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सम्मेद शिखर को लेकर हाथों में तख्तियां लेकर शामिल हुए राजनेता

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इंदौर

इंदौर में सम्मेद शिखर को लेकर समग्र जैन समाज ने मौन प्रदर्शन किया। रीगल तिराहे पर समग्र जैन समाज के लोग एकत्रित हुए। वहीं सांसद शंकर लालवानी, विधायक महेंद्र हार्डिया, विधायक आकाश विजयवर्गीय भी इस मौन प्रदर्शन में शामिल हुए।

हाथों में बैनर-तख्तियां लेकर समाजजनों ने अपना मौन रूप से विरोध जताया। वहीं इस लेकर जैन समाज के एक साधु-महात्मा के अनशन के दौरान समाधीमरण होने पर भी जैन समाज में भारी नाराजगी है। समग्र जैन समाज ने करीब दो घंटे मौन प्रदर्शन किया। इस दौरान समाजजनों के हाथों में पारसनाथ पर्वत को वन्य जीव अभ्यारण का एक भाग नहीं स्वतंत्र जैन तीर्थस्थल घोषित करो…शिखर जी हमारा है हमारा ही रहेगा…ना रुकेंगे ना झुकेंगे तीर्थ हमारा है लेकर रहेंगे जैसे बैनर व तख्तियां हाथों में लिए थे।

झारखंड सरकार को फिर से विचार करना चाहिए – सांसद

प्रदर्शन में शामिल हुए सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि पूरे जैन समाज ने मांग कि है कि सम्मेद शिखर जी को पर्यटन स्थल घोषित नहीं किया जाए। ये पवित्र स्थल है और आस्था का विषय है। इसे लेकर हमने भी केंद्र सरकार ने झारखंड सरकार को लिखा है। मुझे लगता है कि झारखंड सरकार को इस पर फिर से विचार करना चाहिए। जैन समाज की भावना के अनुरूप इसे तीर्थ स्थल घोषित करना चाहिए। हम सब जैन समाज के साथ है। हम यहीं मांग करते है कि सम्मेद शिखर जी को पर्यटन स्थल घोषित न करें इसे तीर्थ स्थल ही रहने दे और जैन समाज की भावना के अनुरूप निर्णय लिया जाए।

पूरे देश के लिए दुखद बात

दिगंबर जैन समाज के राजकुमार पाटोदी ने कहा कि सम्मेद शिखर को लेकर हमारे साधु महात्मा अनशन पर बैठे थे। उनका कल समाधीमरण हो गया। ये हमारे लिए, समाज के लिए और पूरे देश के लिए बहुत दुखद बात है। एक मुद्दे को लेकर साधु का समाधीमरण हो गया। इसके कारण हम बहुत दुखी है। शासन से निवेदन है कि इस तरह का काम नहीं हो। इसलिए निर्णय को वापस लेकर सम्मेद शिखर को पवित्र तीर्थ स्थल घोषित किया जाए।

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