_इंदौर नगर निगम ने शहर में गर्मी और धूप से बचाव के उद्देश्य से विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर लगाए गए शेड्स से अवैध प्रचार सामग्री हटाना शुरू कर दिया है। इन शेड्स को कुछ निजी कंपनियों और संस्थानों द्वारा अपने प्रचार का माध्यम बना लिया गया था, जिससे इनका मूल उद्देश्य प्रभावित हो रहा था।_
_नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा ने इस पर गहरी नाराजगी जताते हुए स्पष्ट निर्देश दिए थे कि शेड्स केवल सार्वजनिक सुविधा के लिए लगाए गए हैं, न कि किसी भी प्रकार की निजी या व्यावसायिक प्रचार सामग्री के लिए। आयुक्त के निर्देश के बाद निगम की टीमों ने शहर भर में कार्रवाई शुरू कर दी है और शेड्स से कंपनियों के पोस्टर, बैनर, स्टीकर आदि हटाए जा रहे हैं।_
मध्य प्रदेश के मालवांचल में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है. कई शहरों में पारा 42 डिग्री से अधिक पहुंच रहा है. ऐसे में राहगीरों को भीषण गर्मी से बचाने के लिए इंदौर पुलिस व कई सामाजिक संगठन आगे आए हैं. अब शहर के कई चौराहों पर लगे हुए सिग्नलों की टाइमिंग में परिवर्तन किया जा रहा है, जिससे सिग्नल पर ज्यादा देर खड़े न होना पड़े. इतनी ही नहीं कई लंबे सिग्ननल्स पर छाव और ठंडाई की व्यवस्था भी की जा रही है.
तपती धूप में मिलेगी राहगीरों को राहत
एडिशनल डीसीपी अरविंद तिवारी के मुताबिक, ” शहर में तकरीबन 68 सिग्नल हैं, जहां वाहनों की संख्या के अनुसार सिग्नल की टाइमिंग में परिवर्तन किया जा रहा है. वहीं सुबह 11:00 से लेकर शाम 5:00 बजे तक गर्मी को ध्यान में रखते हुए इनकी टाइमिंग बदली जा रही है. 68 सिग्नलों में से तकरीबन 18 से 20 बड़े सिग्नल हैं, जहां पर जहां राहगीरों को ज्यादा देर तक खड़ा होना पड़ता है. ऐसे सिग्नल्स पर बदलाव किया जा रहा है.”
पिछले साल भी की गई थी ऐसी व्यवस्था
चौराहों पर ग्रीन नेट, ठंडा पानी
एडिशनल डीसीपी ने बताया कि पिछले वर्ष भी इसी तरह का एक प्रयोग किया गया था, जो की काफी सफल रहा था. कुछ सिग्नल 1 मिनट 20 सेकंड से लेकर 90 सेकंड तक के हैं, जिनमें दोपहर के वक्त कम समय करते हुए कुछ सेकंड की राहत दी जाएगी. इससे वाहन चालक जल्द ही उन चौराहा से निकल सकें और ज्यादा देर उन सिग्नल पर खड़ा ना रहना पड़े. वहीं, कुछ सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर ऐसे बड़े चौराहों को चिन्हित किया गया है जहां पर छांव के लिए ग्रीन नेट लगाई जा रही है और शीतल पेय की व्यवस्था भी की जा रही है.

