इस साल बारिश का मिजाज एकदम अलग ही रहा है। सितम्बर में पूरे माह बारिश होने के बाद अक्टूबर के पहले हफ्ते में भी हुई। इसी के साथ मौसम वैज्ञानिकों ने मप्र से मानसून विदा होने के संकेत भी दे दिए। इस बीच शनिवार शाम से फिर बादल छाए और बारिश के आसार बने। फिर मौसम खुला भी लेकिन रात करीब 8.30 बजे शहर के कई हिस्सों में बारिश शुरू हो गई जो ढाई घंटे तक चलती रही। इस दौरान कहीं धीमी, कहीं रुक-रुककर तो कहीं सामान्य बारिश होती रही। कुछ क्षेत्रों की सड़कों पर तो पानी भी भर गया। अनुमान है कि करीब आधा इंच बारिश हुई है। वैसे रात 1 बजे बाद भी कुछ हिस्सों में हल्की बारिश जारी थी।
करीब 10 दिन से खुश्क मौसम के बाद लोगों का अनुमान था कि अब बारिश नहीं होगी। यही कारण है कि विजया दशमी के एक हफ्ते पहले बड़े रावण भी बनना शुरू हो गए थे। शुक्रवार को विजया दशमी के दिन भी मौसम खुश्क रहा और बारिश का विघ्न नहीं रहा लेकिन शनिवार रात को हालात बदल गए। शहर के पश्चिम क्षेत्र एरोड्रम, बड़ा गणपति, राज मोहल्ला सहित कई क्षेत्रों में हल्की बारिश हुई तो मध्य क्षेत्र राजबाडा, गांधी प्रतिमा, छावनी आदि क्षेत्रों में रुक-रुककर बारिश होती रही। फिर 9.30 बजे पूर्वी क्षेत्र के निपानिया, विजय नगर, सुखलिया, एमआर-10, एमआईजी, पलासिया, गीता भवन, शिवाजी प्रतिमा, कनाडिया, पीपल्याहाना क्षेत्र में बारिश कुछ तेज हो गई और यह क्रम रात 12 बजे तक चलता रहा।
इधर, शनिवार देर शाम कई लोग दशहरा मिलन के लिए घरों से निकले तो कुछ बाजारों के लिए लेकिन बारिश ने मजा किरकिरा कर दिया क्योंकि मानसून की बिदाई के बाद लोगों ने रेनकोट भी पैक कर रख दिए थे। इसके चलते कई लोग भीगे और उन्हें लौटना पड़ा। उधर, बीआरटीएस के विजय नगर, एमआर-9, पलासिया वाले हिस्सों में निकासी सही नहीं होने के कारण पानी भर गया। ऐसी ही स्थिति पाटनीपुरा-मालवा मिल मार्ग व एमआईजी थाने के सामने नेहरू नगर रोड नं. 9 पर रही। मौसम वैज्ञानिक (एग्रीकल्चर कॉलेज) डॉ. एचएल खापडिया के मुताबिक के मुताबिक अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में कम दबाव के क्षेत्र के कारण ऐसा हुआ है जिससे प्रदेश में हल्की सी नमी है। अगले तीन दिन तक इंदौर, भोपाल सहित कुछ जिलों में रिमझिम व हल्की बारिश हो सकती है।

