घोषित किया था, जिसके बाद देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए।

अमेरिकी सीनेटर ने पॉल बिया पर लगाए आरोप

अमेरिकी सीनेटर जिम रिश ने बिया की सरकार पर धांधली भरे चुनाव कराने, राजनीतिक विरोधियों का दमन करने और अमेरिकी नागरिकों को अवैध रूप से हिरासत में लेने का आरोप लगाया है। रिश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में लिखा कि कैमरून अमेरिका का भरोसेमंद साझेदार नहीं है। यह हमारे आर्थिक और सुरक्षा हितों के लिए खतरा बनता जा रहा है। इस रिश्ते पर फिर से विचार करने का समय आ गया है।

नागरिक संगठन ने 23 लोगों को मौत का किया दावा
वहीं ‘स्टैंड अप फॉर कैमरून’ नामक एक नागरिक संगठन ने पिछले हफ्ते कहा था कि पुलिस कार्रवाई में कम से कम 23 लोग मारे गए हैं। यूएन के अनुसार, कुल मौतों में से लगभग आधी लिटोरल क्षेत्र में हुईं, जहां देश का प्रमुख बंदरगाह दौआला शहर स्थित है और यही प्रदर्शन सबसे ज्यादा हिंसक थे। दौआला में तीन सैनिकों की मौत की भी पुष्टि हुई है।

इसके अलावा, उत्तर क्षेत्र (राजधानी गरोआ, जो त्चिरोमा का गृहनगर है) में दस लोगों की मौत दर्ज की गई। हालांकि अब विरोध प्रदर्शन काफी हद तक शांत हो गए हैं, लेकिन त्चिरोमा ने सोमवार से तीन दिन के राष्ट्रीय बंद का आह्वान किया है, जिसमें उन्होंने लोगों से कामकाज रककर घरों में रहने की अपील की है।

पिछले हफ्ते चुनाव आयोग ने पॉल बिया को 53.66% वोट के साथ विजेता घोषित किया, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी और पूर्व मंत्री इस्सा त्चिरोमा बकारी को 35.19% वोट मिले। हालांकि 12 अक्तूबर को हुए चुनावों के बाद त्चिरोमा ने खुद को विजेता घोषित किया था, जिसके बाद देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए

अमेरिकी सीनेटर ने पॉल बिया पर लगाए आरोप

अमेरिकी सीनेटर जिम रिश ने बिया की सरकार पर धांधली भरे चुनाव कराने, राजनीतिक विरोधियों का दमन करने और अमेरिकी नागरिकों को अवैध रूप से हिरासत में लेने का आरोप लगाया है। रिश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में लिखा कि कैमरून अमेरिका का भरोसेमंद साझेदार नहीं है। यह हमारे आर्थिक और सुरक्षा हितों के लिए खतरा बनता जा रहा है। इस रिश्ते पर फिर से विचार करने का समय आ गया है।

नागरिक संगठन ने 23 लोगों को मौत का किया दावा
वहीं ‘स्टैंड अप फॉर कैमरून’ नामक एक नागरिक संगठन ने पिछले हफ्ते कहा था कि पुलिस कार्रवाई में कम से कम 23 लोग मारे गए हैं। यूएन के अनुसार, कुल मौतों में से लगभग आधी लिटोरल क्षेत्र में हुईं, जहां देश का प्रमुख बंदरगाह दौआला शहर स्थित है और यही प्रदर्शन सबसे ज्यादा हिंसक थे। दौआला में तीन सैनिकों की मौत की भी पुष्टि हुई है।

इसके अलावा, उत्तर क्षेत्र (राजधानी गरोआ, जो त्चिरोमा का गृहनगर है) में दस लोगों की मौत दर्ज की गई। हालांकि अब विरोध प्रदर्शन काफी हद तक शांत हो गए हैं, लेकिन त्चिरोमा ने सोमवार से तीन दिन के राष्ट्रीय बंद का आह्वान किया है, जिसमें उन्होंने लोगों से कामकाज रोककर घरों में रहने की अपील की है।

67 फीसदी हुआ मतदान, पिछले चुनाव की तुलना में 3 प्रतिशत कम

जेएनयू छात्रसंघ चुनाव समिति के अध्यक्ष रवि कांत के अनुसार लगभग 67 फीसदी मतदान हुआ। चुनाव के लिए 9043 मतदाता पंजीकृत थे। पिछले चुनाव अप्रैल 2025 की तुलना में इस बार मतदान में तीन फीसदी की गिरावट देखने को मिली। मतदान के लिए अलग-अलग स्कूलों में 17 पोलिंग बूथ बनाए गए थे। इसमें स्कूल ऑफ लैंग्वेज-1, स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज-1 और स्कूल ऑफ सोशल साइंस-1 और 2 शामिल थे।

लेट पेपर के माध्यम से चुनाव कराया गया। चुनाव का अंतिम परिणाम छह नवंबर को जारी होगा। हालांकि उससे पहले भी उम्मीदवारों के जीतने को लेकर सूचना जारी हो सकती है। वहीं मतदान संपन्न होने के बाद देर रात मतगणना की प्रक्रिया शुरू हो गई। इस लिंक www.jnusuec.org पर भी चुनाव का परिणाम लाइव देखा जा सकता है।

US शटडाउन: 35वें दिन भी गतिरोध बरकरार, ट्रंप प्रशासन में अनचाहे रिकॉर्ड बनने के संकेत;

अमेरिका की सरकार अब तक की सबसे लंबी बंदी की ओर बढ़ रही है। 35वें दिन भी लाखों सरकारी कर्मचारी बिना वेतन काम कर रहे हैं और SNAP खाद्य सहायता ठप है। ऐसे में अब एक बड़ी खबर सामने आ रही है कि अमेरिका में चल रहे इस शटडाउन को खत्म करने की दिशा में बातचीत तेज हो गई है। बताया गया कि सीनेट के कुछ सांसद दोनों पार्टियों के बीच चुपचाप समझौते की कोशिश कर रहे हैं ताकि सरकार फिर से खुले और स्वास्थ्य बीमा सब्सिडी जैसी अहम समस्याओं का समाधान निकले। 

बात अगर अमेरिकी सरकार के शटडाउन में आम लोगों और सरकारी कर्मचारियों पर पड़ने वाले प्रभाव की करे तो सरकार बंद होने से आम लोगों और सरकारी कर्मचारियों की जिंदगी पर भारी असर पड़ा है। इसके तहत लाखों लोग खाद्य सहायता पर निर्भर हैं और उन्हें मदद नहीं मिल रही। सैकड़ों हजार सरकारी कर्मचारी बिना वेतन के काम कर रहे हैं या छुट्टी पर हैं। कई सरकारी परियोजनाओं और अनुबंधों में देरी हो रही है।इसके साथ ही ट्रांसपोर्टेशन सेक्टर में भी दिक्कतें बढ़ रही हैं, एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स को भुगतान नहीं मिलने से उड़ानों में भी समस्या हो सकती है।

चुनाव का असर कैसा?
मंगलवार को कई राज्यों में चुनाव हुए, जिनमें वर्जीनिया और न्यू जर्सी के गवर्नर के चुनाव और न्यूयॉर्क में मेयर का चुनाव शामिल था। विशेषज्ञों का कहना है कि इन चुनावों का नतीजा यह दिखाएगा कि जनता सरकार बंद होने पर कैसी प्रतिक्रिया दे रही है। वहीं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर धमकी दी कि अगर डेमोक्रेट्स सरकार नहीं खोलते तो खाद्य सहायता फंड बंद कर दिया जाएगा। हालांकि बाद में प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कोर्ट के आदेश के अनुसार फंड जारी किया जा रहा है।

अब समझिए संभावित समझौते की दिशा
बता दें कि कुछ सीनेट सांसद दोनों पार्टियों के बीच बातचीत कर रहे हैं ताकि सरकार फिर से सामान्य रूप से काम कर सके। इसमें कुछ छोटे-बड़े बिलों को पास करना शामिल है, जैसे कि कृषि कार्यक्रमों को फंड देना, सैन्य ठिकानों पर निर्माण कार्य को जारी रखना है। वहीं मुख्य नेताओं में सेन सुसान कॉलिन्स, माइक राउंड्स, जीन शाहीन और मैगी हसन, क्रिस कून्स शामिल है।

स्वास्थ्य बीमा सब्सिडी का मुद्दा
वहीं व्हाइट हाउस का कहना है कि सरकार खुलने तक स्वास्थ्य बीमा पर चर्चा नहीं होगी। लाखों अमेरिकियों को बीमा प्रीमियम बढ़ने से परेशानी हो रही है। डेमोक्रेट्स चाहते हैं कि इस पर एक निश्चित समय पर वोट हो।

अन्य राजनीतिक मुद्दे, जनता
गौरतलब है कि कुछ सांसद ट्रंप प्रशासन की फंड कटौती की आदत को रोकने के लिए कानून में बदलाव चाहते हैं। ट्रंप ने फिलिबस्टर (60 वोट की आवश्यकता) हटाने की मांग की, लेकिन जीडीपी सांसदों ने इसे खारिज कर दिया। वहीं नए अस्थायी फंडिंग उपाय पर चर्चा हो रही है, जो नए साल तक सरकार को चलाएगा।

मेहली मिस्त्री ने टाटा ट्रस्ट से अलग होने का किया एलान

टाटा ट्रस्ट में मेहली मिस्त्री की ट्रस्टी पद को लेकर चल रही अटकलों पर मंगलवार को विराम लग गया। सूत्रों के मुताबिक, मेहली मिस्त्री ने आधिकारिक रूप से टाटा समूह से अलग होने का फैसला कर लिया है। टस्ट्र के सदस्यों को लिखे पत्र में मिस्त्री ने लिखा कि कोई भी व्यक्ति उस संस्थान से बड़ा नहीं है जिसकी वह सेवा करता है। मिस्त्री ने टाटा ट्रस्ट के ट्रस्टियों को लिखे पत्र में तीन प्रमुख ट्रस्टों सर रतन टाटा, सर दोराबजी टाटा और बाई हीराबाई जे.एन. टाटा नवसारी चैरिटेबल इंस्टीट्यूशन ट्रस्ट के ट्रस्टी के रूप में पद छोड़ने की घोषणा की है।

मेहली मिस्त्री ने पत्र में लिखा कि, ट्रस्टी के रूप में सेवा करना उनके लिए सौभाग्य रहा है। यह अवसर उन्हें दिवंगत रतन एन टाटा के व्यक्तिगत समर्थन से मिला, जिन्हें उन्होंने अपना सबसे प्रिय मित्र और मार्गदर्शक बताया। मुंबई लौटने पर मुझे मेरे ट्रस्टीत्व से जुड़ी हालिया रिपोर्टिंग के बारे में पता चला। ऐसे में मेरा पत्र ऐसी अटकलों पर विराम लगाने में सहायक होगा जो टाटा ट्रस्ट के हितों की पूर्ति नहीं करतीं और उसके दृष्टिकोण के विपरीत हैं।

मिस्त्री ने लिखा, टाटा ट्रस्ट के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए मैं नैतिक शासन, शांत परोपकार और सर्वोच्च निष्ठा के उनके दृष्टिकोण से प्रेरित रहा हूं। मिस्त्री ने बताया, मैंने 28 अक्तूबर, 2025 तक ट्रस्टी के रूप में कार्य किया है। उन्होंने कहा कि रतन एन. टाटा की सोच के प्रति उनकी प्रतिबद्धता में यह जिम्मेदारी भी शामिल है कि टाटा ट्रस्ट किसी विवाद में न उलझे, क्योंकि ऐसा होने पर संस्था की प्रतिष्ठा को अपूरणीय क्षति हो सकती है। 

‘कोई भी व्यक्ति उस संस्थान से बड़ा नहीं है’
मिस्त्री ने लिखा, इस तरह के मामलों को आगे बढ़ाने से टाटा ट्रस्ट की प्रतिष्ठा को अपूरणीय क्षति होगी। इसलिए, रतन टाटा की भावना का सम्मान करते हुए, जिन्होंने हमेशा जनहित को अपने हित से ऊपर रखा है, मुझे उम्मीद है कि आगे चलकर अन्य ट्रस्टियों के कार्य पारदर्शिता, सुशासन और जनहित के सिद्धांतों द्वारा निर्देशित होंगे। उन्होंने अपने पत्र का समापन रतन टाटा के एक उद्धरण के साथ किया, कोई भी व्यक्ति उस संस्थान से बड़ा नहीं है जिसकी वह सेवा करता है।

मिस्री का ट्रस्टी के रूप में अक्तूबर में खत्म हुआ कार्यकाल
मिस्त्री का इस साल 27 अक्तूबर को टाटा ट्रस्ट में ट्रस्टी के रूप में कार्यकाल समाप्त हो गया। पिछले साल 17 अक्तूबर को टाटा ट्रस्ट के ट्रस्टी बोर्ड के प्रस्ताव के मुताबिक, मिस्त्री को आजीवन ट्रस्टी के रूप में फिर से नियुक्त किया जाना था। हालांकि, उनकी दोबारा नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिली क्योंकि दो प्रमुख ट्रस्ट ‘सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट’ और ‘सर रतन टाटा ट्रस्ट’ में तीन ट्रस्टी ने इसका विरोध किया।

मिस्त्री ने एहतियात के तौर पर महाराष्ट्र धर्मार्थ आयुक्त के पास एक याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने अनुरोध किया था कि ट्रस्टियों की सूची में किसी भी बदलाव से पहले उन्हें सुना जाए। अब मिस्त्री ने सभी अटकलों पर विराम लगाते हुए टाटा ट्रस्ट से अपने अलग होने की औपचारिक घोषणा कर दी है। 

ऋषभ बसोया के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस: 13,000 करोड़ के अंतरराष्ट्रीय ड्रग कार्टेल सरगना ह

इंटरपोल ने मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय ड्रग कार्टेल के सरगना वीरेंद्र सिंह बसोया उर्फ वीरू के फरार बेटे ऋषभ बसोया के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के अनुसार ऋषभ कार्टेल के लॉजिस्टिक्स और ड्रग्स की हेराफेरी में अहम भूमिका निभा रहा था।

यह ड्रग नेटवर्क 13,000 करोड़ रुपये के कोकीन कारोबार से जुड़ा था, जिसकी जड़ें दक्षिण अमेरिका से लेकर भारत, पाकिस्तान, दुबई, थाईलैंड, मलयेशिया और ब्रिटेन तक फैली थीं। जांच में पता चला कि नशीले पदार्थ कार्डबोर्ड बॉक्सों में कपड़े या नमकीन के साथ छिपाकर भेजे जाते थे। गूगल मैप के जरिए पिकअप और ड्रॉप लोकेशन तय की जाती थीं और ये ड्रग्स दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, पंजाब और गोवा के रेव पार्टियों व संगीत कार्यक्रमों में बेचे जाते थे।

स्पेशल सेल ने एक अक्तूबर 2024 में इस नेटवर्क का भंडाफोड़ किया था, जब ऋषभ ने अपने साथी जतिंदर सिंह उर्फ जस्सी को टोयोटा फॉर्च्यूनर सौंप दी थी। कुछ दिन बाद पंजाब के अजनाला इलाके के नेपाल गांव में इस गाड़ी को पकड़ा गया, जिसमें से करीब एक किलो कोकीन/मेफेड्रोन बरामद हुई। सीसीटीवी फुटेज में दोनों को दिल्ली के पंचशील एन्क्लेव स्थित एक होटल में भी देखा गया था। फिलहाल ऋषभ मध्य पूर्व में छिपा बताया जा रहा है।

अधिकारियों के मुताबिक, भारत ने कई देशों को लेटर रोगेटरी भेजे हैं और अब अदालत में ट्रायल इन ऐब्सेंशिया (गैरहाजिरी में मुकदमा) शुरू करने की तैयारी है। नया कानून भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) ऐसी स्थिति में अनुपस्थित आरोपी के खिलाफ मुकदमे की अनुमति देता है। बता दें कि रेड कॉर्नर नोटिस गिरफ्तारी वारंट नहीं होता, लेकिन इससे ऋषभ की यात्रा, संपत्ति और प्रत्यर्पण प्रक्रिया पर सख्ती बढ़ जाएगी।

इंडोनेशिया को ब्रह्मोस बेचने के करीब पहुंचा भारत

स्वदेशी रक्षा उद्योग को बड़ा बूस्ट देते हुए, भारत और इंडोनेशिया ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों के सौदे पर हस्ताक्षर करने के करीब पहुंच गए हैं। रक्षा सूत्रों ने बताया कि बातचीत में लगभग सभी प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं और अनुबंध पर हस्ताक्षर करने के लिए केवल रूसी पक्ष की स्वीकृति की आवश्यकता है। भारत ने यह मिसाइल रूस के साथ मिलकर बनाया है और मिसाइल बनाने वाली कंपनी में रूस की भी हिस्सेदारी है। 

भारत और इंडोनेशिया लंबे समय से इस सौदे पर चर्चा कर रहे हैं। इस साल जनवरी में इंडानेशिया के शीर्ष राजनयिकों के एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल की नई दिल्ली यात्रा के दौरान इस पर चर्चा हुई थी। भारत फिलीपीन को ये मिसाइलें बेच चुका है और अब इस अनूठी हथियार प्रणाली के लिए बाजार का विस्तार करना चाहता है। इस मिसाइल ने मई में हुए भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान अपनी क्षमता साबित की है।

हाल ही में सीडीएस अनिल चौहान सहित वरिष्ठ भारतीय सैन्य नेताओं ने इंडोनेशिया का दौरा किया। सीडीएस की इंडोनेशिया यात्रा से भारत और इंडोनेशिया के बीच रक्षा संबंध और प्रगाढ़ हुए हैं। इसी साल जनवरी में राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो की भारत की राजकीय यात्रा ने भी भारतीय और इंडोनेशियाई सेना के बीच घनिष्ठ सहयोग का मार्ग प्रशस्त किया। भारत ने कुछ साल पहले फिलीपीन के साथ लगभग 3,500 करोड़ रुपये का एक समझौता किया था और उसे मिसाइलें और आवश्यक प्रणालियां बेचीं हैं।

भारत-इंडोनेशिया रक्षा संबंध गहरा हुआ
भारत और इंडोनेशिया के बीच रक्षा सहयोग पिछले कुछ वर्षों में काफी गहरा हुआ है। साल 2018 में दोनों देशों ने अपने संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया था।अप्रैल 2024 में जकार्ता में आयोजित भारत-इंडोनेशिया रक्षा उद्योग प्रदर्शनी में भारत की 30 से अधिक रक्षा कंपनियों ने भाग लिया था। इस अवसर पर दोनों देशों ने रक्षा उत्पादन और आपूर्ति शृंखला सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई थी। दोनों देशों की नौसेनाएं नियमित रूप से समन्वित गश्ती व संयुक्त अभ्यास करती हैं, जिससे हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को मजबूती मिली है। दोनों देशों के बीच रक्षा उद्योग, प्रशिक्षण व प्रौद्योगिकी सहयोग पर अहम समझौते भी हुए हैं। दोनों देशों के बीच रक्षा साझेदारी इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति व स्थिरता के लिए भी महत्वपूर्ण है। 

ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल प्रणाली के बारे में जानिए
ब्रह्मोस एक सार्वभौमिक लंबी दूरी की सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल प्रणाली है, जिसे जमीन, समुद्र और हवा से लॉन्च किया जा सकता है। ब्रह्मोस को भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ)  और रूस के नैटिक पॉलीमर्स एंड ऑर्गनिक्स (एनपीओएम) के संयुक्त उद्यम के तहत विकसित किया गया है। इस प्रणाली को एंटी-शिप और लैंड-अटैक भूमिकाओं के लिए दो वैरिएंट के साथ डिजाइन किया गया है। ब्रह्मोस हथियार प्रणाली को भारतीय नौसेना के साथ-साथ भारतीय सेना में भी शामिल किया गया है।

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