गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति भवन में आयोजित पारंपरिक ‘एट होम’ रिसेप्शन भी सियासी विवाद की वजह बन गया. कार्यक्रम की थीम और सजावट भारत के ‘पूर्वोत्तर’ यानी नार्थ ईस्ट राज्यों को समर्पित थी, लेकिन राहुल गांधी का व्यवहार चर्चा का विषय बन गया. बीजेपी दावा कर रही कि राहुल गांधी वहां मौजूद एकमात्र ऐसे मेहमान थे, जिन्होंने स्वागत में मिले पारंपरिक ‘नॉर्थ-ईस्टर्न पटका’ को पहनने से परहेज किया.राष्ट्रपति भवन के ‘एट होम’ कार्यक्रम में जहां पीएम मोदी और विदेशी मेहमानों ने ‘नॉर्थ-ईस्ट’ के पटके को शान से पहना, वहीं राहुल गांधी ने इसे पहनने से परहेज किया. सूत्रों का दावा है कि राष्ट्रपति मुर्मू के देने और याद दिलाने के बावजूद राहुल गांधी पूरे कार्यक्रम में बिना पटके के नजर आए.
दरअसल, आज राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह की थीम पूरी तरह से पूर्वोत्तर भारत की संस्कृति पर आधारित थी. भारतीय परंपरा के अनुसार, आने वाले सभी अतिथियों का स्वागत नॉर्थ-ईस्ट के पारंपरिक ‘पटके’ के साथ किया गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर केंद्रीय मंत्री, गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि यूरोपीय संघ के नेताओं, विभिन्न देशों के राजदूत और राजनयिकों समेत सभी वीवीआईपी मेहमानों को यह पटका दिया गया. सभी ने सम्मान स्वरूप उस पटके को पूरे कार्यक्रम के दौरान अपने कंधों पर रखा. लेकिन राहुल ने नहीं रखा.
राष्ट्रपति ने दिया था पटका
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने खुद राहुल गांधी को यह विशेष नॉर्थ-ईस्टर्न पटका भेंट किया था. दावा किया जा रहा है कि राहुल गांधी पूरे समारोह में इकलौते ऐसे मेहमान थे, जिन्होंने यह पटका अपने कंधों पर नहीं डाला. सूत्रों का यहां तक कहना है कि राष्ट्रपति मुर्मू ने कथित तौर पर उन्हें इस संबंध में दो बार याद भी दिलाया, लेकिन इसके बावजूद राहुल गांधी ने उसे पहनने की बजाय हाथ में रखना या अलग रखना बेहतर समझा.
उठ रहे सवाल
यह वाकया इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि पूर्वोत्तर भारत की संस्कृति और वहां के प्रतीकों को लेकर देश बेहद संवेदनशील है. जहां विदेशी मेहमानों ने भारतीय संस्कृति के इस प्रतीक को गर्व से पहना, वहीं देश के विपक्ष के नेता द्वारा इसे धारण न करना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है. सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में अब यह सवाल पूछा जा रहा है कि क्या यह प्रोटोकॉल की अनदेखी थी या फिर पूर्वोत्तर की परंपरा के प्रति उदासीनता?फिलहाल, कांग्रेस या राहुल गांधी की ओर से इस पर कोई स्पष्टीकरण नहीं आया है कि उन्होंने वह पटका क्यों नहीं पहना.

