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पुष्पगिरि तीर्थ:आचार्य संघ ने शिष्य क्षुल्लक पर्वसागरजी महाराज का केशलोचन किया

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सोनकच्छ

नगर के समीप स्थित पुष्पगिरि तीर्थ पर गणाचार्य पुष्पदंतसागरजी महाराज के शिष्य आचार्य प्रमुखसागरजी, प्रणामसागरजी, मुनि सौरभसागरजी, प्रतीकसागरजी, प्रगल्पसागरजी ससंघ सहित तीर्थ पर विराजमान हैं। यहां राेजाना गुरु सान्निध्य में भक्तों को भगवान की भक्ति करने का अवसर मिल रहा है। सुबह से भगवान के कलशाभिषेक, शांतिधारा, दिन में शास्त्र स्वाध्याय व शाम को प्रतिक्रमण, गुरुभक्ति का लाभ भक्तों को मिल रहा है।

तीर्थ पर चातुर्मास कर रहे संस्कार प्रणेता मुनि सौरभसागरजी महाराज की प्रेरणा से तीर्थ पर कई जनकल्याणकारी निर्माण कार्य करवाए जा रहे हैं। इसी तारतम्य में रविवार को आचार्य प्रणामसागरजी महाराज की प्रेरणा से विश्व का एकमात्र त्रय भक्तामर, कल्याण मंदिर एवं मानुसथम्ब का भूमिपूजन किया गया। इसका निर्माण कार्य जल्द ही शुरू होगा।

आचार्य प्रमुखसागरजी महाराज की प्रेरणा से शास्त्र मंदिर का कार्य संपन्न किया, जहां कई ग्रंथाें का भक्त अध्ययन कर सकते हैं। प्रवक्ता रोमिल जैन ने बताया कि प्रतिदिन जिनेंद्र भगवान की भक्ति आराधना के साथ तीर्थ पर विराजमान एक साथ गणाचार्यजी के सान्निध्य में भक्तजन पुण्यार्जन कर रहे हैं। इसी तारतम्य में आचार्य तरुणसागरजी महाराज के इकलौते शिष्य क्षुल्लक पर्वसागरजी महाराज का केशलोचन शनिवार को आचार्य संघ द्वारा किया गया।

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