इंदौर
केंद्र सरकार के गेहूं निर्यात पर तुरंत प्रभाव से प्रतिबंध लगाने का मप्र सहित इंदौर में भी विरोध किया गया। इसके चलते इंदौर मंडी बंद रहने से दो दिन में लगभग 15 करोड़ रुपए का व्यापार प्रभावित हुआ। सकल अनाज दलहन तिलहन व्यापारी महासंघ समिति के आह्वान पर 17 और 18 मई को अनाज मंडी बंद रखी गई। महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष गोपालदास अग्रवाल सहित एक प्रतिनिधि मंडल अपनी समस्या को भोपाल में सीएम शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर सहित अन्य मंत्रियों के सामने रख इस समस्या के निदान की बात कह चुके है। इस मामले में एक फिर महासंघ का प्रतिनिधि मंडल सीएम शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात करेगा।
कल से खुलेगी मंडी
महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष गोपालदास अग्रवाल के मुताबिक केंद्र सरकार द्वारा लगाए प्रतिबंध को लेकर एक बार फिर से सीएम शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की जाएगी। सीएम के साथ ही कंपनियों से भी इस संबंध में चर्चा करेंगे, ताकि लोगों को माल की राहत मिल सके। गुरुवार से व्यापार वापस खुल जाएगा।
कुछ मंडी आज भी अपवाद स्वरूप खुली होगी
वे बोले की हमारे आह्वान के बावजूद कुछ मंडियां अपवाद स्वरूप खुली थी। संभवत: आज भी ये अपवाद स्वरूप खुली होगी। मंडी बंद के आह्वान का असर देखने को मिला है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा किसानों के हित में गेहूं के निर्यात के लिए व्यापारियों को प्रोत्साहित करने के बाद अचानक से व्यापारियों को परेशानी और कठिनाई में डालना और किसी भी प्रकार के प्रतिबंध लगाना व्यापारियों के साथ विश्वासघात जैसा है।
15 करोड़ का व्यापार प्रभावित
गोपालदास अग्रवाल बताते है कि रोजाना करोड़ों रुपए का व्यापार मंडियों में होता है। इंदौर में मंडी बंद होने से 15 करोड़ रुपए का व्यापार प्रभावित हुआ है। वहीं देखा जाए तो प्रदेश की कई मंडी बंद होने से एक अरब के आसपास का व्यापार प्रभावित होने की संभावना है।

