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मध्यप्रदेश में तीसरे दिन भी बारिश का दौर जारी….खतरे के निशान के करीब नर्मदा:उज्जैन में बाढ़ जैसे हालात, धार में 7 इंच बारिश

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मध्यप्रदेश में लगातार तीसरे दिन भी बारिश का दौर जारी है। शनिवार को धार जिले में सबसे ज्यादा 7.2 इंच बारिश दर्ज की गई। उज्जैन में बाढ़ जैसे हालात हो गए। लोगों को रेस्क्यू करने के लिए सड़कों पर नाव चलानी पड़ी। इंदौर में निचली बस्तियों को खाली कराया गया। यहां राऊ में नदी में फंसे 21 लोगों का रेस्क्यू किया गया।

शनिवार को खंडवा में 4.8 इंच, रतलाम में 3.9 इंच, खरगोन में 3.2 इंच, इंदौर में 2.6 इंच, उज्जैन में 1.5 इंच पानी गिरा। इसके अलावा भोपाल, नर्मदापुरम, पचमढ़ी, ग्वालियर, सीधी, रायसेन, बैतूल, गुना, मलांजखंड, छिंदवाड़ा और सागर जिले में भी बारिश हुई।

नागदा में रेलवे ट्रैक पर पानी भरने और रतलाम में ट्रैक पर पत्थर गिरने से दिल्ली-मुंबई मार्ग प्रभावित रहा। नदी, नालों में उफान आने से इंदौर-इच्छापुर हाईवे और हरदा-खंडवा स्टेट हाईवे पर आवागमन बाधिर रहा।

10 डैम के गेट खोले गए

एमपी में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश से कई डैम लबालब भर गए है। जिसके बाद बरगी, तवा, ओंकारेश्वर, इंदिरा सागर, यशवंत सागर, सतपुड़ा, माचागोरा, पारसडोह, गंभीर, शिप्रा बांध के गेट खोलने पड़े हैं।

बैतूल के भीमपुर में 17.51 इंच पानी गिरा

बैतूल के भीमपुर में शुक्रवार सुबह से शनिवार सुबह तक 24 घंटे में सबसे ज्यादा 17.51 इंच पानी गिर गया। बारिश ने इंदौर में 61, भोपाल में 11 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। सितंबर में पिछले 24 घंटे में इंदौर में 6.73 इंच पानी गिरा है। इससे पहले 20 सितंबर 1962 को 6.68 इंच पानी गिरा था। इंदौर की सितंबर की सामान्य बारिश 6.58 इंच है। इतनी बारिश पिछले 24 घंटे के दौरान ही हो गई है।

भोपाल में 11 साल (2011 से 2023 के बीच) में दूसरी बार 24 घंटे में सितंबर की सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। 24 घंटे में भोपाल में 2.82 इंच पानी गिरा है। इससे पहले 9 सितंबर 2019 में 5.52 इंच पानी गिरा था। अब तक के रिकॉर्ड की बात करें तो 2 सितंबर 1947 को 24 घंटे में भोपाल में 9.18 इंच पानी गिरा था।

भारी बारिश की वजह से बिगड़े हालात के मद्देनजर 6 जिलों में शनिवार को स्कूलों में छुट्‌टी रही। इंदौर, उज्जैन, बैतूल, नर्मदापुरम, खंडवा और हरदा में शासकीय-अशासकीय स्कूलों में क्लासेस नहीं लगीं।

बारिश और बाढ़ ने रोके रास्ते

जिलारास्ते/रेल ट्रैक बंदवजह
खंडवाइंदौर-इच्छापुर हाईवे पर मोरटक्का ब्रिजनर्मदा का जलस्तर बढ़ा
नर्मदापुरमहरदा-खंडवा स्टेट हाईवेगंजाल उफनी
विदिशापठारी-खुरई मार्गबीना नदी उफनी
रतलामदिल्ली-मुंबई अप रेल ट्रैकपटरियों पर पत्थर गिरे
नागदादिल्ली अप-डाउन रेल ट्रैकपटरियों पर पानी भरा

24 घंटे में कैसा रहा मौसम

इंदौर में मिनी बस बही, राऊ में बाढ़ में फंसे 21 लोगों का रेस्क्यू

इंदौर में शनिवार को शाम 4 बजे तक 11 इंच बारिश हुई। निचले इलाकों में पानी भर गया। महेश नगर में मकानों को खाली कराना पड़ा। कबूतरखाना क्षेत्र से कई परिवार रेस्क्यू किए गए हैं। सुपर कॉरिडोर पर सर्विस रोड की पुलिया से मिनी बस बह गई। इसमें सवार 15 लोगों को बचा लिया गया है। यशवंत सागर डैम के चार गेट खोल दिए गए हैं। इससे शहर के सभी तालाब पूरी क्षमता तक भर गए हैं।

राऊ तहसील के कलारिया गांव में गंभीर नदी डेम की बाढ़ में महिलाओं और बच्चों समेत 21 लोग फंस गए थे। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ और जिला प्रशासन ने संयुक्त कार्रवाई कर सभी को सुरक्षित निकाला।

मौसम विभाग ने इंदौर संभाग के लिए अगले 24 घंटे तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

इंदौर में 24 घंटे में 6 इंच से ज्यादा पानी गिरा। यशवंत सागर बांध के 4 गेट खोलना पड़े।

नागदा में रेलवे ट्रैक पर पानी भरा, रतलाम में पत्थर गिरे

नागदा (उज्जैन) रेलवे स्टेशन के नजदीक दिल्ली को जाने वाले अप एंड डाउन रेल ट्रैक पर पानी भर गया। यात्री कुलदीप सिंह परिहार ने बताया कि जगह-जगह ट्रैक की गिट्‌टी बह गई। मेमू समेत कई ट्रेन प्रभावित हुई हैं। रतलाम और दाहोद के बीच दिल्ली – मुंबई रेल ट्रैक पर बारिश की वजह से पहाड़ी से बड़े पत्थर गिर गए। इस कारण 12494 दर्शन एक्सप्रेस का इंजन पटरी से उतर गया। रतलाम में धोलावाद बांध का एक गेट खोला गया है।

नागदा रेलवे स्टेशन के नजदीक अप एंड डाउन ट्रैक पर पानी भर गया।

खंडवा में ओंकारेश्वर बांध के सभी 23 गेट खोले

खंडवा में ओंकारेश्वर बांध के सभी 23 गेट 6 मीटर तक खोले गए हैं। 8 टरबाइन से और गेट से 30 हजार क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। इंदिरा सागर बांध के भी 20 में से 12 गेट खोलकर 28 हजार क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। नर्मदा का पानी ज्योतिर्लिंग की सीढ़ियों तक पहुंच गया। नर्मदा का लेवल बढ़ने से इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर मोरटक्का ब्रिज बंद कर यातायात रोक दिया गया है।

खंडवा में ओंकारेश्वर बांध के सभी 23 गेट 6 मीटर तक खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है।

नर्मदापुरम में नर्मदा उफनी, बाढ़ में घिरे 8 चरवाहे

नर्मदापुरम में सेठानी घाट पर नर्मदा का जलस्तर आज सुबह 963.10 फीट पर पहुंच गया। यह अलार्म लेवल से 0.90 फीट नीचे और खतरे के निशान से 2.9 फीट नीचे है। तवा बांध के 13 गेट को 10 फीट बढ़ाकर 20-20 फीट तक खोल दिए गए हैं। जिले में गंजाल नदी का पानी पुल से ऊपर बहने पर पिछले 12 घंटे से नर्मदापुरम-हरदा-खंडवा स्टेट हाईवे बंद है। जिले के शिवपुर के पास बीसोनी गांव में मोरन नदी में आई बाढ़ के टापू में भेड़ चराने वाले 8 लोग फंस गए। राजस्थान के इन लोगों के साथ भेड़ और ऊंट भी फंसे गए। सभी को बचा लिया गया है।

नर्मदापुरम में सेठानी घाट पर नर्मदा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।

उज्जैन में शिप्रा में उफान, रामघाट के कई मंदिर डूबे

उज्जैन में शिप्रा उफान पर है। रामघाट के कई मंदिर डूब गए हैं। छोटे पुल के ऊपर से पानी बह रहा है। गंभीर बांध के 5 गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। जिले के नागदा में रेल ट्रैक पर पानी भर गया। उन्हेल में बस स्टैंड का नाला उफनाने से रोड किनारे रखी गुमठियां, ठेले बह गए।

उज्जैन के उन्हेल में बस स्टैंड का नाला उफनाने से कच्चा मकान गिर गया।

शाजापुर, रायसेन, विदिशा, अशोकनगर, हरदा, बुरहानपुर, मंदसौर में भी हालात बिगड़े

शाजापुर शहर के बीच से गुजरी चीलर नदी के पुल के ऊपर से पानी बह रहा है। विदिशा में पठारी – खुरई मार्ग पर बीना नदी के दलपतपुर घाट पर करीब 1 फीट पानी बह रहा है। पठारी- खुरई मार्ग बंद हो गया है।

रायसेन और अशोकनगर में भी बारिश से जगह-जगह जलभराव के हालात बन गए हैं। हरदा में अजनाल, गंजाल, मटकुल, टिमरन, स्यानी और हंसावती नदी उफान पर आ गई हैं। शहर की बंगाली कॉलोनी, जत्रा पड़ाव और खेड़ीपुरा क्षेत्र में पानी भर गया। हरदा जिले की गंजाल नदी पर बना रपटा पार कर रहे दो लोग बह गए। होमगार्ड और एसडीईआरएफ की टीम रेस्क्यू में जुटी है। जिले के कुकरावद गांव के पास मटकुल नदी में आई बाढ़ में 100 से अधिक भेड़ और ऊंट बह गए। जिन्हें स्थानीय ग्रामीणों की मदद से रेस्क्यू किया गया।

बैतूल के पारसडोह बांध के गेट खुलने से बुरहानपुर में ताप्ती नदी खतरे के निशान 220.800 मीटर से 3 मीटर ऊपर बह रही है। राजघाट, खातू घाट, नागझरी घाट, पीपल घाट डूब गए हैं। निचली बस्तियों को खाली कराया जा रहा है। मन्दसौर में शिवना का जलस्तर बढ़ गया है। कालाभाटा बांध के 2 गेट 6-6 फीट तक खोले गए हैं।

देवास में डैम से छोड़ा जा रहा पानी गांवों में घुसा

देवास में क्षिप्रा समेत अधिकांश नदियां उफान पर हैं। सुरक्षा की दृष्टि से डैम के 8 गेट खोले गए हैं। बागली में धराजी सहित कई गांवों में पानी आने से घरों में रखा सामान खराब हो गया। सड़क संपर्क खत्म होने से रेस्क्यू पार्टी को परेशानी हो रही है। शहर के जिला अस्पताल में बारिश का पानी निकालने के लिए मोटर लगानी पड़ी।

देवास में तेज बारिश के बाद जिला अस्पताल परिसर में पानी घुस गया।

नदी में पार्टी करते समय पूर्व मंत्री का बेटा और दोस्त बहे, ग्रामीणों ने बचाया

इंदौर में पूर्व मंत्री रंजना बघेल का बेटा यशवर्धन शुक्रवार शाम दोस्त तेजस के साथ चोरल नदी के बीच गाड़ी ले जाकर पार्टी कर रहा था। नदी में पानी बढ़ जाने से दोनों गाड़ी सहित बह गए। यश कई घंटों तक पेड़ पर फंसा रहा, फिर उसका हाथ छूटा और पानी में बह गया। देर रात ग्रामीणों ने दोनों को बचा लिया। बघेल का बेटा यश, तेजस के साथ पिकनिक मनाने सिमरोल क्षेत्र के रतबी फार्म हाउस गया था। देर रात सूचना मिलते ही पूर्वमंत्री बघेल मौके के लिए निकल गई। वहां पहुंचकर जब उन्हें पता चला कि बेटा बह गया है तो वह बेहोश हो गईं।

पूर्व मंत्री रंजना बघेल का बेटा यशवर्धन शुक्रवार शाम दोस्त तेजस के साथ चोरल नदी के बीच गाड़ी ले जाकर पार्टी कर रहा था। दोनों युवक सुरक्षित हैं।

इतनी बारिश क्यों और आगे क्या?

मौसम केंद्र भोपाल के सीनियर वैज्ञानिक डॉ. वेदप्रकाश सिंह ने बताया कि प्रदेश में अब तक औसत 31.72 इंच बारिश हो चुकी है। सितंबर की सामान्य बारिश 6 इंच है। 15 दिन में ही प्रदेश इस आंकड़े के करीब पहुंच गया है। 15 सितंबर तक 5.6 इंच बारिश हो चुकी है। शनिवार को सामान्य बारिश का आंकड़ा पार हो जाएगा।

मौसम वैज्ञानिक के मुताबिक उत्तरी बंगाल की खाड़ी और निकटवर्ती ओडिशा तट के आसपास से लो प्रेशर एरिया (कम दबाव का क्षेत्र) एक्टिव है। साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम भी है। मानसून ट्रफ लाइन भी गुजर रही है। इनके चलते प्रदेश में तेज बारिश हो रही है। बारिश की एक्टिविटी 25 सितंबर तक रह सकती है।

अब 17 जिले रेड जोन में

प्रदेशभर में तेज बारिश होने से 3 जिले झाबुआ, खरगोन और आगर-मालवा रेड जोन से बाहर निकल आए हैं, जबकि अभी 17 जिले यानी नीमच, मंदसौर, अलीराजपुर, धार, खंडवा, राजगढ़, शाजापुर, गुना, अशोकनगर, भोपाल, सीहोर, नर्मदापुरम, दमोह, सतना, रीवा, सीधी और सिंगरौली रेड जोन में शामिल हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इनमें से कई जिले ऐसे हैं, जो रेड जोन से बाहर निकलने के मुहाने पर है। शनिवार को यह बाहर निकल जाएंगे।

प्रदेश में अब तक 17 जिले रेड जोन में हैं। 3 जिले शुक्रवार को रेड जोन से बाहर निकल गए हैं।

अब MP में ओवरऑल 10% बारिश कम

प्रदेश में तेज बारिश होने से ओवरऑल बारिश का आंकड़ा अब 10% कम रह चुका है। एक दिन पहले तक यह 12% था। प्रदेश के पूर्वी हिस्से में 6% कम और पश्चिमी हिस्से में औसत से 14% कम बारिश हुई है। शनिवार को पश्चिमी हिस्से में तेज बारिश होने से यह आंकड़ा भी सुधर जाएगा।

इन जिलों में कम बारिश

(आंकड़े: 1 जून से 15 सितंबर तक की बारिश)

कैसे रहेंगे अगले 24 घंटे

इंदौर समेत 8 जिलों में रेड अलर्ट

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