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राजीव गांधी खेल रत्न सम्मान का नाम बदलना शहीद और भारत रत्न का अपमान

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राजीव गांधी एक पायलट के रूप में हवा में कलाबाजी दिखाने वाले महान खिलाड़ी भी थे
हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के नाम नए सम्मान पुरस्कार की घोषणा हो : अजय खरे
* अजय खरे
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समाजवादी जन परिषद के नेता अजय खरे ने कहा है कि हॉकी बजट में तमाम कटौती के बावजूद भारतीय हॉकी टीम की कड़ी मेहनत के चलते टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक हासिल कर लेना बड़ी उपलब्धि है लेकिन मोदी सरकार के लिए यह बटेर हाथ लगने वाली कहावत को चरितार्थ कर रही है . मोदी सरकार इसे 41 साल की बड़ी उपलब्धि के रूप बखान करते हुए जश्न मना रही है . श्री खरे ने कहा कि जश्न मनाते हुए उसने राजीव गांधी खेल रत्न सम्मान का नाम बदलकर मेजर ध्यानचंद खेल रत्न सम्मान कर दिया है .\

हो सकता है इस खुशी को और बढ़ाने के लिए हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के नाम भारत रत्न का भी ऐलान कर दिया जाए . सजप नेता श्री खरे ने कहा कि वैसे भी मोदी सरकार में बैठे हुए लोगों और भाजपाइयों को स्वर्गीय राजीव गांधी का नाम बहुत दिनों से खटक रहा था लेकिन ओलंपिक हॉकी में कांस्य पदक हासिल करने के मौके का फायदा उठाते हुए राजीव गांधी खेल रत्न सम्मान का नाम ही बदल दिया गया . यह नहीं भूलना चाहिए कि स्वर्गीय राजीव गांधी सिर्फ देश के प्रधानमंत्री ही नहीं बल्कि आतंकी हमले के चलते शहीद होने के साथ भारत रत्न भी हैं . शहीद भारत रत्न राजीव गांधी एक कुशल पायलट भी थे . वैसे भी आसमान में उड़ान भरने वाला जांबाज होता है . पायलट हवा में कलाबाजी दिखाने वाला महान खिलाडी होता है . उसका सम्मान किया जाना चाहिए , अपमान नहीं . श्री खरे ने सवाल किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोई खिलाड़ी नहीं हैं लेकिन अहमदाबाद में जिंदा जी नरेंद्र मोदी स्टेडियम नाम रखा जाना कितना सही है ? शहीद भारत रत्न स्वर्गीय राजीव गांधी के नाम के खेल सम्मान का नाम बदला जाना अत्यंत आपत्तिजनक बात है . बेहतर यह होता कि अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम का नाम बदल कर मेजर ध्यान चंद हॉकी स्टेडियम रख दिया जाए . इसके चलते देशवासियों और हाकी प्रेमियों को बेहद खुशी होगी . मेजर ध्यानचंद के नाम हॉकी का कोई सम्मान पुरस्कार रखा जा सकता है . देश में क्रिकेट स्टेडियम तो बहुत हैं क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नए हाकी स्टेडियम का ऐलान करेंगे .

समाजवादी जन परिषद के नेता अजय खरे ने कहा कि मोदी सरकार यदि नाम बदलने का पूर्वाग्रह ग्रसित प्रदर्शन करने की जगह भारतीय हॉकी के लिए काम करने की दिशा में अग्रसर होती है तो निश्चित रूप से हॉकी के स्वर्णिम दिन वापस आ सकते हैं .

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