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राहुल गांधी को महाराष्ट्र-हरियाणा चुनाव आयोग का नोटिस, 10 दिन में मांगे सबूत

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लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सासंद राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव आयोग पर जमकर निशाना साधा और इलेक्शन में गड़बड़ी का आरोप लगाया था। अब महाराष्ट्र और हरियाणा चुनाव आयोग ने राहुल को नोटिस जारी किया है, जिसमें उनसे दस्तावेज पेश करने को कहा गया है जिस आधार पर उन्होंने चुनाव आयोग पर अनियमितता का आरोप लगाया था। उन्हें 10 दिनों के अंदर हस्ताक्षरित पेश करना होगा।

लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सासंद राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव आयोग पर जमकर निशाना साधा और इलेक्शन में गड़बड़ी का आरोप लगाया था। अब महाराष्ट्र और हरियाणा चुनाव आयोग ने राहुल को नोटिस जारी किया है, जिसमें उनसे दस्तावेज पेश करने को कहा गया है जिस आधार पर उन्होंने चुनाव आयोग पर अनियमितता का आरोप लगाया था। साथ ही उन्हें 10 दिनों के अंदर हस्ताक्षरित पेश करने के लिए भी कहा गया है।

महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने लोकसभा नेता राहुल गांधी को पत्र लिखकर उनसे अनुरोध किया है कि वे हस्ताक्षरित घोषणा/शपथ दस (10) दिनों के भीतर कार्यालय को वापस कर दें, ताकि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 और मतदाता पंजीकरण नियम, 1960 के प्रावधानों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई शुरू की जा सके।

हरियाणा चुनाव आयोग ने क्या कहा?

वहीं हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की ओर जारी पत्र में राहुल गांधी द्वारा 7 अगस्त के बयान का जिक्र किया गया है। जिसमें उन्होंने हरियाणा की मतदाता सूची में फर्जी मतदाताओं के नाम को शामिल करने और योग्य मतदाताओं के नाम काटने का आरोप लगाया था। चुनाव आयोग ने राहुल गांधी से इन दस्तावेजों को 10 दिनों के अंदर उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। ताकि उचित कार्रवाई की जा सके।

निर्वाचय आयोग ने राहुल के आरोपों को बताया भ्रामक

वहीं भारत निर्वाचन आयोग फैक्ट चेक ने राहुल गांधी के वोट चोरी के आरोपों को झूठा व भ्रामक बताया है। भारत निर्वाचन आयोग फैक्ट चेक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर राहुल गांधी के बयान का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सांसद द्वारा दिए गए बयान झूठे और भ्रामक हैं।

ईसीआई फैक्ट चेक ने कहा कि कोई भी व्यक्ति, चाहे वह कोई मतदाता हो या कोई राजनीतिक पार्टी, चुनाव आयोग की वेबसाइट के माध्यम से 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में से किसी की भी मतदाता सूची को डाउनलोड कर सकता है और स्वयं उसकी जांच कर सकता है।

उन्होंने कहा कि मतदाता पंजीकरण नियम 1960 के अंतर्गत, प्रत्येक मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल को ड्राफ्ट एवं अंतिम मतदाता सूची की डिजिटल एवं फिजिकल प्रतियां भी उपलब्ध कराई जाती हैं। हर चुनाव से पूर्व, प्रारूप एवं अंतिम मतदाता सूची की डिजिटल तथा फिजिकल प्रतियां समस्त राजनीतिक दलों, जिनमें भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आईएनसी) भी सम्मिलित है, को उनके हस्ताक्षर के साथ विधिवत रूप से प्रदान की जाती हैं। अतः यह दावा कि राजनीतिक दलों को मतदाता सूची की डिजिटल प्रतियां प्रदान नहीं की जातीं, पूरी तरह से झूठा और पूरी तरह भ्रामक है।

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