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दिल्ली-मुंबई में रोशन चिराग, नहीं दिख रहा पुलिस को,इंदौर में खास लोगों से संपर्क में हैं भूमाफिया चिराग और नीलेश

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इंदौर

केस दर्ज होने के बाद से ही फरार चिराग शाह और नीलेश अजमेरा इंदौर में खास लोगों के साथ संपर्क में हैं। चिराग हाल ही में मामला गर्माने के बाद मुंबई से दिल्ली पहुंच गया है। वह अपने ड्राइवर के पास रखे मोबाइल फोन की मदद से इंदौर में संपर्क में बना हुआ है। यह नंबर 7073438930 बताया जा रहा है। वहीं चंपू का भाई नीलेश अजमेरा मुंबई के एयरपोर्ट के पास स्थित एक फाइव स्टार होटल में रुका है।

वह उत्तराखंड के हरिद्वार शहर के नंबर से रजिस्टर्ड एक रेंज रोवर कार (यूके 08 एबी 2570) से घूम रहा है। वह +447427134209 नंबर की एक इंटरनेशनल सिम का उपयोग कर रहा है, जिसमें नेट कॉलिंग ही होती है। यह नंबर यूनाइटेड किंगडम का है।

नीलेश के पास ब्रिटिश नागरिकता भी है। सूत्रों ने बताया कि नीलेश भी जल्द ही दिल्ली जा रहा है और वहां पर चिराग, नीलेश की कुछ बड़े लोगों के साथ बैठक होने जा रही है, ताकि इंदौर और भोपाल में संपर्क साधकर मामले को सुलझाया जा सके।

चंपू ने लगाए थे आरोप- फाइव स्टार में फरारी काट रहे दोनों

मंगलवार को जेल में पहुंचे अधिकारियों के सामने चंपू ने भी यही बात कही थी कि भगोड़े फाइव स्टार होटलों में फरारी काट रहे हैं। चंपू की पत्नी योगिता ने भी बुधवार को कहा था दोनों फरारी काट रहे हैं।

संदीप तेल के भाई प्रवीण के पास निकले 40 प्लॉट

उधर प्रशासन को जांच में पता चला है कि फीनिक्स में संदीप तेल के भाई प्रवीण अग्रवाल के पास करीब 40 प्लॉट होना पाए गए हैं, जो चंपू एंड टीम द्वारा ही इसे दिए जाना बताए जा रहे हैं। इस कंपनी में डायरेक्टर रजत बोहरा जो देपालपुर में जेल में बंद है, अब उसके भी जेल जाकर बयान लिए जाएंगे।

उधर चिराग शाह के परिवार ने प्रशासन को सहमति दी है कि वह सेटलमेंट करने में अपनी ओर से राशि का भुगतान करेंगे। बताया जा रहा है कि 250 में से करीब आधे पीड़ित ऐसे हैं, जिनके पास रजिस्ट्री नहीं है और केवल रसीद या डायरी है। इन्हें भुगतान कर सेटलमेंट करने की कोशिश होगी और रजिस्ट्री वालों को प्लॉट देने की कोशिश की जा रही है।

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