इंदौर। शहर सरकार यानी नगर निगम अपने बजट को अंतिम रूप में देने में जुटा है। प्रयास किए जा रहे हैं कि इस माह के अंत तक बजट प्रस्तुत कर दिया जाए। गत वर्ष की तरह इस बार भी 7 हजार करोड़ रुपए से अधिक का निगम बजट रहेगा और इस साल चूंकि विधानसभा चुनाव हैं, लिहाजा यह उससे प्रभावित भी होगा। आज महापौर ने जनप्रतिनिधियों को निगम बजट पर चर्चा, सुझाव के लिए आमंत्रित किया है। सांसद, विधायक, महापौर परिषद् के सदस्य इसमें शामिल रहेंगे। महापौर पुष्यमित्र भार्गव का कहना है कि इस बार का बजट इंदौर को सोलर और डिजीटल सिटी बनाने पर रहेगा। वहीं यातायात, पार्किंग सहित अन्य मूलभूत समस्याओं के लिए भी पर्याप्त राशि का प्रावधान बजट में किया जाएगा। निगम के सभी विभागों से बजट प्रस्ताव प्राप्त हो गए हैं और उस पर एमआईसी में चर्चा भी की जा चुकी है।
इंदौर निगम का बजट शहर के नागरिकों के लिए इसलिए महत्वपूर्ण रहता है क्योंकि उनकी मूलभूत समस्याएं उसी से जुड़ी रहती है। सडक़, बिजली, पानी, ड्रैनेज सहित स्मार्ट सिटी और उससे जुड़े प्रोजेक्टों के अलावा नगर निगम स्वच्छता सहित शहर की कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी उठाता है। अभी पिछले दिनों निगम ने विभागवार प्रस्ताव बनाकर उस पर चर्चा भी की है। जनकार्य, जलकार्य, विद्युत, उद्यान, राजस्व से लेकर सभी महत्वपूर्ण विभागों ने अपने-अपने प्रस्ताव-सुझाव सौंप दिए हैं। वैसे तो नया वित्त वर्ष 1 अप्रैल से ही शुरू हो गया है, लेकिन हर बार नगर निगम का बजट देरी से ही घोषित होता है। गत वर्ष निगम ने 7262 करोड़ की आय और 7129 करोड़ के व्यय का बजट प्रस्तुत करते हुए 81 करोड़ का घाटा बताया था। गत वर्ष हालांकि चूंकि हुई परिषद् नहीं थी और संभागायुक्त निगम के प्रशासक थे, जिन्होंने निगम आयुक्त के साथ बजट को मंजूर किया था। इस बार चूंकि 85 वार्डों में चुने हुए पार्षदों के साथ महापौर भी हैं और चूंकि चुनावी साल है, लिहाजा सांसद, विधायक, सभी पार्षदों से लेकर तमाम जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं को भी संतुष्ट करने के प्रयास किए जाएंगे। अमृत फेज-2, सीवरेज, स्वच्छता, जलप्रदाय, यातायात, उद्यान, सडक़ों सहित तमाम अन्य बड़े प्रोजेक्टों के लिए भी बजट प्रावधान किया जाएगा। महापौर पुष्यमित्र भार्गव का कहना है कि इस माह के अंत तक बजट को प्रस्तुत कर मंजूरी दे देंगे। आज 11 बजे सिटी बस ऑफिस पर सांसद, विधायक, महापौर परिषद् सदस्यों को बजट पर चर्चा और सुझाव के लिए आमंत्रित किया है। महापौर के मुताबिक बजट में कोई नया करारोपण नहीं किया जाएगा, बल्कि जनहितैषी योजनाओं के लिए पर्याप्त बजट का प्रावधान करेंगे। वहीं इंदौर को सोलर और डिजीटल सिटी बनाने पर भी फोकस रहेगा। निगम नर्मदा प्रोजेक्ट के लिए जलूद में सोलर पॉवर प्लांट भी लगा रहा है, जिसके लिए ग्रीन बॉण्ड पिछले दिनों लाए गए थे।
