जयपुर । सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सदा से उपेक्षित रहा सांगानेर इस बार पुनः राजनीतिक व प्रशासनिक अव्यवस्था का शिकार हुआ। वसुंधरा सरकार के समय 300 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को पीपीपी मॉडल पर चलाने की अनुशंसा के समय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सांगानेर के लिए सबसे पहले राजस्थान नागरिक मंच द्वारा सांगानेर सर्किल पर बड़ा विरोध प्रदर्शन किया गया था और लंबे समय से लंबित मांग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सांगानेर को क्रमोन्नत कर सेटेलाइट हॉस्पिटल किया जाए मांग भी रखी गई थी । तत्पश्चात विधानसभा पर राजस्थान नागरिक मंच एवं जनपक्षीय संगठनों द्वारा विरोध के कारण वसुंधरा सरकार द्वारा निर्णय वापस हुआ।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा 2 वर्ष पूर्व 30 बेड की क्षमता वाले सांगानेर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जिसमें 3 मेडीकल ऑफिसर, एम. डी., गायनाकोलॉजिस्ट, डेंटिस्ट, आंखों, पेडिट्रिक्स, एनिथिसिया , सर्जन डॉक्टरो का स्टाफ है एवं प्रतिदिन लगभग एक हजार मरीजों का उपचार होता है, को क्रमोन्नत कर सेटेलाइट चिकित्सालय की घोषणा करी गई थी। लेकिन 4 नवंबर को एक अखबार में प्रकाशित समाचारनुसार सांगानेर सेटेलाइट हॉस्पिटल के लिए बंबाला संस्थानिक क्षेत्र का भूखण्ड संख्या 6 जो कि दो हजार वर्गमीटर जमीन प्रताप नगर जयपुर में विकास प्राधिकरण ने आवंटित किया है। जबकि प्रताप नगर में पहले से ही सरकारी आर यू एच एस मेडिकल कॉलेज, महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल, नारायणा मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, प्रकाश हॉस्पिटल पहले से ही हैं जिससे प्रताप नगर वासियों को उपरोक्त हॉस्पिटल से स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल रहा है।
मानसरोवर स्थिति मेट्रो मानस हॉस्पिटल को पीपीपी मॉडल पर देने से मानसरोवर, पृथ्वीराज नगर, सांगानेर वासियों को निशुल्क व सस्ती सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं के लाभ से पहले ही वंचित रह गए और अब सावर्जनिक स्वास्थ्य केंद्र सांगानेर के सेटेलाइट हॉस्पिटल क्रमोन्नत उपरांत भी स्थान परिवर्तित कर प्रताप नगर में बनाने से सांगानेर, पृथ्वीराज नगर, मानसरोवर के अतिरिक्त सांगानेर के आसपास के सम्पूर्ण ग्रामीण क्षेत्र मुहाना, कपूरवाला, बालावाला, रातल्या, रामपुरा, रेनवाल,डिग्गी- फागी रोड़ तक के ग्रामीण क्षेत्रवासियों को सावर्जनिक स्वास्थ्य सेवाओं का मिलता वो अब नही मिलेगा।
राजस्थान नागरिक मंच के सचिव अनिल गोस्वामी ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मांग रखी है कि सांगानेर सेटेलाइट हॉस्पिटल की उपयोगिता प्रताप नगर की जगह सांगानेर में ज्यादा उपयोगी रहेगी इसके लिए सांगानेर में ही डॉ संपूर्णानंद खुली जेल कैदी फार्म हाउस जो कि कई बीघा में है के बावजूद खुली जेल के कैदियों ने खसरा नंबर 58 एवं 61 जो कि 4200 वर्ग मीटर जमीन जीडीए के अधीन है जिसके कुछ हिस्से पर कैदियों ने अवैध कब्जा कर रखा है जेडीए यह अवैध कब्जे को हटवा कर जमीन खाली करवाकर सांगानेर में ही सेटेलाइट हॉस्पिटल के लिए जमीन आवंटित करें अथवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पीछे सांगानेर तहसील जो अब अन्य जगह शिफ्ट हो रही वो जगह भी वर्तमान सांगानेर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन को दी जा सकती है साथ स्वास्थ्य केंद्र के बगल में सब्जी मंडी वाली खाली जगह भी ली जा सकती है, जिससे संपूर्ण शहरी व ग्रामीण सांगानेर क्षेत्र के लगभग 7-8 लाख लोगों को सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा।
राजकीय सेटेलाइट हॉस्पिटल, सांगानेर बचाओ संघर्ष समिति के राजेन्द्र कुम्भज, कृष्णा कयाल, निजाम मोहम्मद रंगरेज, रमेश यादव द्वारा भी स्थानीय सांगानेर निवासियों के बीच सांगानेर में ही सेटेलाइट हॉस्पिटल के लिए जमीन आवंटित की जाए हेतु हस्ताक्षर कैपेन चलाया जा रहा है।
अनिल गोस्वामी
सचिव
राजस्थान नागरिक मंच
9460068412
