इंदौर/भोपाल। विजयनगर थाना क्षेत्र के शगुन आर्केड स्थित एटम्स स्पा सेंटर पर क्राइम ब्रांच और महिला थाने की पुलिस द्वारा की गई छापेमारी में स्पा पार्लर की आड़ में चलाया जा रहे वैश्यावृत्ति के अड्डे का खुलासा होते ही पुलिस व प्रशासन के अफसर ऐसे सक्रिय हुए कि छापा मारने वाली टीम को इसकी संचालिका नीलम खेमानी की जगह उसके मैनेजर को मुख्य आरोपी बनना पड़ गया। भोपाल निवासी खेमानी की पहुंच और रसूख को इससे समझा जा सकता है कि उसके इंदौर के अलावा भोपाल में भी कई स्पा चल रहे हैं। उसके आधिकांश स्पा में छापे के बाद सिर्फ कर्मचारी ही आरोपी बनाए जाते हैं। उसके स्पा से कई विदेशी युवतियां तक गिरफ्तार हो चुकी हैं , लेकिन मजाल है कि पुलिस खेमानी को आरोपी बना पाई हो। यही नहीं इन स्पा में कई बेशकीमती सामान उसके द्वारा लेने के बाद उनका भुगतान तक नहीं किया गया। इस मामले में भी पुलिस उसे आरोपी बनाने की हिम्मत अब तक नहीं दिखा सकी है। बताया जाता है कि उसके आला अफसरों से बेहद खास संबंध हैं, जिसकी वजह से हर बार वह पुलिस कार्रवाई से साफ-साफ बच निकलती है। बीते रोज मारे गए छापे में उसके स्पा से थाईलैंड की दो, देवास-भोपाल की एक-एक और इंदौर की आठ युवतियों और नौ युवकों को गिरफ्तार किया गया । इस मामले में पुलिस ने स्थानीय संचालक के रूप में संजय को गिरफ्तार किया है।
खास बात यह है कि इस एटम्स स्पा का किराएदारी नामा खेमानी के नाम पर होने के बाद भी पुलिस उसे आरोपी बनाने की हिम्मत नहीं दिखा पा रही है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस की जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि जिस संजय वर्मा निवासी संविद नगर को स्पा का स्थानीय संचालक मानकर गिरफ्तार किया है वह तो कर्मचारी है और उसे नाम मात्र की तनख्वाह मिलती है। खास बात यह है कि इस मामले में संजय ने खुलासा किया है कि उससे खेमानी ने कोरे कागज पर मालिक के रूप में हस्ताक्षर कराए हैं, ताकि कार्रवाई होने पर वह बच सके। इसके लिए उसने मैनेजर के नाम से एक एग्रीमेंट तक बनवा लिया है , जिसमें मैनेजर संजय को संचालक बताते हुए उसके द्वारा स्पा की फ्रेंचाइजी लेने का उल्लेख किया गया है।
खास बात यह है कि उक्त भवन की किराएदारी एग्रीमेंट नीलम खेमानी के नाम पर है। इसे उसके द्वारा भवन मालिक वीएन तिवारी और मोहन अग्रवाल से किया है। सवाल यह है कि अगर संजय फ्रेंचाइजी लेकर स्पा चला रहा था तो एग्रीमेंट उसके नाम से होना था। जबकि , नीलम खेमानी ने फ्रेंचाइजी का जो एग्रीमेंट संजय से किया है। उसकी एक प्रति दुकान मालिक तिवारी और अग्रवाल के पास होना चाहिए थी। पूछताछ में स्पा के कर्मचारियों ने पुलिस को बताया कि नीलम खेमानी हफ्ते में एक बार आकर हिसाब ले जाती है। इससे भी सवाल उठता है कि यदि उसने फ्रेंचाइजी दी है तो उसे हिसाब लेने आने की क्या जरुरत थी। खास बात यह है कि मकान मालिक संजय को जानते भी नहीं है।
कौन है नीलम खेमानी?
दरअसल नीलम खेमानी भोपाल की रहने वाली है। वह स्पा सेंटर की आड़ में देशी-विदेशी युवतियों से देह व्यापार कराने के मामले में शोहरत रखती है। बीते दिनों इंदौर में पकड़ाई दोनों थाईलैंड की युवतियां भी भोपाल से भेजी गई थीं। यह दोनों पहले भी पकड़ी जा चुकी हैं। इनमें से एक का थाईलैंड का पासपोर्ट महिला टीआई ज्योति शर्मा ने बरामद कर लिया है। खेमानी के खिलाफ अब तक महज एक ही मामला दर्ज हुआ है। वह अपने स्पा के लिए मसाजर कुर्सी सहित अन्य कीमती सामान लेने के बाद उसका भुगतान तक नहीं करती है। ऐसे ही एक मामले की शिकायत लंबे समय से भोपाल में लंबित है। इस मामले में कई स्तर पर शिकायत के बाद भी खेमानी पर पुलिस द्वारा अब तक कार्रवाई नहीं की गई है।

