भोपाल
मध्यप्रदेश के कई इलाकों में गणतंत्र दिवस यानि गुरुवार को बारिश का दौर जारी रहा। राजधानी भोपाल में देर रात तक रुक-रुक कर बारिश होती रही। इससे पहले सुबह से ही बादल छाए रहे। मौसम सुहाना होने और गणतंत्र दिवस की छुट्टी होने से लोग पर्यटन स्थलों का रुख करते नजर आए, तो कई लोग सर्दी के चलते घरों में ही रहे।
तेज बारिश और खराब मौसम की वजह से उज्जैन में नर्सरी से 8वीं तक के स्कूलों की आज छुट्टी घोषित की गई है। शाजापुर में भी आज 5वीं तक की छुट्टी घोषित की गई है। कलेक्टर दिनेश जैन ने इसके आदेश भी जारी कर दिए हैं। जो जिले के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों पर लागू होंगे।
बारिश के चलते दिन के तापमान में गिरावट आई है। इससे ठंड का असर बढ़ गया है। इंदौर सबसे ठंडा रहा। यहां गुरुवार को दिन का तापमान 17.8 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल में 19.4 डिग्री तापमान रहा। उज्जैन, धार, गुना, राजगढ़, नौगांव में भी पारा काफी कम रहा। यहां 20 डिग्री के नीच तापमान दर्ज किया गया।
इधर, शुक्रवार को भोपाल-इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर समेत प्रदेश के 33 जिलों में बारिश होने के आसार है। मौसम विभाग के मुताबिक शनिवार से प्रदेश में फिर एक सिस्टम एक्टिव हो रहा है। इससे फरवरी के पहले सप्ताह तक बारिश का दौर जारी रहेगा।
तस्वीर भोपाल के वोट क्लब की है। गणतंत्र दिवस की रात यहां सैलानियों की भीड़ रही। देर रात तक बारिश का दौर भी जारी रहा।
यहां रहेगा कोहरे का असर
शुक्रवार सुबह सागर संभाग में घना कोहरे का असर रहेगा। वहीं, ग्वालियर, चंबल, भोपाल और रीवा संभाग में भी कोहरा रहेगा। भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर, सागर, चंबल संभाग समेत रतलाम, इंदौर और उज्जैन में गरज के साथ बिजली चमकने या बारिश होने की संभावना भी है।
24 जनवरी वेस्टर्न डिस्टर्बेंस करा रहा प्रदेश में बारिश
प्रदेश में 24 जनवरी से नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक्टिव है। इसके चलते 28 जनवरी तक प्रदेश के कई शहरों में बारिश हो रही है। शुक्रवार को भोपाल, रायसेन, राजगढ़, सीहोर, विदिशा, ग्वालियर, अशोकनगर, शिवपुरी, दतिया, गुना, मुरैना, श्योपुर, भिंड, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, छतरपुर, दमोह, पन्ना, सागर और टीकमगढ़ में कहीं-कहीं तेज बारिश होगी। इनके अलावा इंदौर, उज्जैन, देवास, रतलाम, धाम, शाजापुर, नरसिंहपुर और जबलपुर में भी बारिश की संभावना है।
मौसम विभाग के मुताबिक 28 जनवरी से एक और नया सिस्टम एक्टिव हो रहा है।
28 जनवरी से बन रहा यह सिस्टम
वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ (WD) उत्तरी पाकिस्तान/अफगानिस्तान क्षेत्र में निम्न-मध्य क्षोभमंडलीय स्तर पर चक्रवातीय परिसंचरण (Cyclonic circulation) के रूप में सक्रिय है, जबकि प्रेरित चक्रवातीय परिसंचरण (Induced Cyclonic Circulation) पंजाब के ऊपर और पंजाब, पूर्वी राजस्थान और मध्यप्रदेश से होते हुए विदर्भ तक ट्रफ लाइन गुजर रही है। इसके चलते 28 जनवरी से अगले पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना बनी हुई है।
भोपाल में पहले भी होती रही है गणतंत्र दिवस पर बारिश
साल 2015 में भोपाल में 25 जनवरी, 26 जनवरी और 27 जनवरी को लगातार तीन दिन तक पानी गिरा था। 25 और 26 जनवरी को तो 2-2 मिलीमीटर, जबकि 27 जनवरी को हल्की रिमझिम हुई थी। 2017 में न्यूनतम तापमान सबसे अधिक रहे थे। 2022 में 25 जनवरी से लेकर 27 जनवरी तक रात का पारा 6 डिग्री सेल्सियस तक था। दिन का पारा भी 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा था।

