Site icon अग्नि आलोक

*सिंधिया ने अपने सरदारों को लुटाया ‘पत्तियों का सोना’*

Share

देशभर में दशहरा की धूम मची है। सुबह परंपरानुसार शस्त्र पूजन किया गया और प्रतीकात्मक बलि दी गई। दशहरे पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी पूजन किया। ग्वालियर के सिंधिया राजघराने की परंपरानुसार उन्होंने इस मौके पर विधि विधान से शमी पूजन किया। राजघराने की तलवार से शमी वृक्ष को स्पर्श किया। इसके बाद सोने का स्वरूप मानी जाती शमी की पत्तियों को वहां मौजूद लोगों ने लूटा और सिंधिया को भेंट की।

केंद्रीय मंत्री ज्योति​रादित्य सिंधिया दशहरा पर सुबह अपने कुलदेवता की पूजा-अर्चना करने पहुंचे। सिंधिया के साथ उनके पुत्र महाआर्यमन भी थे। ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके पुत्र राजसी पोशाक में गोरखी पहुंचे। यहां देवघर में सिंधिया ने पुत्र सहित कुलदेवता की पूजा की।

ज्योतिरादित्य सिंधिया शाम को मांढरे की माता पर पहुंचे। यहां पुलिस बैंड ने परंपरागत तरीके से उनकी आगवानी की। इसके बाद विधिविधान के साथ चबूतरे पर देव स्थापित करने के बाद उन्होंने पूजन किया।

शाही तलवार से शमी पत्तियों को स्पर्श कर लुटाया

देव पूजन के बाद केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सिंधिया राजवंश की पंरपरा के अनुसार शाही तलवार से शमी पत्तियों को स्पर्श कर लुटाया। सोने का स्वरूप मानी जाने वाली शमी की इन पत्तियों को सरदारों ने लूटा। बाद में ज्योतिरात्यि सिंधिया और उनके पुत्र महाआर्यमन सिंधिया को ये पत्तियां भेंट की।

Exit mobile version