‘समाजवादी पार्टी की महिलाएं अखिलेश के सामने अपने नंबर बढ़ाने के लिए मेरे निजी जीवन पर जिस तरह टिप्पणी कर रही हैं, मुझे उनकी सोच पर तरस आता है, उनमें आत्मसम्मान की कमी है, तो वे दूसरों का सम्मान कैसे करेंगी?’। यह कहना है समाजवादी पार्टी से निष्कासित विधायक पूजा पाल का। योगी सरकार और यूपी के डीजीपी को लिखे पत्र में पूजा पाल ने
कहा कि मेरे बारे में सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी करने वालों के खिलाफ एक्शन लें। साथ ही, अखिलेश यादव को नसीहत देते हुए कहा कि DA पाठशाला लगाने से पहले उन्हें खुद स्कूल जाना चाहिए और महिलाओं का सम्मान करना सीखना चाहिए।
पूजा पाल ने भाजपा में शामिल होने के सवाल पर अपना स्टैंड स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि माफिया के खिलाफ एक्शन लेने वाली पार्टी को ही मैं समर्थन दूंगी। हमारी विचारधारा और भाजपा की विचारधारा एक बराबर है, इसलिए आने वाले समय में पाल समाज के लोगों से बातचीत करने के बाद ही वे अगला कदम उठाएंगी।
गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले पूजा पाल ने विधानसभा सत्र की कार्यवाही के दौरान सदन में पति राजू पाल की हत्या में मुख्य आरोपी अतीक अहमद पर हुई कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की खुलकर तारीफ की थी। उसके बाद पूजा पाल को सपा से बाहर निकाल गया था। निष्कासन के बाद पूजा पाल ने सपा को दो पत्र लिखकर pda पर सवाल उठाए थे।

