इंदौर
इंदौर के नवनिर्वाचित मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा हम विजन 2050 पर काम कर रहे हैं। अगले पांच साल हम उसी पर काम करेंगे। ताई-भाई को लेकर भी बड़ी बात कही।
क्या आपको पता था कि आप स्वच्छता में देश के नंबर वन शहर के महापौर बनेंगे? कभी भी यह ख्याल मन में आया?
छात्र राजनीति से ही मन में लोगों की सेवा करने का भाव था। राष्ट्र के पुर्ननिर्माण में अपनी क्या भूमिका हो इस पर हमेशा मन में विचार चलता था। अभिभाषक के रूप में भी लोगों की हितों की लड़ाई लड़ी है। सीधे तौर पर इंदौर में सेवा करने का ऐसा अवसर मिलेगा। ऐसा कोई बड़ा विचार और कोई योजना नहीं थी। ये अवसर मिला है तो विनम्र भाव से जनता की सेवा करेंगे।
आप छात्र पॉलिटिक्स के जरिए आए, उनके लिए क्या करेंगे, सबसे ज्यादा चैलेंज तो उनके ही सामने है?
इंदौर एजुकेशन का हब है। यहां छात्रों के बीच में संवाद के माध्यम से देशभर के छात्र जो इंदौर में पढ़ने आते हैं। उनमें नया जागरण हो। इंदौर बड़ा काउंसलिंग का, डायरेक्शन का सेंटर बने। छात्रों को इंदौर की एजुकेशन फैसिलिटी की जानकारी हो। यहां रहने की, रुकने की। इन सब की व्यवस्थाएं करेंगे। स्टूडेंट्स पॉलिटिक्स के सवाल पर बोले– हर छात्र को समाज में अपनी भूमिका पढ़ाई के साथ तय करना चाहिए। देश के, शहर के और समाज के मुद्दों पर अपना सुझाव भी रखना चाहिए और एक्टिव रूप से काम भी करना चाहिए।
पांच साल बाद शहर को किस स्थिति में देखते हैं ?
हम लगातार कह रहे हैं कि इंदौर 2050 में कैसा होगा इसकी योजना पर पांच साल में काम करेंगे। उस रोडमैप पर हम तेजी से चलने लगे हैं, उसी ओर मैं भी देख रहा हूं।
महापौर बनने के बाद कौन से पांच काम सबसे पहले करेंगे?
वैसे तो हमने अपना संकल्प पत्र जारी किया है, लेकिन प्रॉयोरिटी की बात करें तो इंदौर ट्रैफिक में नंबर वन बने। इसके लिए हम प्रभावी रूप से प्रयास करेंगे। इंदौर में वॉटर डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम उसको प्रभावी बनाएंगे। वॉटर प्लस सिटी होने के बाद भी लोगों के घरों तक जल और नल नहीं हैं तो ये ऐसा ऑब्जेक्टिव है, जिसे हमें पूरा करना है। तीसरा है पर्यावरण, जिसमें सिटी फॉरेस्ट है। इंदौर शहर ग्रीन सिटी बने इसका प्रयास करेंगे। पब्लिक ट्रांसपोर्टेशन और प्रभावी हो। चौथा महिलाओं की सुरक्षा वो एक बड़ा मुद्दा है, इस पर नगर निगम की जो भूमिका है उसे प्रभावी करेंगे।
ऐसा कौन सा काम है जो आपने आम नागरिक के रूप में सोचा था और अब उसे पूरा करेंगे ?
दो काम थे एक ट्रैफिक का ही विषय है। इसमें बीआरटीएस की अलावा जो लेन है उसका ट्रैफिक कैसे सुगमता से चलता रहे ताकि शहर के लोगों को अकारण देरी न हो। दूसरा ड्रेनेज के सिस्टम है। जिसे हम ठीक करेंगे।
नगर निगम की कथित वसूली गैंग को कैसे कंट्रोल करेंगे ?
नगर निगम के कर्मचारियों ने इंदौर को स्वच्छता में नंबर वन बनाया। कोविड में सेनेटाइज किया। जब अपने घर का व्यक्ति श्मशान जाकर अंतिम संस्कार नहीं कर रहा था तो नगर निगम के ही कर्मचारियों ने पूरे श्रद्धा भाव से उनका अंतिम संस्कार किया। अगर किसी सिस्टम में दो लोग गलत काम कर रहे हैं। किसी को परेशान कर रहे हैं तो उसे ठीक करने का अपना एक सिस्टम है। समझाएंगे, नहीं समझेंगे तो प्रशासनिक और अनुशासनात्मक एक्शन लेंगे । शहर के ठेले वाले, रेडी वाले सम्मान से अपना काम करें उसका एक प्रभावी सिस्टम तैयार करेंगे। सभी नियम से काम करेंगे तो मुझे नहीं लगता है आगे परिस्थिति बिगड़ेगी।
आप नगर निगम को कितना जानते या समझते हैं, पूरी एबीसीडी समझने के लिए क्या प्लान किया है?
मैं इसे बहुत साधारण रूप में देखता हूं। कोई भी व्यक्ति हर चीज का मास्टर नहीं होता है। उसकी खुद की अपनी एक यूएसपी होती है। बाकी चीजें जब वो करता है, तो वह करके सीखता है। मैं भी कर-कर के सीखने की कोशिश करुंगा।
ताई-भाई की कई बार पटरी नहीं बैठती ऐसे में कैसे तारतम्य बैठाएंगे?
ताई और भाई से सामूहिक रूप से इंदौर के विकास के लिए काम किया है। उसका ही परिणाम है कि उनके बाद के सब वरिष्ठ नेताओं से मार्गदर्शन में इंदौर लगातार पांच बार नंबर वन आया है। शहर के लिए सब एक है, पार्टी के काम के लिए सब एक हैं। सबके अनुभव और मार्गदर्शन से ही मैं काम करुंगा।
शहर की हवा और प्रदूषण को सुधारने के लिए क्या कदम उठाएंगे?
इसलिए हमने ग्रीन सिटी की बात की है। ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगे। शहर में सिटी फॉरेस्ट ज्यादा डेवलप हो। सिंगल यूज प्लास्टिक को बंद करने की बात आई है ऐसे रचनात्मक निर्णय है तो लोग ज्यादा से ज्यादा नियमों का पालन करें। लोग ज्यादा से ज्यादा सोलर सिस्टम पर जाए। इलेक्ट्रॉनिक गाड़ियों का उपयोग करें, इससे पेट्रोल-डीजल से होने वाले प्रदूषण से छुटकारा मिलेगा।

