शुक्रवार को पंचमी तिथि रहेगी. ऐसे में यदि आप भी शुक्रवार दिन (Friday 2 May 2025) को कोई शुभ कार्य करना चाहते हैं, तो राहुकाल (Rahukal Time) का शुभ मुहूर्त जरूर जान लें। जिससे आपके कार्य में कोई बाधा न आए।
शुक्रवार दिन का पंचांग आज का पंचांग
सूर्योदय का समय: 05:40 ए एम
सूर्यास्त का समय: 06:57 पी एम
चन्द्रोदय: 09:28 ए एम
चंद्रास्त का समय: 12:13 ए एम, मई 03
तिथि: पञ्चमी – 09:14 ए एम तक
दिन: शुक्रवार
योग: धृति – 03:20 ए एम, मई 03 तक
करण: बालव – 09:14 ए एम तक
शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)
ब्रह्म मुहूर्त: 04:14 ए एम से 04:57 ए एम
अभिजीत मुहूर्त: 12:11 पी एम से 01:03 पी एम
गोधूलि मुहूर्त: 07:05 पी एम से 07:28 पी एम
अशुभ मुहूर्त
राहुकाल: 02:14 पी एम से 03:52 पी एम
गुलिक काल: 11:00 ए एम से 12:37 पी एम
यात्रा: उत्तर
8 मई से ये तीन जातक हो जाएं सावधान, गुरु की चाल विवाह में डाल सकती है अड़ंगा
8 मई से गुरु की चाल इन कन्याओं के विवाह में डालेगी अड़ंगा, ये दो महीने विवाह के लिए शुभ
गुरुवार से शुरू हो रहा मई का महीना कई तरह के बदलाव लेकर आएगा। इस महीने बदल रही गुरु की चाल कुछ जातकों के लिए टेंशन लेकर आएगी। विवाह के लिए (Vivah Yog) कन्या की कुंडली में सबसे अहम भूमिका निभाने वाले ग्रह गुरु अब अड़ंगा डालेंगे।
8 मई से गुरु बुध की राशि (May me Guru Gochar kab Hai) मिथुन में प्रवेश करने जा रहा है। ऐसे में चलिए जानते हैं ज्योतिष के अनुसार गुरु का गोचर किन तीन राशि की कन्याओं के लिए (Guru gochar Effect 2025) अशुभ संकेत दे रहा है। अगर आप 8 मई से 8 जून के बाद कौन से दो महीने हैं कि जिस बीच शादी करने पर आपका वैवाहिक जीवन शुभ रहेगा।
गुरु गोचर से इन तीन जातकों की बढ़ेगी टेंशन
ज्योतिषाचार्य पंडित रामगोविंद शास्त्री के अनुसार जिन कन्याओं की कुंडली में गुरु चौथा, आठवां, बारहवां आएगा। उन्हें इस दौरान सतर्क रहने की जरूरत है। क्योंकि यदि कुंडली में गुरु इस स्थिति में होता है उन्हें विवाह में रुकावट आती है। यदि इस स्थिति में विवाह कर लिया जाए तो वैवाहिक जीवन में समस्या आने लगती है।
मई में इस दिन बदलेगी गुरु की चाल
हिन्दू पंचांग के अनुसार इस साल गुरु 8 मई को मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। जो अक्टूबर तक इसी राशि में रहेंगे। इसके बाद मिथुन में ही 2 अक्टूबर को इनकी वक्री चाल शुरू हो जाएगी। जो वक्री यानी तिरछी चाल चलते हुए कर्क राशि में पहुंचेंगे। जो एक महीने तक इसी में रहेंगे। इसके बाद 31 दिसंबर को मार्गी होकर एक बार फिर मिथुन में पहुंच जाएंगे।
साल में एक बार बदलती है गुरु की चाल
ज्योतिषाचार्य की माने तो गुरु साल में एक बार चाल बदलते हैं। एक साल बाद गुरु बुध की राशि मिथुन में प्रवेश करने जा रहे हैं। गुरु का ये गोचर काल लंबे समय के लिए रहेगा।
विवाह बाध दूर करने के लिए पीली पूजा
ज्योतिष में जब कन्या की कुंडली में गुरु की स्थिति कमजोर होती है तो उसकी समस्या दूर करने के लिए पीली पूजा कराई जाती है। पीली जिसमें पीली चीजों का दान और जप शामिल होता है। आपको बता दें पीली पूजा शादी के पहले कराई जाए तभी इसका लाभ होता है।
नोट: इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य सूचनओं पर आधारित है। बंसल न्यूज इसकी पुष्टि नहीं करता। अमल में जाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह ले लें।

