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निगम-मंडल अटके, उपचुनाव की तैयारियां शुरू

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निर्वाचन आयोग कभी भी कर सकता है चार उपचुनाव की तारीखों का ऐलान
इन्दौर।  भाजपा ने एक लोकसभा और तीन विधानसभा उपचुनाव को लेकर अपनी तैयारी शुरू कर दी है और प्रभारी घोषित कर दिए हैं। माना जा रहा था कि भोपाल में होने वाली बैठक में निगम और मंडलों की नियुक्तियों के नामों पर भी चर्चा होगी, लेकिन संगठन में इस पर चर्चा नहीं हो सकी और जिन सांसद-विधायकों तथा मंत्रियों को बैठक में बुलाया गया था, उन्हें उपचुनाव की जवाबदारी सौंप दी है।

डवा लोकसभा के साथ-साथ रैगांव, पृथ्वीपुर और जोबट विधानसभा के उपचुनाव की तारीख का किसी भी दिन ऐलान किया जा सकता है। संभवत: अगस्त अंत या सितम्बर के पहले पखवाड़े में चुनाव कराए जा सकते हैं। भाजपा ने कल इसको लेकर भोपाल में बैठक की और इसमें इंदौरी नेताओं के साथ-साथ मंत्रियों, विधायकों और सांसदों को अलग-अलग विधानसभा की जवाबदारी सौंपी हैं। खंडवा लोकसभा को विधानसभा और जिलास्तर पर बांटकर जवाबदारी दी गई है। कल भोपाल में हुई बैठक में राष्ट्रीय सहसंगठन मंत्री शिवप्रकाश और प्रदेश प्रभारी पी. मुरलीधरराव की मौजूदगी में प्रदेश संगठन और मुख्यमंत्री की बैठक में उपचुनाव (By-election) को लेकर ही चर्चा हुई, लेकिन निगम-मंडलों के मामले में चर्चा नहीं हुई। पहले माना जा रहा था कि प्रदेश में खाली पड़े निगम-मंडलों के पदों के नामों पर इस बैठक में मुहर लग जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब बताया जा रहा है कि उपचुनाव (By-election) के बाद ही ये नियुक्तियां की जा सकेंगी। फिलहाल इस बारे में भाजपा (BJP)  की ओर से अभी तक अधिकृत तौर पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है।

मोघे और चिटनीस को नहीं मिल सकता है खंडवा से टिकट

खंडवा लोकसभा और दूसरी विधानसभा में होने वाले उपचुनाव में मोघे और चिटनीस को संगठनद्वारा जवाबदारी नहीं देने के मामले में भाजपा   के राजनीतिक गलियारों में चर्चा चलती रही कि पार्टीदोनों में से एक को टिकट दे सकती है, इसलिए उन्हें कहीं और की जवाबदारी नहीं सौंपी गई है। हालांकि यहां से नंदू भैया के पुत्र हर्ष चौहान दावेदारी में पहले नंबर पर आ गए हैं और पार्टी के ही कुछ बड़े नेताओं का कहना है कि दमोह जैसी हार को रोकना है तो हर्ष को ही टिकट देना पड़ेगा।

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