बेंगलुरु: कर्नाटक की राजनीति में प्रियांक खड़गे और आरएसएस का विवाद गरमाया हुआ है. इस बीच आईटी-बीटी मंत्री प्रियांक खड़गे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से मांग की है कि वे दस्तावेज दिखाएं जो साबित करते हैं कि आधिकारिक रूप से पंजीकृत हैं. उन्होंने कहा कि आरएसएस, एक अनौपचारिक संगठन है. साथ ही सवाल उठाया कि RSS को पैसा कहां से मिलता है? कपड़ों की खरीद और इमारतों के निर्माण के लिए कौन भुगतान कर रहा, यह सवाल भी उठाया.
सदाशिवनगर स्थित अपने आवास के निकट बुधवार 22 अक्टूबर को मीडिया से बात करते हुए मंत्री ने कहा, “अगर आरएसएस संगठन, पंजीकरण से संबंधित दस्तावेज दिखायें, तो मैं इस पर सवाल नहीं उठाऊंगा. अगर यह कानूनी रूप से पंजीकृत है, तो हमें पता चल जाएगा कि संगठन को कौन धन दे रहा है और यह धन कहां से आ रहा है.”
दलित संगठनों द्वारा जुलूस की अनुमति मांगने के मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए, मंत्री ने कहा, “भीम आर्मी और दलित पैंथर्स संगठनों ने चित्तपुर और चामराजनगर सहित राज्य के अन्य हिस्सों में जुलूस की अनुमति मांगी है. उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार, यदि माहौल अनुकूल है, तो उन्हें ऐसा करने दें. यह सभी संगठनों के लिए समान मानदंड होगा.”
चित्तपुर में आरएसएस के जुलूस की अनुमति के बारे में उन्होंने कहा, “जब माहौल अनुकूल नहीं है तो ऐसा कैसे हो सकता है? किसी भी संगठन को पहले अनुमति लेनी होती है. जिला प्रशासन आवेदन की जांच के बाद इस पर फैसला करेगा.” हाल ही में प्रियांक खड़गे ने कहा था कि लोगों को सड़क पर प्रार्थना करने की अनुमति के लिए आवेदन करना चाहिए.

