इंदौर में सोमवार को बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम हुआ है। सोमवार दोपहर को सिंधिया समर्थक रहे इंदौर के प्रमोद टंडन ने भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। वे पहले कांग्रेस में थे और सिंधिया के भाजपा में जाने पर वे भी चले गए थे। प्रमोद टंडन ने कहा कि कुछ तो कारण रहा होगा, यूं ही कोई बेवफा नहीं होता। शाम को उन्होंने कांग्रेस के शहर अध्यक्ष सुरजीत सिंह चड्ढा के साथ मिलकर प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए खुद के कांग्रेस में शामिल होने की संभावना पर मुहर लगा दी। इधर, राऊ विधानसभा क्षेत्र में भी पार्टी को बड़ा झटका लगा है। बीजेपी के नेता दिनेश मल्हार ने भी टंडन के साथ पार्टी से इस्तीफा दिया है। वे यहां से टिकट के दावेदार भी रहे हैं। इससे पहले, सिंधिया समर्थक समंदरसिंह पटेल भी इस्तीफा दे चुके हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दोनों ही नेता कांग्रेस का दामन थाम सकते हैं। बता दें कि प्रमोद टंडन ने 8 जून 2020 को कांग्रेस का हाथ छोड़कर बीजेपी का दामन थामा था। शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर प्रमोद टंडन का बीजेपी में स्वागत किया था। सूत्रों ने बताया कि दोनों ही नेता 23 सितंबर को कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं। 23 सितंबर को इंदौर में कमलनाथ का प्रोग्राम है, जिसमें यह नेता कांग्रेस का दामन थाम सकते हैं। दोनों ही नेताओं के इस्तीफे पर इंदौर शहर भाजपा अध्यक्ष गौरव रणदिवे का कहना है कि मुझे अभी जानकारी मिली है। दोनों ही नेताओं ने इस्तीफा क्यों दिया है, इसकी जानकारी ले रहा हूं।
ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ प्रमोद टंडन। यह फोटो तब की है जब दोनों ही नेता कांग्रेस में थे।
प्रमोद टंडन रह चुके हैं शहर कांग्रेसाध्यक्ष
बता दें कि प्रमोद टंडन छात्र राजनीति से ही कांग्रेस में सक्रिय थे। टंडन पूर्व में युवा कांग्रेस और इंदौर कांग्रेस के शहर अध्यक्ष रह चुके हैं और दो बार पार्षद का चुनाव लड़ चुके हैं। जानकारों की माने तो सिंधिया के कट्टर समर्थक होने के कारण ही उन्हें शहर अध्यक्ष बनाया गया था। वे लगभग 7 साल अध्यक्ष रहे थे। बीजेपी में शामिल होने के बाद टंडन पिछले 4-5 महीने से पार्टी में हो रही उपेक्षा के कारण नाराज थे। इसके बारे में वे बीजेपी और संघ को जानकारी दे चुके थे। वहीं दिनेश मल्हार एबीवीपी के पुराने कार्यकर्ता रहे हैं। मल्हार राऊ विधानसभा के गठन के समय से ही यानी 2008 से ही राऊ से टिकट की दावेदारी कर रहे थे।
प्रमोद टंडन ने प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और दिनेश मल्हार ने शहर अध्यक्ष गौरव रणदिवे को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने संबंधी पत्र भेजा है।
फडणवीस के आने पर भाजपा नेता और टंडन में हुई थी नोंक-झोंक
सूत्रों ने बताया कि रविवार को जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इंदौर आए थे, तब उनका स्वागत करने के लिए प्रमोद टंडन भी मौजूद थे। बताया जा रहा है कि इस दौरान एक भाजपा नेता ने प्रमोद टंडन की फडणवीस से मुलाकात कराते हुए कहा था कि प्रमोद टंडन जी हमारे वरिष्ठ नेता हैं, यह लंबे समय तक कांग्रेस नगर अध्यक्ष भी रह चुके हैं। इसी बात से टंडन नाराज हो गए और कहा था कि यह तो पुरानी बात है।
राऊ में हो सकता है बीजेपी को नुकसान
राजनीतिक विश्लेषक और वरिष्ठ पत्रकार अरविंद तिवारी ने बताया कि दोनों ही नेता अगर कांग्रेस में शामिल होते हैं तो राऊ विधानसभा से बीजेपी के प्रत्याशी मधु वर्मा को चुनाव जीतने में दिक्कत आ सकती है। प्रमोद टंडन राऊ विधानसभा के तहत आने वाली शहरी बस्तियों पर अच्छा खासा होल्ड रखते हैं। वहीं दिनेश मल्हार ग्रामीण क्षेत्र में पार्टी को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
सज्जन सिंह वर्मा को दी थी जन्मदिन की बधाई
टंडन पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा के भी मित्र माने जाते हैं। हाल ही में वर्मा के जन्मदिन पर भी टंडन ने भाजपा में रहते हुए सियासी दोस्ती निभाकर उन्हें बधाई दी थी। वर्मा कमलनाथ के समर्थक हैं जबकि टंडन सिंधिया के करीबी रहे हैं। बावजूद दोनों में दोस्ती के चर्चे किसी से छुपे नहीं थे।

