करोड़ों रुपए की लागत से बुजुर्गों के लिए बनाया आलीशान आशियाना। अजमेर के नला बाजार की पुरानी फर्म धर्मदास बद्रर्स के सदस्य अमोलक खानचंदानी का सेवा भाव।
स पी मित्तल, अजमेर
विदेश जाकर पैसा तो बहुत से लोग कमाते हैं, लेकिन ऐसे लोग कम होते हैं जो पैसे को अपनी मातृ भूमि पर सेवाभावना से खर्च करते हैं। ऐसे ही चुनिंदा व्यक्तियों में अजमेर के एनआरआई अमोलक खानचंदानी भी हैं। अमलोक के दादा ताराचंद अजमेर के नला बाजार में धर्मदास बद्रर्स के नाम से एक दुकान का संचालन करते थे, बाद में इस दुकान को पिता हुंदलदास ने भी संभाला, लेकिन वर्ष 1990 में अमोलक ने परंपरागत कारोबार को छोड़कर परफ्यूम का काम शुरू किया। इसके लिए अमोलक अमरीका गए और वहां खूब पैसा कमाया। अमोलक ने जो पैसा कमाया उसमें से कुछ करोड़ रुपया अपनी मातृभूमि अजमेर पर सेवा की भावना से खर्च करने का निर्णय लिया। इसी भावना के अंतर्गत अजमेर के कोटड़ा के खेल मैदान के सामने प्रगति नगर में एक आलीशान आशियाना का निर्माण 375 वर्गगज भूमि पर करवाया। कोई 12 हजार स्क्वायर फिट के निर्माण में अब बुजुर्ग नागरिकों को रखा जाएगा। इस आशियाने कर नाम अमरापुर सेवाघर रखा गया है। इस सेवा घर का लोकार्पण 14 जनवरी को अमोलक की माता जी श्रीमती निर्मला खानचंदानी करेंगी। इस अवसर पर प्रमुख साधु संत भी मौजूद रहेंगे। सेवाघर से जुड़े समाज सेवी कंवल प्रकाश किशनानी ने बताया, हरी चंदनानी और गिरधर तेजवानी ने बताया कि इस सेवाघर में बुजुर्ग नागरिक बिना किसी शुल्क के रह सकेंगे। यहां रहने वाले बुजुर्गों को सभी प्रकार की सुविधाएं नि:शुल्क उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने बताया कि इस आशियाने का निर्माण वृद्धाश्रम की सोच से हट कर है। आशियाने में सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई है। जरुरतमंद बुजुर्ग नागरिक आशियाने में रहने के लिए मोबाइल नंबर 9829070059 पर कंवल प्रकाश किशनानी से संपर्क कर सकते हैं।
पतंग महोत्सव 15 को:
राजस्थान पत्रिका की ओर से अजमेर के कोटड़ा स्थित विवेकानंद स्मारक पर 15 जनवरी को पतंग उत्सव का आयोजन किया गया है। पत्रिका के अजमेर संस्करण के संपादकीय प्रभारी युगलेश शर्मा ने बताया कि यह उत्सव युवाओं को राजस्थान की लोकपरंपराओं से जोडऩे के लिए है। ऐसे आयोजनों से सामाजिक सदभावना भी मजबूत होती है। पतंग उत्सव मकर संक्रांति पर्व से भी जुड़ा हुआ है। शर्मा ने बताया कि यह उत्सव विवेकानंद स्मारक पर प्रात: 10 से दोपहर 2 बजे तक मनाया जाएगा। उत्सव में भाग लेेने वालों को पतंग और डोर पत्रिका संस्थान की ओर से उपलब्ध करवाई जाएगी। पत्रिका संस्थान सामाजिक सरोकारों से जुड़े आयोजन करवाता रहता है, इसी कड़ी में इस बार पतंग उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। अजमेर में पतंग उड़ाने की परंपरा मकर संक्रांति पर्व पर है। पत्रिका संस्थान ने शहरवासियों को अपने परिजन के साथ पतंग उत्सव में आमंत्रित किया है।

