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पॉश कॉलोनियों का वार्ड 42, ड्रेनेज जर्जर, स्ट्रीट लाइट बंद; 2 दिन छोड़ मिलता पानी

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इंदौर

शहर की सबसे पॉश कॉलोनियों के वार्ड 42 की बात करें तो यहां की मुख्य समस्या पानी की है। करीब 50 साल पुराने इलाके से जुड़े वार्ड की कॉलोनियों में दो से तीन दिन में एक बार पानी आता है। वह भी बेहद कम प्रेशर से। क्षेत्र की बड़े-बड़े बंगलों वॉली कॉलोनियों और व्यावसायिक क्षेत्र में दिनभर टैंकर घूमते दिखाई देते हैं। वार्ड का एक मात्र बस्ती इलाका विनोबा नगर है। गड्ढे में बसी इस बस्ती में ड्रेनेज की बड़ी समस्या है।बारिश के दिनों में कई बार घुटने-घुटने पानी जमा हो जाता है। स्वामी विवेकानंद नाम से बने इस वार्ड के गुलमोहर और साकेत नगर में कुछ इलाकों में स्ट्रीट लाइट की परेशानी है। एक बार बंद होने के बाद ठीक होने में हफ्तों लग जाते हैं। पालीवाल नगर, पुष्प नगर और रवींद्र नगर में खाली प्लॉटों पर मलबा और कचरा देखने को मिलता है। यहां से जो भी जीते, बस यही उम्मीद जताते हैं कि वह क्षेत्र के विकास के लिए पूरा सहयोग करें। खासकर पानी जैसी समस्या का निदान होना बहुत जरूरी है।

पानी की नई टंकी बनी लेकिन अभी सप्लाय नहीं

चंद्रलोक कॉलोनी में रहने वाले प्रेम परमार का कहना है वार्ड में पीडब्ल्यूडी विभाग की पानी की टंकी से पानी सप्लाय होता है, जनता की समस्या के निदान के लिए पालीवाल नगर में नई पानी की टंकी बनाए एक साल से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन पानी की सप्लाय शुरू नहीं हो सकी है।

गुलमोहर कॉलोनी में नर्मदा पानी की लाइन ही गड़बड़

अहिल्या चैंबर ऑफ कॉमर्स के महामंत्री और गुलमोहर कॉलोनी के सुशील सुरेका का कहना कि क्षेत्र में दो से तीन दिन में एक बार नल आते हैं, लेकिन प्रेशर बेहद कम होता है। अधिकांश लोग अपने बोरिंग या टैंकरों के भरोसे रहते हैं। 700 से 1000 रुपए में निजी टैंकर से पानी खरीदना पड़ता है। वार्ड की कुछ कॉलोनियों के खाली प्लॉटों पर मलबा और गंदगी रहती है।

विनोबा नगर के घरों में भर जाता है बारिश का पानी
विनोबा नगर में रहने वाले पप्पू कौशल बताते हैं कि इलाके का ड्रेनेज सिस्टम खराब होने से बारिश के दिनों में घरों में पानी जमा हो जाता है। नाला टैपिंग करने के बाद से यह परेशानी और बढ़ गई। नर्मदा के नल भी तीन-चार दिन में एक बार आते हैं। नाले की सफाई भी नहीं की जाती है। स्ट्रीट लाइटें भी बंद रहती हैं।

ये प्रमुख कॉलोनियां आती हैं इस वार्ड में
साकेत नगर, रवींद्र नगर, संविद नगर, मनभावन नगर, टेलीफोन नगर, शीतल नगर, मनीषपुरी, गुलमोहर एक्सटेंशन, गुलमर्ग, विनोबा नगर, पुष्प नगर, मुल्तानी मेनन कॉलोनी, क्लासिक पूर्णिमा नगर, चंद्रलोक कॉलोनी, कल्पना लोक, शंकर नगर, उत्कर्ष विहार, पालीवाल नगर, पत्रकार कॉलोनी के साथ न्यू पलासिया व कनाड़िया रोड का कुछ हिस्सा आता है।

ये जनप्रतिनिधि इसी वार्ड के वासी

लोकसभा की पूर्व स्पीकर सुमित्रा महाजन, सांसद शंकर लालवानी, पूर्व मंत्री अर्चना चिटनीस, पूर्व मंत्री और विधायक प्रियवृत सिंह (खिलचीपुर), पूर्व सीएम के भतीजे और विधायक सुरेंद्र पटवा (भोजपुर), पूर्व विधायक अशोक शुक्ला, वरिष्ठ भाजपा नेता राजेश अग्रवाल, कांग्रेस नेता अमन बजाज सहित प्रभावशाली लोगों के घर भी इसी वार्ड में हैं। इसके अलावा कई उद्योगपति भी यहीं रहते हैं।

लाइन बदली जाएगी
वार्ड के कुछ इलाकों में पानी सप्लाय से जुड़ी परेशानी है। लाइन बदलने को लेकर टेंडर प्रक्रिया हो चुकी है। विनोबा नगर निचला क्षेत्र है, इसलिए अधिक बारिश में पानी जमा होने की शिकायत आती है।
-अजय सिंह नरूका, पूर्व सभापति और पूर्व पार्षद

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