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जिला शिक्षा अधिकारी की लापरवाही से प्राइवेट स्कूल बंद होने के कगार पर

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देपालपुर। शासन के द्वारा गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले गरीब बच्चों को निशुल्क शिक्षा देने का वादा तो सरकार करती ही है और उन आरटीई प्राइवेट स्कूल संचालकों द्वारा गरीब बच्चों को अपने स्कूल में भर्ती किया गया और उन्हें पढ़ाया भी गया। लेकिन स्कूल संचालकों को वर्ष 2019-2020 व 2020-2021 का देपालपुर तहसील के स्कूल संचालकों का आज तक भुगतान नहीं हो पाया है। कई स्कूल संचालकों की बसों की किश्तें बकाया होने से फाइनेंस कंपनियों द्वारा अधिग्रहण कर ली गई है और कुछ स्कूल संचालक अपनी बसे बेचने को मजबूर है। कुछ  स्कूल संचालकों ने जिला शिक्षा अधिकारी पर आरोप लगाया है कि 2 वर्ष बीत जाने के बाद भी आरटीई का भुगतान स्कूल संचालकों को नहीं किया गया, यदि समय रहते जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा आईटी का भुगतान नहीं किया गया तो स्कूल संचालक आंदोलन करने के लिए मजबूर हो जाएंगे।  अपने स्कूल को बंद होने के कगार पर ला खड़ा कर दिया है।  यही स्थिति बनी रही तो आने वाले समय में गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले नौनिहालों को कैसे शिक्षा दे पाएंगे, यह विचारणीय प्रश्न है कि 2 वर्ष के बाद भी अगर शासन स्कूल संचालकों को भुगतान नहीं करता है तो इसका जिम्मेदार कौन है। डीपीसी में आपरेटर से बात हुई तो बजट नहीं होना बताते है। 
इनका कहना हैः-

  भोपाल से फण्ड आयेगा तो डाला जाएगा,

डीपीसी अक्षय सिह

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