भोपाल। नगरीय निकाय चुनाव के ठीक पहले प्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा एक और प्रशासनिक सर्जरी की तैयारी कर ली गई है। माना जा रहा है कि इस सर्जरी में एसीएस से लेकर कलेक्टरों तक की नई पदस्थापनाएं की जाएंगी। इसके साथ ही लंबे समय से रिक्त चल रहे संभागों को नए कमिश्नर मिलने की भी संभावना है। इस फेरबदल में वे अफसर भी प्रभावित होंगे, जिनकी सत्तारुढ़ दल के विधायकों से लेकर विभागीय मंत्री तक से पटरी नहीं बैठ पा रही है। फिलहाल माना जा रहा है कि इस सर्जरी में तीन अपर मुख्य सचिव, आधा दर्जन प्रमुख सचिव, इतने ही जिलों के कलेक्टर और कई सचिव स्तर के अफसरों की भी नई पदस्थापना की जाना तय है। इसके साथ ही माना जा रहा है कि प्रदेश के जिन तीन संभागों में कमिश्नर का पद रिक्त चल रहा है उन्हें भी भर दिया जाएगा। इस फेरबदल को हाल ही में मुख्यमंत्री द्वारा की गई कलेक्टर व कमिश्नर कांन्फ्रेंस के साथ ही समाधान ऑनलाइन के दौरान अधिकारियों के कमाकाज की समीक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि इस फेरबदल में अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य मोहम्मद सुलेमान, आईसीपी केशरी और एसीएस गृह डॉ. राजेश राजौरा के विभाग बदले जा सकते हैं।
भाजपा विधायकों को नहीं दे रहे महत्व
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भले ही बार-बार मैदानी अफसरों को जनप्रतिनिधियों को महत्व देने के निर्देश दे रहे हैं इसके बाद भी कुछ अफसर अब भी इस मामले में उदासीन बने हुए हैं। जिलों में पदस्थ अफसर अब भी अपने ही हिसाब से कमाकाज कर रहे हैं। ऐसे अफसरों की शिकायतें लगातार सीएम तक पहुंच रहीं हैं। दरअसल प्रदेश में भाजपा की शिव सरकार को अब चंद दिनों बाद एक साल होने वाला है, लेकिन अभी तक जिलों को प्रभारी मंत्री नहीं मिल सके हैं। प्रभारी मंत्री ही जिलों में विभिन्न योजनाओं की समीक्षा व अनुशंसाओं के साथ ही स्थानीय स्तर पर नई पदस्थापनाओं की अनुशंसा किया करते हैं। प्रभारी मंत्री नहीं होने से जिले के अफसर अपनी मनमर्जी से प्रस्ताव तैयार कर योजनाओं को लागू करवा रहे हैं।
जुलानिया को मिल सकता है अकादमी का जिम्मा
इस फेरबदल में अपर मुख्य सचिव राधेश्याम जुलानिया को प्रशासन अकादमी का मुखिया बनाया जा सकता है। वे फिलहाल बगैर विभाग के मंत्रालय में ओएसडी के पद पर पदस्थ हैं। दरअसल उन्हें स्कूल शिक्षा मंत्री और प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा से पटरी न बैठ पाने की वजह से बीते दिनों माध्यमिक शिक्षा मंडल के अध्यक्ष पद से हटा दिया गया था। बताया जा रहा है कि रेरा के नए अध्यक्ष बनाए गए वर्तमान महानिदेशक प्रशासन अकादमी एपी श्रीवास्तव के रेरा चेयरमैन का प्रभार लेने के बाद जुलानिया की पदस्थापना की जा सकती है।
इन संभागों को है कमिश्नर का इंतजार
फिलहाल प्रदेश में चंबल, रीवा और शहडोल संभाग में आयुक्त के पद रिक्त चल रहे हैं। इनमें रीवा कमिश्नर राजेश जैन के रिटायर होने के बाद से यह पद रिक्त चल रहा है। इसी तरह से दो माह पहले चंबल संभाग के कमिश्नर आरके मिश्रा के रिटायर होने से वहां भी पद रिक्त चल रहा है। इसी तरह से हाल ही में शहडोल संभागायुक्त नरेश पाल को आयुक्त सहकारिता बना दिया गया है। इस वजह से यहां भी पद रिक्त हो गया है। माना जा रहा है कि इस सर्जरी में इन तीन संभागों के साथ ही दो अन्य संभागों में नई पदस्थापना की जा सकती है। इसी तरह से अलीराजपुर, बालाघाट, छतरपुर, शहडोल, दतिया और सीहोर में कलेक्टर पद पर नई पदस्थापनाएं की जाने की संभावना बनी हुई है।
निकाय चुनाव के पहले प्रदेश में एक और प्रशासनिक सर्जरी की तैयारी

