Site icon अग्नि आलोक

2024 में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे सड़क हादसे,,सीट बेल्ट-हेलमेट सब नाकाम,अब लाइसेंस नियमों को सख्त करने की तैयारी

Share

 2024 में भारत में सड़क हादसों से मरने वालों की संख्या अब तक के सभी रिकॉर्ड तोड़ने वाली है. सरकार अब लाइसेंस नियमों को सख्त करने और सभी बसों-ट्रकों में एडवांस ड्राइवर अलर्ट सिस्टम लगाने की तैयारी कर रही है.

हर सुबह जब हम घर से निकलते हैं, तो हमें लगता है कि शाम को वापस लौट आएंगे. लेकिन देश की सड़कों पर ऐसा नहीं होता. हर दिन हजारों लोग अपने घर से निकलते हैं, पर लौटकर नहीं आते. 2024 में सड़क हादसों में जान गंवाने वालों की संख्या ने पिछले सालों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. आंकड़ों के मुताबिक, अब तक देशभर में करीब 1.7 लाख से ज्यादा लोगों की सड़क दुर्घटनाओं में मौत हो चुकी है. उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, ओडिशा, तेलंगाना, असम और दिल्ली जैसे राज्य इस लिस्ट में सबसे ऊपर हैं.

राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों से मिले प्रोविजनल डेटा के अनुसार, 2024 में करीब 1.7 लाख लोगों की सड़क हादसों में मौत हुई. जबकि 2023 में यह आंकड़ा करीब इतना ही था और वेस्ट बंगाल में 6 हजार से ज्‍यादा मौतें दर्ज की गई थीं. यानी जब पश्चिम बंगाल का डेटा शामिल किया जाएगा, तो 2024 का आंकड़ा निश्चित तौर पर पिछले साल से ज्‍यादा हो जाएगा. हालांकि डेटा अभी फाइनल नहीं है. बताया जा रहा है कि राज्य सरकारों से मिले आंकड़ों को दोबारा चेक और मिलान किया जा रहा है, जिसके बाद अंतिम रिपोर्ट जारी होगी.

कुछ राज्यों में दिखा सुधार का पॉजिटिव सिग्नल्स
बुरी खबरों के बीच कुछ पॉजिटिव सिग्नल्स भी हैं. नौ राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में सड़क हादसों से मौतों में थोड़ी कमी दर्ज की गई है. मसलन केरल में 2023 के मुकाबले मौतों का आंकड़ा घटकर 3,846 रह गया, जबकि गुजरात में 7,717 मौतें दर्ज की गईं, जो 2023 के 7,854 से थोड़ी कम हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक टॉप 10 हाई-फेटालिटी स्टेट्स में मौतों की संख्या में बड़ी गिरावट नहीं आती, तब तक सड़क मौतों को आधी करने का लक्ष्‍य हासिल करना मुश्‍किल है.

2027 से सभी बसों-ट्रकों में लगेगा ‘स्मार्ट अलर्ट सिस्टम’
बड़ी खबर ये है कि सरकार ने ADAS (Advanced Driver Alert System) को सभी नए ट्रक और बस मॉडल्स में अनिवार्य करने का फैसला लिया है. अक्टूबर 2027 से हर नए मॉडल में ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग, ड्राइवर ड्रोज़िनेस अलर्ट और लेन डिपार्चर वार्निंग सिस्टम लगाना जरूरी होगा. जनवरी 2028 से बने पुराने मॉडल्स में भी ये फीचर्स जोड़ने होंगे. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस टाइमलाइन को मंजूरी दे दी है और जल्द ही इसकी अधिसूचना जारी होगी. मंत्रालय का मानना है कि ये टेक्नोलॉजी ड्राइवर को अलर्ट करके और ज़रूरत पड़ने पर अपने आप ब्रेक लगाकर कई हादसों को टाल सकती है

सख्त कार्रवाई की तैयारी में है परिवहन मंत्रालय
सड़क परिवहन मंत्रालय अब मोटर व्हीकल ऐक्ट में बदलाव की तैयारी में है. इसके तहत ड्राइविंग लाइसेंस के नियम सख्त होंगे और खराब ड्राइविंग बिहेवियर पर नेगेटिव पॉइंट सिस्टम लागू किया जाएगा. अगर ड्राइवर बार-बार गलती करता है, तो उसका लाइसेंस सस्पेंड या कैंसिल भी हो सकता है.

Exit mobile version