*पुणे घोषणा पत्र सर्वसम्मति से स्वीकार ,मराठी कन्नड और हिंदी में छपा समाजवादी साहित्य भी खूब बिका*
पुणे तीन दिवसीय “ समाजवादी एकजुटता सम्मेलन “ का आज रात्रि 21 सितम्बर को करीब आठ बजे समापन समारोह सम्पन्न हुआ । बहुत शानदार आयोजन हुआ और देश भर से 600 प्रतिनिधि जुटे । कुल आठ सत्र हुये जिनमें अनुमानित एक सौ साथियों ने अपनी राय रखी । बीच बीच में समाजवादी व राष्ट्र सेवा दल की युवा मंडलियों द्वारा सुरुचिपूर्ण कई सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किये । पुणे घोषणा पत्र सर्वसम्मति से स्वीकार हुआ जिसमें भविष्य की रूपरेखा बनी और तमाम संगठनों के बीच विचार संगठन और व्यवहार की एकता पर सम्मति बनी ! संतोष की बात यह भी थी कि योजनानुसार सभी सत्र समय से पूरे होते गये ! सुबह नौ बजे से रात तक आठ बजे तक लगातार चले सत्रों में हॉल खचाखच भरा रहता था और बाहर हमेशा एक सौ लोग बतियाते रहते थे। नाश्ता चाय भोजन का भी ठीक इंतजाम रहा । मराठी कन्नड और हिंदी में छपा समाजवादी साहित्य भी खूब बिका ।

सभी ने अच्छी सौहार्दपूर्ण भावना के साथ मिलजुलकर वर्तमान की चुनौतियों से निपटने और अपने समाजवादी विचार बीज को बचाने के साथ भारतीय राजनीति में गुणात्मक परिवर्तन लाने के लिये सिविलनाफरमानी का रास्ता अपनाने पर सहमति दी । भविष्य का कार्यक्रम भी बना कि सब समाजवादी सहमना संगठन मिल कर लगातार कुछ करेंगें ! क्या करेंगें यह भी निश्चित हुआ ।
समापन समारोह की अध्यक्षता प्रो राजकुमार जैन ने की और मुख्य वक्तव्य देने की ज़िम्मेदारी मेरी थी जबकि 96 वर्षीय बाबा अढाव ने शामिल होकर एक अत्यतं जोशपूर्ण भाषण से समापन समारोह में अतिरिक्त जान डाल दी । हिंद मजदूर किसान पंचायत के श्री कलप्पा , समाजवादी समागम के प्रो राजकुमार जैन , प्रो आनंद कुमार व प्रो विनय भारद्वाज, विधायक एवं कर्नाटक योजना आयोग के उपाध्यक्ष श्री बी आर पाटील , संघर्षशील आंदोलनकारी सुश्री मेधा पाटकर , डा० सुनीलम समेत अन्य स्थानीय आयोजक संगठनों जैसे राष्ट्र सेवादल , युसुफ मेहर अली सैंटर , गांधी स्मारक निधि , अंध श्र्दधा निर्मूलन समिति आदि के प्रतिनिधि मंच पर उपस्थित रहे ।
स्थानीय साथियों के साथ सम्मेलन की तैयारी में लगे रहे समाजवादी साथी अरुण श्रीवास्तव, सुनीलम और बीआर पाटील की सफल मेहनत की सभी ने मुक्तकंठ से प्रशंसा की! उमस भरे वातावरण में जगह जगह घूमने दौरा करने और सम्मेलन की तैयारियों में लगे रहे अरुण श्रीवास्तव को ऐन मौके पर बीमार पड़ कर अस्पताल में दाखिल होना पड़ा !
पुणे संकल्प पत्र पर अमल हम सबको मिलकर करना है 2 अक्टूबर को देश भर में सत्याग्रह हो यह अपील बाबा अडाव ने की थी । मेधा पाटकर ने बिंदुबार संकल्प पत्र पढ़ा ।