संघ परिवार का कहना – खुलकर नही करेंगे काम, छोटा चुनाव आप लोग मिलकर लड़े
संघ ने दायित्ववान कार्यकर्ताओं को चेताया भी- सोशल मीडिया पर पक्ष विपक्ष न बने, न कमेंट करे
भाजपा ने बनाई चुनाव समिति, मेंदोला को बनाया मुखिया
नितिन मोहन शर्मा
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” संघ कोटे ” से चूनावी समर में दो दो हाथ करने उतरे पुष्यमित्र भार्गब के लिए स्वयम की मातृ संस्था आरएसएस से अच्छी खबर नही आ रही है। संघ सूत्रों से छनकर आई खबर भार्गव के साथ साथ भाजपा के लिए भी चिंता का विषय बन गई है। संघ से स्पष्ट किया है कि ये छोटा चुनाव है। न यहां देश की अर्थ नीति बनती न रक्षा और शिक्षा नीति। चुनाव भी समाज मे बेहद नजदीकी से लड़ा जाता है। हमारे लिए पूरा समाज एक ही है। एक ही गली में राजनीतिक रूप से स्वयंसेवक किसी मतभेद में नही पड़ सकते।वार्ड चुनाव में निजी सम्पर्क ही मुख्य आधार रहता है। ऐसे में किसी को विचारधारा के आधार में बाध्य नही कर सकते।
विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक संघ ने अपने सभी दायित्ववान पदाधिकारियों ओर स्वयंसवेकों को ताकीद भी दी कि वे सोशल मीडिया पर किसी पक्ष विपक्ष की कोई पोस्ट या कमेंट भी न करे। संघ का मानना है कि चुनाव दस बीस दिन का लेकिन पक्ष विपक्ष करने से संघ की समाज के बीच वर्षभर चलने वाली गतिविधियों पर असर पड़ता है।
संघ हलकों से मिले इशारे के बाद भाजपा की पेशानी पर मानसूनी हवाओ के बाद भी पसीना छलक गया। पार्टी के कद्दावर नेता कैलाश विजयवर्गीय को स्वयम मैदान में उतरना पड़ा। उन्होंने प्रत्याक्षियों की अलग से क्लॉस ली। बाद में पार्टी नेताओं की भी एक बड़ी बैठक दीनदयाल भवम में हुई। इस बैठक में सभी नेता शामिल हुए। इसके चुनाव प्रबन्धन समिति बनाई गई। इसका मुखिया विधायक व मेयर टिकट के प्रबल दावेदार रमेश मेंदोला को बनाया गया है। वरिष्ठ नेता मधु वर्मा को भी इस समिति में समकक्ष दायित्व देकर काम पर लगाया है।

