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*बच्चे पकड़ने वाली सामन्ती किसानों की एकजुटता और बालक की बहादुरी के आगे झुके, बालक को रिहा किया

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चंडीगढ़ पुलिस ने सिद्ध कर दिया के ये सामन्ती गुंडे हैं और ये पुलिस जनता के लिए नही है।  कल शाम 12 वर्षीय इस किसान के बेटे को  शाम चंडीगढ़ पुलिस ने सिरसा से गिरप्तार कर लिय।  गिरफ्तारी की सूचना तेजी से किसान समूह में फैली और बड़ी संख्या में किसानों ने विरोध करने के लिए एकत्रित होकर आक्रोश जताया तो दूसरे दिन किसान के बेटे को मजबूर होकर पुलिस ने रिहा कर दिया किसानों की एकजुटता और उस 12 वर्षीय बालक की बहादुरी ने आखिरकार गुंडों के रूप में आई पुलिस को झुकना पड़ाहरियाणा पुलिस द्वारा किसानों पर देशद्रोह का आरोप और चंडीगढ़ पुलिस द्वारा किसानों के साथ दुर्व्यवहार करके किसानो से बदसलूकी की है, निहत्ते किसानों को पीटा है जिसमें दो लड़कियो समेत पांच किसानों को चोट भी आयी है और साथ ही किसान बच्चों के साथ जो हुआ वो अति निंदनीय है।
किसान नेता डा दर्शन पाल के अपील के बाद सिरसा के सेक्टरस31 में किसान इकटठा होना शुरू हो गए हैं। सिरसा में गिरफ्तार किसानों की रिहाई के लिए प्रशासन के पास कल दोपहर 12 बजे तक का समय दिया है किसानों ने। यदि कल 12 बजे तक बच्चे समेत किसानों को नही छोड़ा तो संयुक्त मोर्चा के नेता बलदेव सिंह सिरसा अनिश्चित काल के लिए भूख हड़ताल करेंगे। साथ में बाकी किसान भी।

*सामन्ती गुंडो ने घुटने टेक दिए किसानों के सामने*

कल रात इस 12 वर्षीय अवीजोत को सामन्ती गुंडो ने रिहा कर दिया। आज इस बच्चे को सुनके ओए हिम्मत देखकर लग रहा है कि इस नयी पीढ़ी का भगत सिंह आ गए हैं। इस बच्चे के क्रांतिकारी जज्बे को क्रांतिकारी सलाम! अवीजोत के जज्बे को देखकर लगता है क्रांति जल्दी ही होगी। एकता में कितनी ताकत है, किसानों ने इकठ्ठा होकर कई बार दिखाया और सरकार और उनके पुलिसिया गुंडो को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। 

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