इंदौर :टैक्स चोरी के एक बड़े मामले में इंदौर की तुकोगंज पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है.तुकोगंज पुलिस ने धोखाधड़ी के मामले में लगातार फरार चल रहे एक आरोपी को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार किया गया आरोपी इस मामले में अन्य आरोपी प्रसिद्ध गुटखा कारोबारी किशोर वाधवानी का करीबी बताया जा रहा है. गुटखा कारोबारी के करीबी को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने पूछताछ शुरू कर दी है, जिसमें कई बड़ी खुलासे हो सकते हैं.
करोड़ों रु की टैक्स चोरी का मामला
तुकोगंज पुलिस के मुताबिक इंदौर के प्रसिद्ध गुटखा कारोबारी किशोर वाधवानी के करीबी पंकज माजुपूरिया को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. पूरा मामला टैक्स चोरी से संबंधित है. बता दें कि गुटखा कारोबारी किशोर वाधवानी के खिलाफ अलग-अलग विभागों ने कार्रवाई करते हुई करोड़ों रुपए की टैक्स चोरी पकड़ी थी और उसी मामले में किशोर वाधवानी, उनके भतीजे नितेश वाधवानी और उनके करीबी पंकज के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया था.
233 करोड़ की जीएसटी चोरी का आरोप
एसीपी विनोद दीक्षित के मुताबिक, ” पुलिस ने गुटखा कारोबारी के करीबी पंकज को गिरफ्तार किया है और उससे सख्ती से पूछताछ की जा रही है. जल्द ही इस पूरे मामले में अन्य आरोपियों की भी गिरफ्तारी की जाएगी.” जीएसटी के महानिदेशक के मुताबिक गुटखा कारोबारी पर 233 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी का आरोप है. बता दें कि इंदौर के बड़े गुटखा कारोबारी मालिक किशोर वाधवानी एवं उनके भतीजे नितेश वाधवानी के खिलाफ डायरेक्टर जनरल आफ जीएसटी इंटेलिजेंस भोपाल ने तुकोगंज थाने में 10 फरवरी 2021 को धोखाधड़ी सहित अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया था.
यह पूरा मामला दबंग दुनिया अखबार की आड में कालेधन को सफेद करने का है। पंकज को सुबह महालक्ष्मी स्थित निवास से लेकर आए है। पुलिस द्वारा पांच बार समय देने के बाद भी सीईओ पंकज माजूपुरिया संबंधित मामले के दस्तावेज पेश नहीं कर पाया। बता दें कि 500 करोड़ की टैक्स चोरी कर सरकार को चपत लगाने वाला गुटखा माफिया किशोर वाधवानी धोखाधड़ी और कुकर्म के मामले में फरार है।
4 अप्रैल 2018 को वाधवानी के दबंग दुनिया अखबार के भोपाल ऑफिस में कार्यरत 24 साल की युवती ने एमपी नगर थाने में आईपीसी की धारा 377, 506 और 34 के तहत केस दर्ज करवाया था। युवती ने FIR में बताया था कि वाधवानी ने उसके साथ अप्राकृतिक कृत्य किया है।
4 अगस्त 2018 को दबंग दुनिया भोपाल में कार्यरत एक अन्य 23 साल की युवती ने किशोर वाधवानी पर IPC की धारा 294 के तहत एमपी नगर थाने में प्रकरण दर्ज कराया था। अप्रैल 2019 को दबंग न्यूज टीवी भोपाल में कार्यरत एक महिला कर्मचारी ने वाधवानी के खिलाफ कार्यस्थल पर प्रताड़ित किए जाने का मामला महिला थाने में दर्ज कराया था।
10 फरवरी 2021 को तुकोगंज थाने में डीजीजीआई के अतिरिक्त सहायक निदेशक अंकुल बारिया ने (अपराध क्रमांक 88/21) के तहत 420, 467, 468, 471, 120 बी भादवि का केस किशोर और उसके भतीजे नीतेश वाधवानी पर दर्ज कराया था। आरोप है कि दोनों ने न्यू पलासिया जंजीरवाला चौराहा स्थित अपने अखबार दबंग दुनिया की आड़ में 1 अप्रैल 2016 से 30 मार्च 2020 तक करोड़ों रुपयों की जीएसटी चोरी की।
21 मार्च 2021 को विजयनगर पुलिस ने किशोर वाधवानी और उसके कर्मचारियों पर 377 (अप्राकृतिक कृत्य), 366 और 34 (सामूहिक रूप से अपराध करने) का केस दर्ज किया था। केस में आईपीसी की धारा 328 नहीं लगाई गई, जबकि महिला को अपराध करने के उद्देश्य से जूस में नशा या जहरीला पदार्थ दिया गया था।
वाधवानी पर मेहरबान थी पुलिस, महिलाओं द्वारा दर्ज कराए 2 मामलों को खत्म किया

338 करोड़ रुपए की कर चोरी के आरोपी किशोर वाधवानी पर मप्र पुलिस भी मेहरबान रही। वाधवानी के समाचर पत्र दबंग दुनिया और दबंग न्यूज टीवी चैनल में कार्यरत तीन महिला कर्मचारियों ने उसके खिलाफ छेड़छाड़ और यौन शोषण का आरोप लगाते हुए भोपाल पुलिस में मामला दर्ज करवाया था। लेकिन कुछ ही दिनों में पुलिस ने दो मामलों में खारिजी पेश कर दी।
सूत्रों के अनुसार, पीड़िताओं पर समझौता करने या आरोप वापस लेने का दबाव बनाया जाता रहा है। वहीं इंदौर के सांवरे रोड औद्योगिक क्षेत्र में सिगरेट की एक और फैक्ट्री डीजीजीआई की टीम ने पकड़ी है। यहां भी बड़े पैमाने पर अवैध सिगरेट बनाई जा रही थी। यहां मिले माल से अंदाजा लगाया जा रहा है कि सिगरेट बनाकर बेचने से सालभर में 150 करोड़ से ज्यादा की टैक्स चोरी की गई है। उधर, वाधवानी ने इंदौर की विशेष न्यायाल में एक आवेदन देकर कहा है कि डीजीजीआई द्वारा उससे जबरन बायान लिए गए हैं। वह उसे बदलना चाहता है।
- 4 अप्रैल 2018 को वाधवानी के अखबर दबंग दुनिया के भोपाल ऑफिस में कार्यरत 24 साल की युवती ने एमपी नगर थाने में आईपीसी की धारा 377, 506, 34 के तहत केस दर्ज करवाया था। युवती ने एफआईआर में बताया था कि वाधवानी द्वारा उसके साथ अप्राकृतिक कृत्य किया गया है। एफआईआर दर्ज होने के 22 दिन बाद 26 अप्रैल 2018 को पुलिस ने मामले में खारिजी काट दी।
- 4 अगस्त 2018 को दबंग दुनिया भोपाल में कार्यरत एक अन्य 23 साल की युवती ने किशोर वाधवानी पर आईपीसी की धारा 294 के तहत एमपी नगर थाने में प्रकरण दर्ज कराया था। मामले में पुलिस ने 23 दिसंबर 2018 को खारिजी काट दी। गौरतलब है कि सार्वजनिक स्थल पर अश्लील टिप्पणी करने पर धारा 294 लगाई जाती है। पीड़िता ने पुलिस से वाधवानी द्वारा छेड़छाड़ किए जाने की बात भी कही थी लेकिन पुलिस ने इसका उल्लेख एफआईआर में नहीं किया।
- अप्रैल 2019 को दबंग न्यूज टीवी भोपाल में कार्यरत एक महिला कर्मचारी ने वाधवानी के खिलाफ कार्यस्थल पर प्रताड़ित किए जाने का मामला महिला थाने में दर्ज कराया था। मामले में पुलिस का कहना है कि कोर्ट में चालान पेश किया जा चुका है।
प्रेस की आड़ में वाहनों में सिगरेट भरकर तस्करी की आशंका डीजीजीआई ने सांवेर रोड पर एक गोदाम पकड़ा है। औद्योगिक क्षेत्र में मिले इस गोदाम में सिगरेट के साथ ही सिगरेट बनाने की दो-तीन मशीनें भी पकड़े जाने की बात सामने आई है। यहां मिले माल से अंदाजा लगाया जा रहा है कि सिगरेट बनाकर बेचने से सालभर में 150 करोड़ से ज्यादा की टैक्स चोरी की गई। विभाग ने यहां से लोडिंग रिक्शा भी बरामद किए हैं। जानकारी के अनुसार इन पर प्रेस लिखा हुआ है।
आशंका है कि यहां भी प्रेस की आड़ में वाहनों में सिगरेट भरकर बेची गई। यह गोदाम मास्टरमाइंड किशोर वाधवानी से लिंक है या नहीं, इसकी जांच की जा रही है। अभी और भी गोदाम सांवेर रोड पर हो सकते हैं, जिसकी तलाश में टीम जुटी है। इसके पहले विभाग पान मसाले में 233 करोड़ और सिगरेट में 105 करोड़ की टैक्स चोरी पकड़ चुका है। पान मसाले में तो बीते दो साल की टैक्स चोरी 400 करोड़ तक होने की आशंका जताई गई है। इस तरह हर गोदाम के पकड़े जाने के साथ ही जीएसटी की टैक्स चोरी का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है।
मप्र सरकार ने वाधवानी को जारी किया था अधिमान्य पत्रकार का कार्ड किशोर वाधवानी मप्र का राज्य स्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार था। मप्र सरकार ने ही उसे यह अधिमान्यता प्रदान की थी। लेकिन अब कर चोरी में प्रमुख आरोपी के रूप में नाम आने और डीजीजीआई द्वारा गिरफ्तार कर जेल पहुंचने के बाद मप्र सरकार ने वाधवानी की अधिमान्यता समाप्त कर दी है। आरोपी किशोर वाधवानी दबंग दुनिया नामक अखबार का मालिक है। इसी के माध्यम से प्रदेश के जनसंपर्क विभाग द्वारा उसे राज्य स्तरीय अधिमान्यता प्रदान की गई थी।
वाधवानी ने कभी कोई पत्रकारिता नहीं की उसके बावजूद उसके पास राज्य स्तरीय अधिमान्यता होने से जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों पर भी शक जताया जा रहा है। वहीं वाधवानी के अखबार के नाम पर कई लोगों को अधिमान्यता प्रदान किए जाने की बात भी सामने आ रही है। इसके साथ ही मीडिया की आड़ में ब्लैकमेलिंग का धंधा किए जाने की बात भी जांच में पता चली है। मामले में किशोर वाधवानी का साथ देने वाले जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अफसरों की भूमिका की जांच कराने की मांग भी की गई है।