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*सतना का बुरा हाल:सड़कें बन गई तालाब… जनता पर हो रही आफतों की बौछार*

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मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के सतना नगर निगम क्षेत्र को स्मार्ट सिटी (Satna Smart City) का दर्जा प्राप्त है. लेकिन, पहले ही बरसात में यह आलोचना के केंद्र में आ गया है. मानसून (Monsoon 2025) की आमद के साथ ही जनता को आफतों का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे में नगरीय निकाय की जमकर किरकिरी हो रही है. शनिवार की सुबह से हो रही बारिश के चलते शहर के तमाम वार्डों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं. महज 20-25 सेंटीमीटर की बरसात में ही शहर का ऐसा हाल हो चुका है, जैसे कभी मूसलाधार बारिश के बाद हुआ करता था. तमाम लोगों के घरों में पानी घुस चुका है, दुकान लबालब हो चुके हैं और आम जनता असहाय होकर गुहार लगा रही है.

सतना स्मार्ट सिटी में जमा हुआ पानी

ऊंची हुई सड़क, घर बन गया टापू

नगर निगम के वार्ड क्रमांक 36 में सिटी कोतवाली से लेकर नजीराबाद तक की कंक्रीट सड़क का निर्माण नगर निगम करा रही है. सड़क की ऊंचाई इतनी ज्यादा कर दी गई है कि लोगों के घर नीचे हो गए हैं और जैसे ही बरसात हुई, पूरा पानी उनके घरों में जाने लगा. इस वार्ड के करीब 30 से 25 घरों में जल भराव के हालात हैं. सत्यनारायण मंदिर के पुजारी राजेश पांडे के घर की तस्वीर देखकर अंदाजा लगा सकते हैं कि यहां के लोग किस हालत में बरसात का सामना करेंगे.

कई सड़कें बनी तालाब

वार्ड क्रमांक 43 टिकुरिया टोला से भी कुछ ऐसी ही तस्वीर सामने आ रही है, जहां कंधे किरण गली सहित तमाम रास्तों में पानी भर गया है. सड़क तालाब बन गई है. लोगों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. गंदा पानी लोगों के घरों में घुसने को है और राहत के लिए किसी प्रकार की सहायता भी उपलब्ध नहीं हो पा रही है.

मेटरनिटी वार्ड तक पहुंचा पानी

जिला अस्पताल के मेटरनिटी वार्ड में भी पानी भर रहा है. छत से पानी निकल कर खिड़की के सहारे अंदर आ रहा है और अस्पताल का पूरा परिसर जलमग्न हो चुका है. अगर निकट भविष्य में बरसात और भी जोरदार हुई, तो यह शहरी लोगों के लिए मुसीबत का सबब बन जाएगा.

प्त गोदवारी की गुफा बंद

जिले में हो रही बरसात के बाद भगवान राम की तपोभूमि चित्रकूट में स्थित गुप्त गोदावरी गुफा को बंद कर दिया गया है. जोरदार बरसात के बाद गुफा से काफी पानी निकलने लगा, जिससे दर्शनार्थियों को परेशानी हो सकती थी. लिहाजा, मंदिर प्रबंधन समिति ने जल भराव के चलते यह निर्णय लिया है.

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