चंडीगढ़
सभी चोरों का सरनेम मोदी क्यों होता है…’ इस बयान से जुड़े मानहानि केस में राहुल गांधी लोकसभा की सदस्यता गंवा चुके हैं। राहुल के बाद अब कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी बजरंग दल को देश विरोधी ताकतों जैसा बताने पर मानहानि के एक ऐसे ही मामले में घिर गए हैं।
पंजाब की संगरूर कोर्ट ने सोमवार को उन्हें 100 करोड़ के मानहानि केस में समन जारी किया है। संगरूर की सिविल जज (सीनियर डिवीजन) रमनदीप कौर की कोर्ट ने खड़गे को 10 जुलाई को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है। कोर्ट ने यह आदेश हिंदू सुरक्षा परिषद और बजरंग दल हिंद के फाउंडर हितेश भारद्वाज की याचिका पर दिया है।
कर्नाटक चुनाव के लिए कांग्रेस का मेनिफेस्टो जारी करते मल्लिकार्जुन खड़गे।(फाइल फोटो)
याचिकाकर्ता का आरोप- बजरंग दल की तुलना PFI से की
कोर्ट में दायर पिटीशन में हितेश भारद्वाज ने कहा कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान मल्लिकार्जुन खड़गे ने बजरंग दल की तुलना देश विरोधी ताकतों से की। हितेश के मुताबिक खड़गे ने कहा था कि जब भी कांग्रेस की सरकार आती है तो बजरंग दल और इस जैसे दूसरे देश विरोधी संगठन समाज में नफरत फैलाते हैं।
भारद्वाज ने कहा, ‘जब मैंने देखा कि घोषणापत्र के पेज नंबर 10 पर कांग्रेस ने बजरंग दल की तुलना देशद्रोही संगठनों से की है और चुनाव जीतने पर इसे प्रतिबंधित करने का वादा किया है। इसके बाद मैंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।’
कांग्रेस के कर्नाटक मेनिफेस्टो में बजरंग दल पर बैन का वादा
कर्नाटक विधानसभा चुनाव से 7 दिन पहले 2 मई को कांग्रेस पार्टी ने अपना मेनिफेस्टो रिलीज किया था। इसमें PFI और बजरंग दल जैसे संगठनों पर बैन लगाने का वादा किया था। कांग्रेस के वादे को लेकर बजरंग दल ने देशभर में प्रदर्शन किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस मुद्दे का जिक्र अभी सभाओं और रैलियों में किया था।
कर्नाटक विधानसभा चुनाव में बजरंग बली का मुद्दा खूब जोर-शोर से उठा। कांग्रेस ने मेनिफेस्टो में बजरंग दल को बैन करने का वादा कर दिया। हालांकि बजरंग दल के विवाद के बीच कर्नाटक में कांग्रेस जीत गई। मगर बजरंग दल को बदनाम करने को लेकर मामला कोर्ट पहुंच गया। VHP की चंडीगढ़ यूनिट ने भी कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे को लीगल नोटिस भेजकर मानहानि के एवज में 100 करोड़ देने को कहा था।
कांग्रेस के वादे के बाद PM नरेंद्र मोदी ने आरोप लगाया था कि पहले इन्होंने श्रीराम को ताले में बंद किया, अब बजरंगबली की बारी है
PM मोदी ने भी कांग्रेस को घेरा था
कांग्रेस मेनिफेस्टो में बजरंग दल पर बैन के वादे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी खूब तंज कसा था। उन्होंने 2 मई को विजयनगर की रैली में कहा- हनुमान जी की इस पवित्र भूमि को नमन करना मेरा बहुत बड़ा सौभाग्य है और दुर्भाग्य देखिए, मैं आज जब यहां हनुमान जी को नमन करने आया हूं, उसी समय कांग्रेस पार्टी ने अपने मेनिफेस्टो में बजरंगबली को ताले में बंद करने का निर्णय लिया है।
पहले श्री राम को ताले में बंद किया और अब जय बजरंगबली बोलने वालों को ताले में बंद करने का संकल्प लिया है। यह देश का दुर्भाग्य है कि कांग्रेस पार्टी को प्रभु श्री राम से भी तकलीफ होती थी और अब जय बजरंगबली बोलने वालों से भी तकलीफ हो रही है। अगले दिन उन्होंने अपील की थी कि जब पोलिंग बूथ में बटन दबाओ तो जय बजरंगबली बोल कर इन्हें (कांग्रेस को) सजा दे देना।

