मध्यप्रदेश कांग्रेस कोरी/कोली समाज समन्वय प्रकोष्ठ के बेनरतले होगा सम्मेलन
इन्दौर । आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए जहां सभी राजनैतिक दल सामाजिक स्तर पर अपनी पैठ जमाने के उद्देश्य से विभिन्न समाज में अपनी पैठ जमाने का प्रयास कर सामाजिक सम्मेलन आयोजित कर रहे हैं, वहीं कांग्रेस भी अब आगामी विधानसभा चुनाव की वैतरणी पार करने सामाजिक स्तर पर अनुसूचित जाति के विभिन्न समाजों में अपनी पकड़ मजबूत बनाने के लिए सामाजिक सम्मेलन आयोजित कर रही है। इसी कड़ी में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की उपस्थिति में आगामी 20 मई शनिवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय इंदिरा भवन, शिवाजी नगर के राजीव गांधी सभागार में कोली/कोरी समाज का प्रादेशिक सम्मेलन होगा। जिसमें प्रदेश भर से एक हजार से अधिक स्वजातिय बंधु हिस्सा लेंगे।
गौरतलब है कि मध्यप्रदेश के लगभग प्रत्येक जिले में कोली/कोरी समाज भी बड़ी संख्या में निवासरत रहकर कांग्रेस व भाजपा की मुख्य धारा से जुड़ा है, ऐसे में इस समाज को साधना भी आगामी विधानसभा में आवश्यक हो गया है। एक जानकारी के अनुसार गुजरात में कोली समाज का अपना राजनैतिक वजूद है, वहां कांग्रेस और भाजपा के लगभग 36 विधायक चुनाव जीते हैं। मध्य प्रदेश में भी कोली/कोरी समाज विभिन्न जिलों में लगभग 55 लाख की जनसंख्या में निवासरत हैं, इनका सागर, भोपाल, गूना, ग्वालियर, दमोह, भांडेर, दिमनी, पचोर, टीकमगढ़, गूना, राजगढ़, इन्दौर, उज्जैन, सारंगपुर, शाजापुर एवं नरयावली सहित 25 से अधिक जिलों में अच्छा खासा प्रभाव है।
*सिंधिया को चुनौती देने ग्वालियर के युवा नेता को सौंपी सम्मेलन की जिम्मेदारी*
गौरतलब है कि 2018 में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ के नेतृत्व में बनी कांग्रेस सरकार को गिराने में ज्योतिरादित्य सिंधिया की अहम भूमिका रही है, इसका बदला लेने के लिए सिंधिया को अपने ही घर में घेरने के लिए कांग्रेस एक रणनीति के आधार पर काम कर रही है, ग्वालियर, गूना, शिवपुरी, भिंण्ड सहित समूचे चम्बल सम्भाग में कोरी/कोली समाज का अच्छा खासा प्रभाव है, यहां यह समाज सत्ता परिवर्तन में अहम रोल अदा करता है, इसी बात को ध्यान में रखते हुए कमलनाथ ने ग्वालियर के युवा कांग्रेस नेता एवं मध्यप्रदेश युवा कोरी / कोली समाज के प्रदेश अध्यक्ष रघुवीर सिंह कोली “रोनी” को मध्यप्रदेश कांग्रेस कोरी/कोली समाज समन्वय प्रकोष्ठ का प्रदेश अध्यक्ष एवं इन्दौर के अखिल भारतीय कोली समाज के राष्ट्रीय सचिव पूनम वर्मा जिनका समाज में अच्छा खासा प्रभाव है, को प्रदेश संयोजक का दायित्व सौंपा गया है। कोली/कोरी समाज के दोनों युवा नेताओं ने कांग्रेस के बेनर तले 20 मई को भोपाल में होने वाले प्रादेशिक सम्मेलन की युद्ध स्तर पर तैयारी शुरु कर दी है। इसी प्रकार प्रदेश अध्यक्ष रघुवीर सिंह कोली “रोमी” ने इन्दौर के वरिष्ठ समाजसेवी एवं पत्रकार तथा पूर्व में शहर कांग्रेस के स्थाई मंत्री रहे तथा इन्दौर में नगर निगम चुनाव में महापौर का चुनाव अपने दम पर लड़कर साढ़े आठ हजार वोट पाने वाले प्रकाश महावर कोली को समन्वय प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष का दायित्व सौंपा है। वे भी 20 मई को आयोजित सम्मेलन को सफल बनाने में अपनी अहम भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं।
*राजनैतिक उपेक्षा का शिकार, रहा कोली/कोरी समाज*
गौरतलब यह है कि देश की आजादी के प्रथम 1857 के स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर 1947 तक आजादी के आंदोलन में अहम भूमिका निभाने वाले कोली/कोरी समाज, मध्यप्रदेश में घोर राजनैतिक उपेक्षा का शिकार रहा है, और सभी राजनैतिक दलों ने इस समाज के प्रतिनिधियों को चुनावी मैदान से दूर ही रखने का प्रयास किया है, लेकिन गुजरात में कोली समाज की ताकत को देखते हुए मध्यप्रदेश में भी इस समाज को राजनैतिक मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कांग्रेस ने कोली/कोरी समाज में पैठ जमाना शुरू कर दिया है।
वैसे देखा जाए तो भाजपा तो इस समाज के तीन से चार लोगों को टिकिट देती रही है, जिनमें से दो विधायक तो चुने ही जाते हैं, लेकिन इन्हें मंत्री मंडल में उचित स्थान देने में भाजपा हमेशा उपेक्षा ही करती है,
आगामी विधानसभा चुनाव के लिए इस बार कोली/कोरी समाज के कांग्रेसी नेताओं ने भी कमरकस ली है, और आगामी विधानसभा चुनाव में कम से कम पांच से सात सीटों पर अपनी दावेदारी करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के सामने अपना शक्ति प्रदर्शन करने का मूंड बना लिया है।
कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने भी कोली/कोरी समाज की भावनाओं की कद्र करते हुए समाज के लोगों को साधना शुरु करते हुए समाज के लोगों का एक वृहद प्रांतीय स्तर पर सम्मेलन आयोजित करने की जिम्मेदारी ग्वालियर के कांग्रेस नेता एवं अखिल भारतीय युवा कोली समाज के प्रदेश अध्यक्ष रघुवीर सिंह कोली “रोनी”, इन्दौर के कांग्रेस नेता एवं मध्य प्रदेश कोली/कोरी समाज के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पूनम वर्मा तथा अखिल भारतीय वीरांगना झलकारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रकाश महावर कोली को सौंपी है, जो अभी से समाज के कांग्रेसी नेता व कांग्रेसी परिवारों को सम्मेलन में ले जाने हेतु सक्रिय हो गए हैं।

