इंदौर
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी की सदस्यता खत्म करने के विरोध में शुक्रवार को युवक कांग्रेस ने शहर में प्रदर्शन किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी की। शाम 6.30 बजे युवक कांग्रेस अध्यक्ष रमीज खान के नेतृत्व में कांग्रेसी गांधी भवन स्थित पार्टी कार्यालय के बाहर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला और नारेबाजी शुरू की। मौके पर पहुंची को पुतला जलाने में काफी मशक्कत हुई और आपाधापी मची।
पुतला दहन के दौरान ऐसी मची आपाधापी।
कांग्रेसियों ने कहा कि राहुल गांधी की सदस्यता खत्म करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संविधान की हत्या की है। उन्होंने उद्योगपति अडानी को बचाने के लिए यह कदम उठाया है। राहुल गांधी वे शख्स हैं जिन्होंने प्रधानमंत्री पद ठुकराया था। प्रधानमंत्री मोदी उन्हें बोलने से नहीं रोक पाएंगे। इस दौरान कांग्रेसियों ने मोदी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने कहा राहुल गांधी न डरे और न ही डरेंगे।
गीता भवन चौराहे पर भी विरोध प्रदर्शन
उधर, गीता भवन चौराहे पर लोकतंत्र के इस काले दिवस के विरोध भारत का संविधान लिखने वाले बाबा डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष कांग्रेस नेता पिंटू जोशी और अमन बजाज द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया। उन्होंने कहा भारत के संविधान के मूल्यों की रक्षा करने और मोदी सरकार जैसी फासिस्ट ताकतों के विरोध में यह प्रदर्शन किया गया। लोकतंत्र की हत्या के षड्यंत्र में शामिल भारतीय जनता पार्टी कि केंद्र सरकार के खिलाफ राहुल गांधी लड़ाई में जनता साथ खड़ी है। कांग्रेसियों ने बाबा अंबेडकर की प्रतिमा के सामने काले गुब्बारे छोड़कर अपना विरोध प्रदर्शन किया। सभी कांग्रेसियों ने काली पट्टी बांधकर अपनी ओर से लोकतंत्र के इस काले दिन के खिलाफ आवाज बुलंद की गई। प्रदर्शन में प्रमुख रूप से सुरजीत चड्ढा, चिंटू चौकसे, बादशाह मिमरोट, राजू भदौरिया,अरविंद बागडी, अमित पटेल, देवेंद्र सिंह यादव, अनवर कादरी, सुदामा चौधरी ,पवन जैन, अनूप शुक्ला , मनी मिंडा ,मुकेश पुरी, नीलेश पटेल, कमल वर्मा, निलेश वर्मा. अतीत गौहर, नितेश नरवले, आनंद गर्ग, महेंद्र वर्मा, अमीन खान सूर, निलेश वर्मा, मिथुन यादव, संजीव सेठ. गोकुल कारोड़े, प्रज्ञा फिलिप्स साधना भंडारी ,किरण जित्रेती दिनेश कुशवाह,सोनू व्यास. राधे बोरासी स्वप्निल कामले, दीपू यादव, नवीन वर्मा अविनाश पटेल आदि थे।
मप्र में किसानों पर 74,420 रु. औसत कर्ज और औसत आय
प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते विधायक सचिन यादव।
कांग्रेस के प्रदर्शन से पहले कांग्रेस के पूर्व मंत्री सचिन यादव ने मीडिया से बात की। उन्होंने कहा भाजपा सरकार केंद्र में हो या राज्य में स्वभाव से किसान विरोधी हैं। मप्र की भाजपा सरकार फसलों के दाम मांगने पर किसानों के सीने में गोलियां उतार देती है और केंद्र की भाजपा सरकार किसान फसलों के दाम मांगे तो उनके सिर लहूलुहान किए जाते है। कमलनाथ सरकार 27 लाख किसानों का कर्ज माफ करती है, 20 लाख 10 हजार कृषि पंपों के लिए 6137.94 करोड रु. की सब्सिडी का प्रावधान करती है और हिन्दुस्तान की सबसे सस्ती बिजली 44 पैसे प्रति यूनिट किसान भाइयों को उपलब्ध कराती है। एक हेक्टेयर तक की भूमि वाले अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के कृषको को 5 हार्स पॉवर तक की कृषि पंप की बिजली मुफ्त दी जाती है।

