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जीएसटी में मिलने वाली है राहत… हो सकते हैं दो स्लैब

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जीएसटी को लेकर जल्द ही लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले के प्राचीर से भी इसका ऐलान किया था। इसके बाद वित्त मंत्रालय ने भी इसमें सुधार के संकेत दिए। पीएम मोदी ने कहा कि दिवाली से आम आदमी पर जीएसटी का बोझ कम होगा। अगली पीढ़ी के सुधार लागू किए जाएंगे। वहीं वित्त मंत्रालय के मुताबिक सिर्फ दो ही जीएसटी स्लैब रखे जा सकते हैं

।जीएसटी को लेकर जल्द ही लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले के प्राचीर से भी इसका ऐलान किया था। इसके बाद वित्त मंत्रालय ने भी इसमें सुधार के संकेत दिए। पीएम मोदी ने कहा कि दिवाली से आम आदमी पर जीएसटी का बोझ कम होगा। अगली पीढ़ी के सुधार लागू किए जाएंगे। वहीं वित्त मंत्रालय के मुताबिक सिर्फ दो ही जीएसटी स्लैब रखे जा सकते हैं। इसका मकसद है कि आम आदमी पर टैक्स का बोझ कम हो और कारोबार करना आसान हो जाए। नई दरों से चीजें सस्ती होंगी और लोगों को फायदा होगा।

क्या कहा वित्त मंत्रालय ने?

वित्त मंत्रालय ने जीएसटी में होने वाले बदलावों के बारे में जानकारी दी है। मंत्रालय के अनुसार, जीएसटी में अब सिर्फ दो स्लैब होंगे। पहला स्टैंडर्ड और और मेरिट। कुछ खास चीजों पर स्पेशल रेट लगेगा। अभी जो 5%, 12%, 18% और 28% के स्लैब हैं, वे बदल जाएंगे। जीएसटी काउंसिल की मीटिंग अगले महीने होने की उम्मीद है।

क्या हो सकता है जीएसटी में सुधार?

79वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जीएसटी को एक बड़ा सुधार बताया। उन्होंने कहा कि साल 2017 में लागू होने के बाद से जीएसटी ने देश पर अच्छा असर डाला है। आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए सरकार जीएसटी में बड़े बदलाव करने की योजना बना रही है। ये बदलाव तीन मुख्य बातों पर आधारित होंगे:

1. ढांचागत सुधार

2. दरों को तर्कसंगत बनाना

3. लाइफ को आसान बनाना

जीएमओ को भेजा प्रस्ताव

सरकार ने जीएसटी की दरों को ठीक करने और सुधार करने के प्रस्ताव जीएसटी काउंसिल द्वारा बनाए गए मंत्रियों के समूह (GoM) को भेज दिए हैं। इन सुधारों का मकसद टैक्स की दरों को इस तरह बदलना है कि समाज के सभी लोगों को फायदा हो, खासकर आम आदमी, महिलाएं, छात्र, मध्यम वर्ग और किसान। वित्त मंत्रालय ने कहा कि जीएसटी काउंसिल अपनी अगली मीटिंग में GoM की सिफारिशों पर विचार करेगी। सरकार चाहती है कि इन सुधारों को जल्द से जल्द लागू किया जाए, ताकि इस वित्तीय वर्ष में ही लोगों को इसका फायदा मिल सके।

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